5 मिनट में मौत, 50 मिनट बॉडी लिफ्ट में फंसी:CCTV देख बेटे चीख पड़े; मेरठ के स्पोर्ट्स कारोबारी की मौत के आखिरी 25 मिनट

मेरठ में 26 जुलाई की शाम स्पोर्ट्स कारोबारी हरविंदर सिंह उर्फ पिंटू की लिफ्ट में फंसकर मौत हो गई थी। पिता की बॉडी को लिफ्ट में लटका देखकर उनके दोनों बेटे चीख पड़े थे। पुलिस ने रविवार को फैक्ट्री में लगे CCTV की फुटेज दोनों बेटों के सामने देखी। बेटे सिर्फ इतना कह सके कि कोई तो पापा को बचा लेता? सामने आया कि हरविंदर सिंह फैक्ट्री के अंदर माल ढुलाई के लिए लगी लिफ्ट में झांक रहे थे। उस वक्त बिजली नहीं आ रही थी, अचानक लाइट आने से हादसा हो गया। फिर CCTV में जो कुछ दिखा, वो बेहद दर्दनाक था। पढ़िए स्पोर्ट्स कारोबारी की मौत के आखिरी 25 मिनट की कहानी… अचानक बिजली आने से गर्दन लिफ्ट और लिंटर के बीच फंसी
स्पोर्ट्स कारोबारी हरविंदर सिंह की सूरजकुंड एरिया में इंडियन स्पोर्ट्स के नाम से फैक्ट्री है। फैक्ट्री में माल को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक ले जाने के लिए ओपन लिफ्ट लगी है। ये दर्दनाक घटना शनिवार शाम 5.30 बजे हुई। हरविंदर लिफ्ट से दूसरी मंजिल पर जा रहे थे। अचानक बिजली चली गई। हरविंदर नीचे झांककर देखने लगे, तभी अचानक बिजली आ गई। लिफ्ट के सरकते ही हरविंदर की गर्दन लिफ्ट और लिंटर के बीच में फंस गई। सीसीटीवी में दिख रहा है कि हरविंदर की गर्दन फंसते ही वो तड़पने लगे। सिर्फ 5 मिनट के अंदर छटपटाती बॉडी शांत हो गई। गर्दन उसी तरह लिफ्ट में फंसी रही और बॉडी अंदर ही थी। अगले 20 मिनट कोई मूवमेंट नहीं दिखाई देती है। इसके बाद कुछ लोग वहां पहुंचे। लिफ्ट खोलकर बॉडी निकालने में भी पूरे 25 मिनट का समय लग गया। इस तरह 50 मिनट तक हरविंदर का शरीर लिफ्ट में दो भागों में अटका रहा। इस ओपन लिफ्ट में खून ही खून बिखरा दिख रहा है। किसी तरह हरविंदर को बाहर निकालकर लोगों ने उन्हें गोद में उठाया। नीचे ग्राउंड फ्लोर पर लाए। इसके बाद कार से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। 50 मीटर दूर से ही रोने की आवाज सुनाई देने लगीं
रविवार दोपहर मेरठ में हरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद रिश्तेदार और दोस्त घर के बाहर शोक मनाते रहे, परिवारवालों को संभालते रहे। दैनिक भास्कर भी परिवार का दर्द बांटने जवाहर क्वार्टर पहुंचा। घर के बाहर सफेद टेंट लगा हुआ था। परिवार के लोगों के रोने की आवाज 50 मीटर दूर से ही सुनाई देने लगी थी। हमने परिवार के लोगों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने मना कर दिया। कहने लगे कि परिवार बहुत परेशान है। मौके पर पहुंचे दुकानदारों ने जो देखा, वो पढ़िए… सनी बोले- अंकल की गर्दन बाहर लटकी थी
