14 साल की बहन से 5 लड़कों ने दरिंदगी की:मेरठ में बहन बोली- पुलिस ने शिकायत बदलवाई, केवल एक लड़के को आरोपी बनाया

‘मेरी बहन सिर्फ 14 साल की थी। दरिंदगी करने वाले 5 लड़के थे, मगर पुलिस ने सिर्फ 1 लड़के को आरोपी बनाया। हम झूठ क्यों बोलेंगे, किसी को जानते नहीं, किसी से दुश्मनी नहीं। हमारी शिकायत भी बदलवा दी गई। सिर्फ बहन को इंसाफ दिलाना है।’ रेप पीड़िता की बहन ये आरोप लगाते हुए रोने लगी। 25 जनवरी को रेप होने के बाद लड़की ने सल्फॉस खा लिया। 30 जनवरी को लड़की ने दम तोड़ दिया। परिवार ने हंगामा किया। भाई कहते हैं- बहन लहूलुहान हालत में मिली। वो इतने सदमे में थी कि खुद के बारे में सिर्फ टूटी-फूटी बातें कह पा रही थी। दर्द में थी, गांव में बेइज्जती का सोचकर उसने जान दे दी। ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। मरने वाली लड़की OBC बिरादरी से है। सियासत न शुरू हो जाए, इसलिए बहसूमा इलाके के महमूदपुर सिखेड़ा गांव की तरफ आने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस सिर्फ गांव के रहने वालों को ही जाने दे रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… परिवार के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम समझिए आरोपी सिर्फ 1.5 Km दूर रहता, रात में बुलाकर शराब पिलाई
मेरठ से 30 Km दूर महमूदपुर सिखेड़ा गांव है। यहां 25 जनवरी की रात 3 बजे लड़की अपने घर से करीब 1.5 Km दूर आरोपी अनुज के घर जाती है, वो दोनों पहले से एक दूसरे को जानते थे। आरोप है कि अनुज लड़की को शराब पिलाता है, फिर उसका रेप करता है। सौरभ, यामीन, अमन और एक अज्ञात लड़का भी लड़की से रेप करते हैं। फिर लहूलुहान हालत में लड़की को छोड़कर भाग जाते हैं। सुबह अनुज की मां ही लड़की को लेकर उसके घर जाती है, वो उस वक्त भी बेहद खराब हालत में थी। थोड़ा संभलने के बाद लड़की अपने साथ हुई आपबीती सुनाती है। लड़की को लेकर उसके परिवार के लोग अनुज के घर जाते हैं, मगर अनुज की मां कहती हैं- इस तरह से मैं तुम्हारी लड़की को नहीं रख सकती हूं। घर वापस लौटने के बाद लड़की ने घर में रखा सल्फॉस खा लिया। बेटी की हालत बिगड़ने के बाद उसको मेडिकल कॉलेज में एडमिट किया गया। हालत बिगड़ने के बाद 29 जनवरी को उसे वेंटिलेटर पर लाया गया। दिमाग काम नहीं कर रहा, रात में ही दाह संस्कार का दबाव
डॉक्टर ने बताया कि लड़की का दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा है। शरीर सुन्न हो गया। 30 जनवरी को शाम 5 बजे पीड़िता ने वेंटिलेटर पर ही दम तोड़ दिया। रात 8 बजे पुलिस ने उसका पोस्टमॉर्टम कराया, फिर रात को ही पुलिस उसकी डेडबॉडी को गांव में लाई। रात में अंतिम संस्कार का दबाव बनाती रही, लेकिन घरवाले नहीं माने। पुलिस ने पूरे गांव को सील कर दिया। गांव के सभी एंट्री प्वाइंट पर फोर्स लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई। गांव में एंट्री रोक दी गई। खुद एसपी देहात, सीओ मवाना और 5 थानों की फोर्स गांव के अंदर और बाहर तैनात रही। 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे काफी मानमनोव्वल और हंगामे के बाद पीड़िता का अंतिम संस्कार पुलिस की निगरानी में हुआ। परिजन बोले- बात नहीं कर सकते, पुलिस वाले मोबाइल चेक करते हैं
लड़की के परिवार ने बताया- हम किसी से बात न कर सके, इसलिए पूरे गांव का इंटरनेट बंद कर दिया गया है। हमारे लोगों को गांव के अंदर भी आने नहीं दिया जा रहा है। न ही हमें किसी से मिलने दिया जा रहा है। पुलिस बार-बार हमारे मोबाइल चेक कर रही है। पूरे गांव के सभी एंट्री पॉइंट ब्लॉक है, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। परिजन कहते हैं- हम सिर्फ अपनी बच्ची के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। परिवार का आरोप है- 26 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने FIR नहीं लिखी। 29 जनवरी को FIR लिखी गई, तब हमें पता चला कि हमारा शिकायत लेटर भी बदल गया है। पुलिस ने रेप का 1 ही आरोपी अनुज को बनाया है, जबकि हमारी बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ था। अनुज और उसके साथियों के नाम शिकायत में दिए थे, लेकिन पुलिस ने वो नाम FIR में नहीं लिखे। केवल अनुज उसकी मां, पिता और भाई के खिलाफ मुकदमा लिखा है। पुलिस ने केवल अनुज को अरेस्ट किया, बाकी उसके घर के सारे लोगों को पुलिस बचा रही है, उनको फरार कर दिया है। अब पीड़िता की बहन की बात भाइयों से कैसे बताती कि ब्लीडिंग नहीं रुक रही?
