69 साल की बहन के पैर बांधे…करंट लगाया:सिर पर बांका मारा; कानपुर में हत्या कर 60 साल का भाई स्टेशन भागा

कानपुर में 69 साल की द्रौपदी आनंद को उनके ही 60 साल के भाई ने मार डाला। भाई ने बहन के पैर बांधे फिर उसमें करंट लगाकर टॉर्चर किया। बहन चीखती रही, लेकिन भाई को तरस नहीं आया। जान लेने के लिए भाई ने सिर पर बांके से भी हमला किया। खून से लथपथ लाश घर में ही छोड़कर भाई भाग निकला। घटना के 18 घंटे बाद भाई भगवानदास गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों पर बदहवास मिला। पुलिस ने भाई को हैलट हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। पुलिस को एक CCTV भी मिला है, जिसमें भगवानदास मर्डर के बाद स्टेशन पर टहलता हुआ दिखा है। पुलिस भगवानदास के होश में आने का इंतजार कर रही है, उसके बाद पूछताछ होगी। अभी तक सामने नहीं आया है कि भगवानदास ने अपनी उम्रदराज बहन को इतनी बुरी तरह से क्यों मारा? यह हत्या कानपुर के गोविंदनगर इलाके में हुई है। अब सिलसिलेवार पूरी घटना समझिए… गोविंद नगर के ब्लॉक-11 में द्रौपदी आनंद अपने भाई भगवान दास के साथ रह रही थी। भगवान दास एक बिस्कुट की फैक्ट्री में काम करता है। दोनों भाई-बहन अविवाहित हैं। इन दोनों के अलावा घर में और कोई नहीं रहता था। शनिवार सुबह लगभग 9.45 बजे घर में काम करने वाली नौकरानी प्रेमा पहुंची। उसने दरवाजे की घंटी बजाई, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। करीब 20 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तब प्रेमा पड़ोस में रहने वाले अमित बत्रा के घर पहुंची। उसने अमित बत्रा को पूरी बात बताई। इसके बाद अमित और प्रेमा भगवानदास के घर पहुंचे। कमरे में बेड पर मिली वृद्धा की बॉडी
अमित बत्रा जब भगवानदास के घर पहुंचे तो उन्होंने गेट को धक्का दिया। गेट खुल गया। वो अंदर दाखिल हुए तो भगवानदास कहीं नहीं दिखा। वहीं बेड पर द्रौपदी आनंद का लहूलुहान शव पड़ा था। उनके सिर से खून निकल रहा था इसके अलावा पैर रस्सी से बंधे थे, जिसमें बिजली का तार भी लपेटा था। उस तार का प्लग इलेक्ट्रिकल सॉकेट में लगा हुआ था। अमित बत्रा ने पुलिस को फोन किया। गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इसके बाद भगवानदास की तलाश शुरू की। पड़ोसी अमित बत्रा को पता था कि भगवानदास लगभग हर रोज गोविंदनगर रेलवे स्टेशन पर जाकर बैठता था। सीढ़ियों पर बदहवास मिले भगवानदास
अमित बत्रा कुछ और लोगों के साथ गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां पर भगवानदास को खोजना शुरू किया। तब भगवानदास बदहवास हालात में गोविंदपुरी स्टेशन की सीढ़ियों पर मिला। अमित बत्रा ने फिर से पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने भगवानदास को हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया। वहां वह बेहोशी की हालत में है। भाई-बहन की बाईपास सर्जरी हो चुकी
इंस्पेक्टर गोविंदनगर प्रदीप कुमार सिंह के मुताबिक, भगवानदास एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करता है। द्रौपदी की तबीयत खराब रहती थी। 5 दिन पहले ही वृद्धा एक अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आई थी। जांच में यह भी पता चला है कि दोनों की बाईपास सर्जरी हो चुकी है। भाई की बनियान और पैंट पर मिले खून के निशान
पुलिस ने घर से भगवानदास की बनियान बरामद की है, जिस पर खून के निशान है। जो पैंट वह पहने था, उस पर भी खून के निशान मिले हैं। इसके अलावा मौके से पुलिस ने वो बांका भी बरामद कर लिया है, जिससे द्रौपदी के सिर पर प्रहार किया गया था। तार, जिससे करंट लगाया गया था, वो भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। एक सप्ताह से चिड़चिड़ा हो गया था भगवान दास
डीसीपी साउथ दीपेन्द्रनाथ चौधरी ने बताया- पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाई बहन के बीच कभी लड़ाई-झगड़ा नहीं होता था। लेकिन, इधर एक सप्ताह से भगवानदास काफी चिड़चिड़ा हो गया था। यह भी पता चला है कि भगवानदास खुद बेहद डिप्रेशन का शिकार था। चार भाई-बहनों में किसी का परिवार नहीं बसा
डीसीपी दीपेंद्रनाथ चौधरी के मुताबिक, मृतका चार भाई-बहन थी। लेकिन, किसी का परिवार आगे नहीं बढ़ा। बड़े भाई वासू ने शादी नहीं की थी। एक बहन दुर्री की भी शादी नहीं हुई। वडोदरा में रहने वाले भाई पुरुषोत्तम की शादी हुई, लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं है। इसके बाद भगवानदास ने भी शादी नहीं की थी। सबसे छोटे भाई राजू की 35 साल की उम्र में मौत हो गई थी। डीसीपी साउथ ने बताया कि भगवानदास को होश आने के बाद घटना के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। उसके होश में आने का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही रविवार को शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया जाएगा। हत्यारोपी भगवानदास के बड़े भाई वडोदरा में जॉब करते हैं, वह रविवार सुबह कानपुर पहुंच रहे हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। ————————- ये खबर भी पढ़ेंः- यूपी में चलती ट्रेन में युवक की पीट-पीटकर हत्या, 15-20 लोग तब तक मारते रहे, जब तक मर नहीं गया; दिल्ली से आ रहा था यूपी के बागपत में चलती ट्रेन में सीट को लेकर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। युवक सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन से बागपत आ रहा था। फखरपुर स्टेशन के पास सीट पर बैठने को लेकर उसका विवाद हो गया। इसके बाद 15 से 20 लोगों ने मिलकर उसे लात-घूंसों और बेल्ट से पीटा। पढ़ें पूरी खबर…