स्कूल से लेकर आने के बाद पढ़ाई को लेकर डांट दिया था। इसके बाद बोल दिया कि पापा आएंगे फिर बात करेंगे। शायद इस वजह से डर गया। अपने मन की बात नहीं बताई। 100 रुपए मांगे कि रजिस्टर लेने जाना है। 100 मिलते ही घर से निकल गया। इसके बाद साइकिल से वृंदावन चला गया। यह कहना है मां आरती सोनी का। लखनऊ से एक 7वीं क्लास का बचा गायब हो गया। घरवालों ने पुलिस से शिकायत की। जांच में पता चला कि छात्र ने मां के मोबाइल में लखनऊ से मथुरा की लोकेशन चेक की है। इसके आधार पर पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की। करीब 55 किलोमीटर तक पुलिस उसको ट्रेस कर पाई। इसके बाद छात्र गायब हो गया। छात्र अचानक कहां गायब हो गया? किन परिस्थतियों में मिला? मथुरा तक कैसे पहुंचा? इन सब बिंदुओं पर दैनिक भास्कर ने पड़ताल की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…। पहले पूरी घटना को सिलसिलेवार पढ़िए… राजधानी का इलाका है पारा। यहां पिंक सिटी में कारोबारी धीरज वर्मा पत्नी आरती सोनी और 12 साल के बेटे विराट उर्फ वीर सोनी के साथ रहते हैं। 20 अगस्त की दोपहर 12 बजे स्कूल टीचर ने आरती को कॉल करके बताया कि विराट पढ़ाई नहीं कर रहा। विराट स्कूल से लौटा तो आरती ने डांट लगा दी। पिता के घर आने पर शिकायत करने की बात कही। इसके बाद छात्र मोबाइल में कुछ करने लगा। कॉपी खरीदने के लिए 100 रुपए मांगे
शाम करीब 5 बजे विराट ने अपनी मां से कॉपी खरीदने के लिए 100 रुपए मांगे। इसके बाद साइकिल से निकल गया। देर शाम पिता घर पहुंचे, लेकिन विराट नहीं लौटा। इस पर आसपास खोज शुरू की। लेकिन, कुछ नहीं पता चलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करके उसकी तलाश शुरू की। अब पढ़िए पुलिस ने कैसे की बच्चे की तलाश… CCTV में साइकिल से जाता दिखा
DCP पश्चिम विश्वजीत ने मामले की जानकारी होते ही बच्चे की तलाश के लिए पुलिस की 3 टीमें बनाईं। पुलिस CCTV की मदद से बच्चे की लोकेशन पता कर रही थी। शाम करीब 6 बजे आगरा एक्सप्रेस-वे के जीरो पॉइंट पर वह साइकिल से जाता दिखा। इसकी मदद से पुलिस आगे के फुटेज में देखने लगी। 3 किलोमीटर के दायरे में लापता हो गया
आगरा एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के बाद विराट काकोरी टोल प्लाजा पर करीब 8.47 पर दिखाई दिया। इससे पुलिस को मालूम हो गया कि इसी रास्ते से आगे बढ़ रहा है। उसी लिहाज से पुलिस लोकेशन ट्रेस कर रही थी। 245 किलोमीटर के माइल स्टोन पॉइंट पर रात करीब 10 बजे दिखा। लेकिन, कैमरे चेक करते हुए पुलिस आगे पहुंची तो 248 किलोमीटर पर गायब हो गया। इसके आगे CCTV में दिखना बंद हो गया। पुलिस ने आसपास पेट्रोलिंग कर रही टीम से पूछा, लेकिन उन्हें भी छात्र कहीं नहीं दिखाई दिया। तीन किलोमीटर का दायरा पुलिस के लिए बना चुनौती
पुलिस को जब छात्र की लोकेशन मिलना बंद हुई, तो टीम वहीं रूककर उसकी तलाश में जुट गई। 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव के प्रधानों से संपर्क किया। वहां बने होटलों में संपर्क किया। पूरे गांव में छात्र की फोटो सर्कुलेट करवाई। इसके अलावा हर जगह टीम ने अपना नंबर दिया। कोई भी अज्ञात बच्चा दिखने पर सूचना देने के लिए बोला। अगले दिन तक आसपास कुछ पता नहीं चला। तब पुलिस मथुरा रोड की तरफ बढ़ गई। अब पढ़िए छात्र मथुरा कैसे पहुंचा… ट्रक में बैठकर कानपुर पहुंचा, 2 दिन तक साथ रहा
