24 घंटे तक OPD बंद करने का निर्णय टला:KGMU में मंगलवार को खुलेगी OPD, CM से मिलीं कुलपति; कर्मचारी-डॉक्टरों को मनाया

KGMU में दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद सोमवार देर रात को अगले 24 घंटे के लिए OPD संचालन ठप करने के निर्णय को वापस ले लिया गया। कुलपति के दबाव के चलते कर्मचारी-डॉक्टर संगठन OPD हड़ताल को 24 घंटे तक टालने को राजी हो गए। हालांकि, मंगलवार दोपहर बाद बैठक कर आगे की रणनीति की चर्चा की जाएगी। KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक कुलपति के अनुरोध के बाद सभी संगठनों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल एक दिन के लिए स्थगित कर दी है। मंगलवार को सामान्य कामकाज होगा। उम्मीद है कि घटना को लेकर तब तक FIR दर्ज हो जाएगी। इससे पहले यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से नाराज KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) के डॉक्टरों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था- अगर FIR नहीं लिखी गई तो 13 जनवरी, मंगलवार को OPD बंद रखेंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चलेंगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं थी। उन्हें पूरे प्रकरण और विशाखा समिति की रिपोर्ट से अवगत कराया था। सीएम योगी ने कुलपति को कर्मचारी संगठनों से बात करने और मनाने के निर्देश दिए थे। प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया था- कट्टरपंथी गतिविधि को लेकर बनाई गई 7 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच स्थगित स्थगित कर दी गई है। मामले की जांच अब STF ने शुरू कर दी है। OPD और इमरजेंसी सेवाएं चलेंगी
KGMU परिसर में सोमवार को शिक्षक संघ, रेजिडेंट्स, नर्सिंग, और कर्मचारी संघ की संयुक्त समिति की बैठक हुई। इस दौरान 9 जनवरी को प्रशासनिक भवन के VC ऑफिस परिसर में उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ हुई अभद्रता पर नाराजगी जताई गई। चीफ प्रॉक्टर ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ गया था। सीएम योगी से मुलाकात के बाद कुलपति ने बुलाई बैठक मुख्यमंत्री से मिलकर लौटीं KGMU कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सभी संगठनों की बैठक बुलाई। इस बैठक में OPD बंद करने के निर्णय को लेकर 2 वार्ता हुई। KGMU प्रशासन की तरफ से सोमवार शाम एक रिलीज जारी कर बताया गया कि कुलपति ने मुख्यमंत्री से उनको वर्तमान घटनाक्रम और विशाखा समिति के सन्दर्भ में कमेटी की रिपोर्ट से अवगत कराकर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री की तरफ से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस विषय में उठाये गये कदमों पर संतोष जाहिर किया गया है। उन्होंने KGMU और कुलपति कार्यालय के गौरव और इसकी सुरक्षा को लेकर भरोसा दिया। धर्मांतरण को लेकर उनके द्वारा कहा गया कि ये बड़ा मामला है। इसकी जांच विश्वविद्यालय प्रशासन की क्षमता के बाहर होने के कारण STF द्वारा इसकी जांच कराई जाएगी। सीएम ने KGMU परिवार के सदस्यों के धैर्य बनाये रखने को कहा। शिकायत के 72 घंटे बाद भी एक्शन नहीं
लिखित शिकायत के बावजूद चौक कोतवाली पुलिस ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है। जबकि लेटर दिए 72 घंटे बीत चुके हैं। डॉक्टरों ने कहा- जब कैंपस में कुलपति और आला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी शिक्षक, रेजिडेंट, नर्सिंग और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा की बात करना ही बेकार है। STF ने शुरू की जांच
प्रो. केके सिंह ने बताया- कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार सुबह राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। अभी कुलपति सीएम से मिलने गई हैं। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच स्थगित कर दी गई है। अब धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच STF ने शुरू कर दी है। अपर्णा यादव के समर्थकों ने किया था हंगामा
KGMU में शुक्रवार, 9 जनवरी को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पहुंचने के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। KGMU प्रशासन का आरोप था कि इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ भी हुई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने इस मामले में FIR दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को ही तहरीर दी थी। तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। ऐसे में KGMU के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में आक्रोश है। ये सभी अब आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। पुलिस अलर्ट, LIU भी एक्टिव
KGMU में सोमवार को चिकित्सा सेवा के बहिष्कार और आंदोलन की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। LIU भी लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने किसी भी तरह के हंगामे से निपटने के लिए इंतजाम किए हैं। KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि अभी सभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। हमें भरोसा है कि पुलिस बहुत जल्द FIR दर्ज करेगी। सोमवार को इसको लेकर पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। पढ़िए क्या है पूरा मामला… पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की, तब सामने आया मामला
पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है। मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की
पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया। 24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। —————— संबंधित खबर पढ़िए… KGMU विवाद पर सीएम योगी से मिलीं अपर्णा यादव:प्रॉक्टर ने उनके खिलाफ थाने में दी शिकायत, यूनिवर्सिटी में समर्थकों ने किया था हंगामा लखनऊ में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार को सीएम योगी से मुलाकात कर KGMU लव जिहाद प्रकरण की जानकारी दी। वहीं KGMU प्रशासन ने अपर्णा यादव समेत उनके समर्थकों के खिलाफ KGMU में उत्पात मचाने की शिकायत चौक थाने में देकर FIR दर्ज करने की मांग की। पूरी खबर पढ़ें