‘हार्ट अटैक के 500 मरीजों की बचाई जान’:लोहिया संस्थान का दावा, 10 जिलों के मरीजों को मिल रहा राउंड द क्लॉक इलाज

राजधानी के डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने स्टेमी केयर प्रोग्राम के तहत लखनऊ समेत 10 जिलों के 500 दिल के मरीजों को उपचार देकर जान बचाई है। यह पहल उन रोगियों के लिए संजीवनी बनी है जिन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद तत्काल इलाज की जरूरत होती है। ये रोगी सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना, घबराहट के लक्षण के साथ जिला अस्पतालों में पहुंचे थे। 13 हजार से ज्यादा मरीजों का देखा ECG लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि संस्थान के डॉक्टर स्टेमी केयर यूपी के तहत इन जिलों के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने इमरजेंसी में पहुंचे 13 हजार 881 रोगियों के ECG भेजे।यहां के डॉक्टरों ने 500 दिल का दौरा वाले रोगियों को बिना देर निदान किया। 315 मरीजों की थ्रोम्बोलाइसिस को जिला अस्पताल में उपलब्ध निशुल्क दवा देकर इनके खून के थक्के खोले। 180 मरीजों को लोहिया संस्थान लाकर भर्ती किया। इनकी एंजियोग्राफी कर करीब 100 रोगियों की एंजियोप्लास्टी कर स्टंट डाला। ये सभी मरीज अब स्वस्थ हैं। ऐसे मरीजों के लिए बना संजीवनी डॉ.भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि स्टेमी केयर यूपी कार्यक्रम के तहत लोहिया संस्थान हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से हार्ट अटैक रोगियों के लिए समय पर निदान, तत्काल उपचार तथा त्वरित रेफरल की सुविधा मुहैया करा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जिलों में खासकर ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों तक कार्डियोलॉजी सेवाएं पहुंचाकर रोगियों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है। लोहिया संस्थान से जुड़े हैं ये जिले डॉ.भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि लोहिया संस्थान से लखनऊ, हरदोई, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बलरामपुर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, आजमगढ़ व मऊ समेत 10 जिलों दिल के रोगियों को डिजिटल उपचार मुहैया कराया जा रहा है। इन जिलों के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर सीने में दर्द, घबराहट व बेचैनी व हार्ट अटैक के लक्षण वाले रोगियों के आते ही फौरन ईसीजी करके रिपोर्ट लोहिया संस्थान को भेजते हैं।