छात्र 245 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर थक चुका था। इसके बाद उसने एक ट्रक को मदद के लिए रुकवाया। साइकिल ट्रक पर रखी और उसके साथ निकल गया। ड्राइवर को कानपुर से सामान लोड करना था। इसलिए ड्राइवर 2 दिन तक कानपुर में रुका। छात्र भी उसी के साथ रहा। 22 अगस्त को ड्राइवर कानपुर से सामान लेकर चला और 23 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे छात्र यमुना एक्सप्रेस-वे मथुरा कट के पास उतर गया। फिर वह साइकिल से गौरी गोपाल आश्रम पहुंचा। परिवार के साथ जाने की वजह से जानकारी थी
विराट कुछ समय पहले अपने परिवार के साथ मथुरा के गौरी गोपाल आश्रम गया था। इसकी वजह से उसको वहां की सारी जानकारी थी। वहां पहुंचकर भंडारे में खाना खाया। फिर दिनभर बांके बिहारी मंदिर, चारधाम, प्रेमानंद महाराज आश्रम, इस्कॉन टेंपल, कृष्ण जन्मभूमि और अन्य जगहों पर साइकिल से घूमता रहा। लखनऊ पुलिस का मथुरा में सर्च ऑपरेशन… पुलिस ने मथुरा में बंटवाए पंफलेट
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि छात्र ने अपनी मां के मोबाइल में लखनऊ से मथुरा की दूरी सर्च की थी। इसकी वजह से पुलिस मानकर चल रही थी कि मथुरा जरूर आएगा। पुलिस की एक टीम माता-पिता को लेकर मथुरा में सर्च अभियान चला रही थी। छात्र को खोजने के लिए पंफलेट छपवाकर हर उस जगह दे रही थी, जहां लोगों के आने की संभवना ज्यादा होती है। दुकानदारों से लेकर संत महात्मा तक की बच्चे की फोटो बांटी गई। प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा में तलाशती रही पुलिस
यू-ट्यूब पर प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य के वीडियो देखता था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस टीम रात 2.40 बजे से शुरू होने वाली पदयात्रा में शामिल हुई। पदयात्रा के दौरान करीब 3 घंटे तक छात्र को तलाशती रही। छात्र तब तक वहां पहुंचा नहीं था, इस वजह से मिल नहीं पाया। अनिरुद्धाचार्य के आश्रम में घूमता मिला
पुलिस छात्र को खोजते हुए अनिरुद्धाचार्य के आश्रम पहुंची। जहां सत्संग शुरू होने का समय था। इसकी वजह से भीड़ बढ़ रही थी। पुलिस टीम लगातार नजर बनाई थी। तभी अनिरुद्धाचार्य के आने का समय हो गया। उनके दर्शन करने के लिए छात्र भी पहुंच गया। तभी पुलिस की नजर छात्र पर पड़ी। हुलिए और अकेला होने की वजह से उसे किनारे करके फोटो से पहचान की गई। इसके बाद छात्र को डिटेन किया गया। अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करूंगा छात्र विराट ने बताया- उसे प्रेमानंद महाराज से मिलना था। इसलिए घर से निकल गया था। अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करेगा। हालांकि प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए माता-पिता के साथ जाने की इच्छा जाहिर की है। आगरा एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा पर उठे सवाल… छात्र एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा कैसे?
