एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनके पास से 70 से ज्यादा डुप्लीकेट मार्कशीट, टीसी बरामद की गई हैं। एसटीएफ की माने तो करीब 5 साल से यह गिरोह सक्रिय होकर काम कर रहा था, जिसके तार लखनऊ तक से जुड़े हैं। प्रति मार्कशीट यह गिरोह 5 हजार तक वसूलता आ रहा था। अब तक यह गिरोह 800 से ज्यादा मार्कशीट बना चुका है। यह लोग मेरठ, बड़ौत, देवरिया और बलिया में मार्कशीट सप्लाई करते थे। अब जानिए पूरा मामला…
मेरठ के गंगानगर स्थित एक मकान न. एफ 230 पर फर्जी मार्कशीट बनाने का काम किया जा रहा था। कुछ दिन पहले एसटीएफ की मेरठ यूनिट को सूचना मिली थी कि शहर में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। यूनिट ने सूचना पर काम शुरू किया। लगभग 15 दिन की निगरानी के बाद सोमवार देर रात उनकी टीम ने गंगानगर स्थित एक मकान एफ 230 पर छापा मारा। टीम ने मौके से तीन लोगों को दबोच लिया। मौके से बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट तैयार करने में प्रयुक्त होने वाला सामान बरामद हो गया। शहर के 20 प्रमुख स्कूलों की मोहर
एसटीएफ ने मौके से 25 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल मार्कशीट, 49 यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट मार्कशीट, दो मार्कशीट उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद, शहर के 20 प्रमुख स्कूलों की मोहर, दो ट्रांसफर सर्टिफिकेट, एक सनद व दो स्टैंप पैड, एक कंप्लीट डेस्कटॉप सिस्टम, एक एक्सटर्नल हार्ड डिस्क बरामद हुई है। पकड़े गए तीनों की पहचान पांडव नगर सिविल लाइन मेरठ के रहने वाले जितेंद्र पुत्र साधु, जागृति विहार के शिवकुमार पुत्र राकेश कुमार और जेल चुंगी के निखिल पुत्र बादाम सिंह के रूप में हुई है। गैंग का मास्टरमाइंड जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह 12वीं पास है। स्कूलों में सेटिंग कर एडमिशन कराता है। शिव कुमार एमए पास है। गढ़ रोड पर किराए पर एक स्कूल लेकर उसे चलाता है। निखिल तोमर बीकॉम पास है। जाहिदपुर हापुड़ रोड पर पिता के स्कूल में मैनेजर है। इस गैंग का मास्टरमाइंड जितेंद्र सिंह है। यह लोग मेरठ, बड़ौत, देवरिया और बलिया में मार्कशीट सप्लाई करते थे। 5 साल में 800 मार्कशीट बाजार में खपाई
एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया- पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पिछले 5 वर्षों से इसी काम को करता आ रहा था। करीब 800 से ज्यादा मार्कशीट इनके द्वारा तैयार कर बाजार में खपाई जा चुकी हैं। इस काम के लिए इन्होंने अलग-अलग शहरों में अपने गुर्गे छोड़े हुए हैं, जो स्कूल कॉलेज के बाहर पहुंच कर अपने काम को अंजाम देते थे। लेकिन मुख्य काम इनका मेरठ में होता था। तीन हजार में टीसी, 5 हजार में मार्कशीट
एसटीएफ की माने तो यह गिरोह उन छात्रों को अपना शिकार बना था, जिनको अंक कम होने के कारण मनचाहे संस्थान में प्रवेश नहीं मिल पाता था। यह उनकी मार्कशीट में कंप्यूटर स्कैनिंग के जरिए प्राप्तांक बढ़ाकर नई मार्कशीट थमा देते थे। इसकी बदले में वह 5 हजार वसूलते थे। इसके अलावा यह गिरोह 3 हजार रूपए में टीसी भी तैयार करता आ रहा था। बैक डेट की बना देते थे मार्कशीट
अफसरों की माने तो इस गिरोह के तार लखनऊ तक जुड़े हुए हैं। यह एक संगठित गिरोह है, जो लखनऊ में बैठकर भी काम कर रहा है। जिन लोगों को प्राइवेट संस्थान में नौकरी करनी होती थी, उनको यह बैक डेट की उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की मार्कशीट उपलब्ध करा दिया करते थे। लखनऊ में बैठे लोग वहां की जिम्मेदारी संभालते थे। बाकायदा पोर्टल पर उस मार्कशीट को चढ़ाकर दिया जाता था। अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया- आरोपियों का एक साथी लखनऊ में है जो कि प्रति फर्जी मार्कशीट तैयार करने के एवज में 5000 रुपये वसूलता है। अब STF गैंग की कुंडली खंगाल रही है। ———————— यह भी पढ़ें: मेरठ में युवक की हत्या, लाइव VIDEO:भीड़ के सामने सिर में सटाकर गोली मारी, 6 घंटे में आरोपी भतीजे और दोस्त का एनकाउंटर मेरठ में 30 साल के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक दो बेटियों को स्कूल से छोड़कर लौट रहा था। तभी घर से 500 मीटर दूर बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना का CCTV भी सामने आया है। इसमें युवक सड़क पर मोबाइल चलाते हुए पैदल जाता दिख रहा है, तभी पीछे से एक बदमाश आता है। पढ़िए पूरी खबर…