इंडियन फैक्ट्री के सामने ही दूसरी फैक्ट्री के मालिक सनी सैनी कहते हैं- इंडियन स्पोर्ट्स के सामने ही हमारी फैक्ट्री है। शनिवार शाम को अचानक वहां से चीखने की आवाजें आने लगीं। हमें समझ नहीं आया कि वहां क्या हुआ है? मैं उनकी फैक्ट्री की ओर भागा। वहां जाकर पता चला कि हरविंदर अंकल ऊपर लिफ्ट में फंसे हैं। हम लोग तुरंत फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर पहुंचे। वहां देखा तो लिफ्ट में अंकलजी बुरी तरह फंसे हुए थे। उनकी गर्दन बाहर थी, बॉडी अंदर थी। पूरी जगह में खून ही खून बिखरा हुआ था। लोहे की रॉड फंसाकर लिफ्ट खोली
मौके पर पहुंचे इकबाल सिंह कहते हैं- हमें कुछ नहीं पता, अचानक क्या हुआ था। हमें इतना पता चला कि हमारे अंकल जी लिफ्ट में फंस गए हैं। हम लोग भागकर यहां आए। हमने जो देखा, उससे हमारे होश उड़ गए। किसी ने इलेक्ट्रिक कटर सर्विस, किसी ने पुलिस तो किसी ने एम्बुलेंस को कॉल किया। हमने लिफ्ट सर्विसमैन को भी बुलाया। लेकिन उनके आने से पहले हमारे अंकलजी को बाहर निकालना जरूरी था। हम लोगों ने तुरंत लोहे की सरिया लिफ्ट में फंसाकर किसी तरह उनकी गर्दन निकाली। फिर बॉडी को बाहर निकाला, लेकिन उन्हें बचा नहीं सके। 1977 में फैक्ट्री खोली, अब 12 कर्मचारी काम करते हैं
सूरजकुंड व्यापार संघ के अध्यक्ष अनुज सिंहल ने बताया- हरविंदर के बड़े भाई की भी फैक्ट्री है। ये लोग नीकैप और एल्बो बनाते थे। फिर उसको स्पोर्ट्स मटेरियल के होलसेलर्स को बेचते थे। घर में दो बेटे अवनीत, सवनीत और 1 बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। मूलरूप से ये परिवार पाकिस्तान के सियालकोट का रहने वाला है। उनके पिता इंदर सिंह वहीं के रहने वाले थे। बंटवारे के वक्त ये लोग इंडिया आए और मेरठ में रहने लगे। 1977 में इंदर सिंह ने यह फैक्ट्री शुरू की थी। मौजूदा वक्त में इस फैक्ट्री में 10 से 12 कर्मचारी काम करते हैं। इनके काम की निगरानी रखने के लिए फैक्ट्री में सीसीटीवी लगवाए गए थे। कंट्रोल और डीवीआर ग्राउंड फ्लोर पर था। शनिवार शाम जब एक कर्मचारी की निगाह स्क्रीन पर गई, तो उसने देखा कि लिफ्ट दूसरी मंजिल पर रुकी हुई है। उसमें बाहर हरविंदर की गर्दन लटकी है। तब स्टाफ जोर से चीखा कि अंकल लिफ्ट में फंस गए हैं। चीख सुनकर आसपास के दुकानदार और फैक्ट्री का दूसरा स्टाफ तुरंत सीढ़ियों से ऊपर की मंजिल पर गए। तब हादसे का पता चला। सीओ अभिषेक कहते हैं- परिवार ने पुलिस को शिकायत नहीं सौंपी है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम का प्रॉसेस किया, हालांकि परिवार ये भी नहीं चाहता था। फैक्ट्री में लिफ्ट लगाने के लिए मैप पास कराया गया था या नहीं? ये मेरठ प्राधिकरण ही क्लियर करेगा। पुलिस इसके लिए संपर्क कर रही है। ————————— ये खबर भी पढ़े : मेरठ में लिफ्ट में फंसी स्पोर्ट्स कारोबारी की गर्दन, सिर कटकर लटका, धड़ के साथ घिसटता हुआ दूसरी मंजिल पर पहुंचा मेरठ में लिफ्ट में फंसकर 63 साल के स्पोर्ट्स कारोबारी की मौत हो गई। लिफ्ट में गर्दन फंस गई। सिर आधे से ज्यादा कटकर लटक गया। कारोबारी घिसटते हुए दूसरी मंजिल पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट से उन्हें निकाला गया। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पढ़िए पूरी खबर…