छात्र के एक्सप्रेस-वे पर साइकिल से चलने पर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। असल में एक्सप्रेस-वे पर साइकिल वैध नहीं है। इसके अलावा मोटर साइकिल भी रात के समय नहीं ले जा सकते हैं। ऐसे में छात्र एक्सप्रेस-वे पर कैसे चढ़ा, इसकी भी जांच होनी चाहिए। वहां पर लगातार पेट्रोलिंग होती रहती है। इसके बावजूद छात्र टोल पार करने के बाद 55 किलोमीटर तक साइकिल से चलता रहा। डीसीपी बोले- जांच की जाएगी डीसीपी पश्चिम विश्वजीत ने बताया कि पुलिस टीम ने सकुशल बच्चे को बरामद कर लिया है। बाकी इसमें जहां से लापरवाही हुई है, उसकी भी जांच की जाएगी। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में यूपी का सबसे बड़ा रोजगार मेला:करीब 1 लाख युवाओं की भीड़, दावा- 50 हजार लोगों को मिलेगी नौकरी लखनऊ में यूपी सरकार की ओर से रोजगार महाकुंभ चल रहा है। दो दिन के इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रात से ही युवाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह तक में आयोजन स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के आसपास करीब 1 लाख युवाओं का जमावड़ा लग गया। (पूरी खबर पढ़ें)
शाम करीब 5 बजे विराट ने अपनी मां से कॉपी खरीदने के लिए 100 रुपए मांगे। इसके बाद साइकिल से निकल गया। देर शाम पिता घर पहुंचे, लेकिन विराट नहीं लौटा। इस पर आसपास खोज शुरू की। लेकिन, कुछ नहीं पता चलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करके उसकी तलाश शुरू की। अब पढ़िए पुलिस ने कैसे की बच्चे की तलाश… CCTV में साइकिल से जाता दिखा
DCP पश्चिम विश्वजीत ने मामले की जानकारी होते ही बच्चे की तलाश के लिए पुलिस की 3 टीमें बनाईं। पुलिस CCTV की मदद से बच्चे की लोकेशन पता कर रही थी। शाम करीब 6 बजे आगरा एक्सप्रेस-वे के जीरो पॉइंट पर वह साइकिल से जाता दिखा। इसकी मदद से पुलिस आगे के फुटेज में देखने लगी। 3 किलोमीटर के दायरे में लापता हो गया
आगरा एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के बाद विराट काकोरी टोल प्लाजा पर करीब 8.47 पर दिखाई दिया। इससे पुलिस को मालूम हो गया कि इसी रास्ते से आगे बढ़ रहा है। उसी लिहाज से पुलिस लोकेशन ट्रेस कर रही थी। 245 किलोमीटर के माइल स्टोन पॉइंट पर रात करीब 10 बजे दिखा। लेकिन, कैमरे चेक करते हुए पुलिस आगे पहुंची तो 248 किलोमीटर पर गायब हो गया। इसके आगे CCTV में दिखना बंद हो गया। पुलिस ने आसपास पेट्रोलिंग कर रही टीम से पूछा, लेकिन उन्हें भी छात्र कहीं नहीं दिखाई दिया। तीन किलोमीटर का दायरा पुलिस के लिए बना चुनौती
पुलिस को जब छात्र की लोकेशन मिलना बंद हुई, तो टीम वहीं रूककर उसकी तलाश में जुट गई। 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव के प्रधानों से संपर्क किया। वहां बने होटलों में संपर्क किया। पूरे गांव में छात्र की फोटो सर्कुलेट करवाई। इसके अलावा हर जगह टीम ने अपना नंबर दिया। कोई भी अज्ञात बच्चा दिखने पर सूचना देने के लिए बोला। अगले दिन तक आसपास कुछ पता नहीं चला। तब पुलिस मथुरा रोड की तरफ बढ़ गई। अब पढ़िए छात्र मथुरा कैसे पहुंचा… ट्रक में बैठकर कानपुर पहुंचा, 2 दिन तक साथ रहा
छात्र 245 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर थक चुका था। इसके बाद उसने एक ट्रक को मदद के लिए रुकवाया। साइकिल ट्रक पर रखी और उसके साथ निकल गया। ड्राइवर को कानपुर से सामान लोड करना था। इसलिए ड्राइवर 2 दिन तक कानपुर में रुका। छात्र भी उसी के साथ रहा। 22 अगस्त को ड्राइवर कानपुर से सामान लेकर चला और 23 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे छात्र यमुना एक्सप्रेस-वे मथुरा कट के पास उतर गया। फिर वह साइकिल से गौरी गोपाल आश्रम पहुंचा। परिवार के साथ जाने की वजह से जानकारी थी