बड़ी बहन कहती हैं- अनुज की मां मेरी बहन को बदहवास हालत में हमारे घर लेकर आई थी। सुबह के 4 बज रहे होंगे, बहन उनके कंधे पर सहारा लिए हुई थी। सबसे पहले मेरी मम्मी ने उनको देखा। अनुज की मां ने जैसे ही मेरी बहन को छोड़ा, वो गिर पड़ी। मैं भी बाहर आ गई। देखा कि बहन के अंदर से बाहर तक सारे कपड़ों पर खून था। वो जहां गिरी, वहां भी फर्श पर खून हो गया। हम घबराए कि ये क्या हुआ। अनुज की मां अपने घर लौट गई। मेरी बहन उस वक्त कुछ सही से बोल नहीं पा रही थी। ऐसा लग रहा था उसे किसी ने शराब पिलाई है, वो नशे में थी। सुबह मेरी बहन ने किसी तरह बताया कि अनुज उसके साथियों ने उसके साथ रेप किया है। फिर हम लोग बहन को लेकर अनुज के घर गए। जहां अनुज के घरवालों ने हमारे ऊपर हमला किया। हमें भलाबुरा भी कहा। इसके बाद हम अपने घर लौटे, तो मेरी बहन ने घबराकर और अनुज के परिवार के लोगों का रवैया देखकर घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी वो चिल्लाने लगी। बहन आगे कहती है कि मुझे भाइयों को बताते हुए भी शर्म आ रही थी कि उसकी ब्लीडिंग नहीं रुक रही थी। हमें अपनी बहन के वो खून से सने कपड़े भी नहीं मिले जो कपड़े अस्पताल में डॉक्टरों ने चेंज कराए थे। डाक्टरों ने खुद कहा कि ये अकेले का काम नहीं है, गैंगरेप है। मेरी बहन को उन लड़कों ने इतना डराया हुआ था कि वो केवल अनुज का नाम बता पाई, किसी और का नाम नहीं बता पाई। वह कहती हैं- मेरी बहन की उस लड़के से दोस्ती थी, वो लड़का खुद कह रहा है कि मेरी बहन उसके साथ 4 साल से दोस्ती में थी। तो मेरी बहन अभी कुल 14 साल की थी, वो लड़का क्या 10 साल से मेरी बहन का शोषण कर रहा था। माना प्यार था, तो प्यार तो केवल एक के साथ था, या उसके यार-दोस्तों के भी साथ भी था। अब मां की बात मेरी फूल सी बेटी को दरिंदों ने कुचल दिया
मां ने कहा- मेरी फूल सी बेटी को उन दरिंदों ने कुचल दिया और अब वो खुले घूम रहे हैं उन पर मुकदमा भी नहीं लिखा गया। पुलिस ने केवल एक आरोपी पकड़कर कह दिया कि न्याय हो गया। मेरी बेटी सांस तक नहीं ले पा रही थी। डॉक्टर ने कहा कि इसकी बच्चेदानी तक फटी हुई है, ऐसा चार-पांच लोग जब मिलकर गलत काम करते हैं, तब होता है। OBC सियासत न हो, इसलिए गांव छावनी में तब्दील
मेरठ में 8 जनवरी को सरधना में हुए कपसाड़ कांड के बाद पुलिस इस मामले में पहले से ही सतर्कता बरतती नजर आई। कहीं कपसाड़ की तरह यहां भी नेता गांव में आकर राजनीति न शुरू कर दें, इससे पुलिस पहले ही पूरी तैयारी कर चुकी थी। 30 जनवरी की रात से ही गांव में पुलिसबल लगाया गया। अंदर, बाहर फोर्स रही और गांव में एंट्री बंद कर दी है। अभी भी पीड़िता के घर के आसपास से लेकर पूरे गांव में फोर्स तैनात है। एसपी खुद पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अब पुलिस की बात पढ़िए… पूरे मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि थाना बहसूमा पर एक किशोरी के साथ रेप की घटना की शिकायत आई थी। जिसमें एक आरोपी अनुज का नाम लिखा गया था। साथ ही उसके माता, पिता पर झगड़ा करने का आरोप था। शिकायत के आधार पर आरोपी अनुज उसके माता, पिता और भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी अरेस्ट किया जा चुका है। अन्य लोगों पर भी कार्यवाही की जा रही है। वहीं दूसरे पक्ष का भी आरोप है कि पीड़िता की जहर खाने से मृत्यु उसके अपने घर पर हुई है, उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इसकी भी जांच की जा रही है। मुकदमे में विवेचना चल रही है, दोनों तरफ के साक्ष्यों की जांच की जा रही है। किशोरी का दाह संस्कार परिवार की तरफ से कर दिया गया है। गांव में शांति है, परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में पूरी सुरक्षा लगाई गई है। दोनों पक्षों के वीडियो पर बयान हो रहे हैं। ————- ये पढ़ें – गैंगरेप पीड़ित की मौत, गांव में तनाव: 4 थानों की फोर्स तैनात रही, बैरिकेडिंग करके लोगों को रोका, 20 घंटे बाद अंतिम संस्कार मेरठ में बंधक बनाकर गैंगरेप के बाद 14 साल की लड़की ने जहर खा लिया। अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार रात उसने दम तोड़ दिया। पीड़ित की मौत के बाद परिवार ने हंगामा कर दिया। पुलिस पर एक्शन न लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने आनन-फानन में देर रात ही लड़की का पोस्टमॉर्टम कराया और फोर्स के साथ डेडबॉडी गांव भेज दी। पढ़िए पूरी खबर…