मेरठ के गंगानगर स्थित एक मकान न. एफ 230 पर फर्जी मार्कशीट बनाने का काम किया जा रहा था। कुछ दिन पहले एसटीएफ की मेरठ यूनिट को सूचना मिली थी कि शहर में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। यूनिट ने सूचना पर काम शुरू किया। लगभग 15 दिन की निगरानी के बाद सोमवार देर रात उनकी टीम ने गंगानगर स्थित एक मकान एफ 230 पर छापा मारा। टीम ने मौके से तीन लोगों को दबोच लिया। मौके से बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट तैयार करने में प्रयुक्त होने वाला सामान बरामद हो गया। शहर के 20 प्रमुख स्कूलों की मोहर
एसटीएफ ने मौके से 25 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल मार्कशीट, 49 यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट मार्कशीट, दो मार्कशीट उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद, शहर के 20 प्रमुख स्कूलों की मोहर, दो ट्रांसफर सर्टिफिकेट, एक सनद व दो स्टैंप पैड, एक कंप्लीट डेस्कटॉप सिस्टम, एक एक्सटर्नल हार्ड डिस्क बरामद हुई है। पकड़े गए तीनों की पहचान पांडव नगर सिविल लाइन मेरठ के रहने वाले जितेंद्र पुत्र साधु, जागृति विहार के शिवकुमार पुत्र राकेश कुमार और जेल चुंगी के निखिल पुत्र बादाम सिंह के रूप में हुई है। गैंग का मास्टरमाइंड जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह 12वीं पास है। स्कूलों में सेटिंग कर एडमिशन कराता है। शिव कुमार एमए पास है। गढ़ रोड पर किराए पर एक स्कूल लेकर उसे चलाता है। निखिल तोमर बीकॉम पास है। जाहिदपुर हापुड़ रोड पर पिता के स्कूल में मैनेजर है। इस गैंग का मास्टरमाइंड जितेंद्र सिंह है। यह लोग मेरठ, बड़ौत, देवरिया और बलिया में मार्कशीट सप्लाई करते थे। 5 साल में 800 मार्कशीट बाजार में खपाई
एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया- पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पिछले 5 वर्षों से इसी काम को करता आ रहा था। करीब 800 से ज्यादा मार्कशीट इनके द्वारा तैयार कर बाजार में खपाई जा चुकी हैं। इस काम के लिए इन्होंने अलग-अलग शहरों में अपने गुर्गे छोड़े हुए हैं, जो स्कूल कॉलेज के बाहर पहुंच कर अपने काम को अंजाम देते थे। लेकिन मुख्य काम इनका मेरठ में होता था। तीन हजार में टीसी, 5 हजार में मार्कशीट
एसटीएफ की माने तो यह गिरोह उन छात्रों को अपना शिकार बना था, जिनको अंक कम होने के कारण मनचाहे संस्थान में प्रवेश नहीं मिल पाता था। यह उनकी मार्कशीट में कंप्यूटर स्कैनिंग के जरिए प्राप्तांक बढ़ाकर नई मार्कशीट थमा देते थे। इसकी बदले में वह 5 हजार वसूलते थे। इसके अलावा यह गिरोह 3 हजार रूपए में टीसी भी तैयार करता आ रहा था। बैक डेट की बना देते थे मार्कशीट
अफसरों की माने तो इस गिरोह के तार लखनऊ तक जुड़े हुए हैं। यह एक संगठित गिरोह है, जो लखनऊ में बैठकर भी काम कर रहा है। जिन लोगों को प्राइवेट संस्थान में नौकरी करनी होती थी, उनको यह बैक डेट की उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की मार्कशीट उपलब्ध करा दिया करते थे। लखनऊ में बैठे लोग वहां की जिम्मेदारी संभालते थे। बाकायदा पोर्टल पर उस मार्कशीट को चढ़ाकर दिया जाता था। अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया- आरोपियों का एक साथी लखनऊ में है जो कि प्रति फर्जी मार्कशीट तैयार करने के एवज में 5000 रुपये वसूलता है। अब STF गैंग की कुंडली खंगाल रही है। ———————— यह भी पढ़ें: मेरठ में युवक की हत्या, लाइव VIDEO:भीड़ के सामने सिर में सटाकर गोली मारी, 6 घंटे में आरोपी भतीजे और दोस्त का एनकाउंटर मेरठ में 30 साल के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक दो बेटियों को स्कूल से छोड़कर लौट रहा था। तभी घर से 500 मीटर दूर बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना का CCTV भी सामने आया है। इसमें युवक सड़क पर मोबाइल चलाते हुए पैदल जाता दिख रहा है, तभी पीछे से एक बदमाश आता है। पढ़िए पूरी खबर…