विराट कुछ समय पहले अपने परिवार के साथ मथुरा के गौरी गोपाल आश्रम गया था। इसकी वजह से उसको वहां की सारी जानकारी थी। वहां पहुंचकर भंडारे में खाना खाया। फिर दिनभर बांके बिहारी मंदिर, चारधाम, प्रेमानंद महाराज आश्रम, इस्कॉन टेंपल, कृष्ण जन्मभूमि और अन्य जगहों पर साइकिल से घूमता रहा। लखनऊ पुलिस का मथुरा में सर्च ऑपरेशन… पुलिस ने मथुरा में बंटवाए पंफलेट
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि छात्र ने अपनी मां के मोबाइल में लखनऊ से मथुरा की दूरी सर्च की थी। इसकी वजह से पुलिस मानकर चल रही थी कि मथुरा जरूर आएगा। पुलिस की एक टीम माता-पिता को लेकर मथुरा में सर्च अभियान चला रही थी। छात्र को खोजने के लिए पंफलेट छपवाकर हर उस जगह दे रही थी, जहां लोगों के आने की संभवना ज्यादा होती है। दुकानदारों से लेकर संत महात्मा तक की बच्चे की फोटो बांटी गई। प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा में तलाशती रही पुलिस
यू-ट्यूब पर प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य के वीडियो देखता था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस टीम रात 2.40 बजे से शुरू होने वाली पदयात्रा में शामिल हुई। पदयात्रा के दौरान करीब 3 घंटे तक छात्र को तलाशती रही। छात्र तब तक वहां पहुंचा नहीं था, इस वजह से मिल नहीं पाया। अनिरुद्धाचार्य के आश्रम में घूमता मिला
पुलिस छात्र को खोजते हुए अनिरुद्धाचार्य के आश्रम पहुंची। जहां सत्संग शुरू होने का समय था। इसकी वजह से भीड़ बढ़ रही थी। पुलिस टीम लगातार नजर बनाई थी। तभी अनिरुद्धाचार्य के आने का समय हो गया। उनके दर्शन करने के लिए छात्र भी पहुंच गया। तभी पुलिस की नजर छात्र पर पड़ी। हुलिए और अकेला होने की वजह से उसे किनारे करके फोटो से पहचान की गई। इसके बाद छात्र को डिटेन किया गया। अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करूंगा छात्र विराट ने बताया- उसे प्रेमानंद महाराज से मिलना था। इसलिए घर से निकल गया था। अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करेगा। हालांकि प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए माता-पिता के साथ जाने की इच्छा जाहिर की है। आगरा एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा पर उठे सवाल… छात्र एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा कैसे?
छात्र के एक्सप्रेस-वे पर साइकिल से चलने पर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। असल में एक्सप्रेस-वे पर साइकिल वैध नहीं है। इसके अलावा मोटर साइकिल भी रात के समय नहीं ले जा सकते हैं। ऐसे में छात्र एक्सप्रेस-वे पर कैसे चढ़ा, इसकी भी जांच होनी चाहिए। वहां पर लगातार पेट्रोलिंग होती रहती है। इसके बावजूद छात्र टोल पार करने के बाद 55 किलोमीटर तक साइकिल से चलता रहा। डीसीपी बोले- जांच की जाएगी डीसीपी पश्चिम विश्वजीत ने बताया कि पुलिस टीम ने सकुशल बच्चे को बरामद कर लिया है। बाकी इसमें जहां से लापरवाही हुई है, उसकी भी जांच की जाएगी। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में यूपी का सबसे बड़ा रोजगार मेला:करीब 1 लाख युवाओं की भीड़, दावा- 50 हजार लोगों को मिलेगी नौकरी लखनऊ में यूपी सरकार की ओर से रोजगार महाकुंभ चल रहा है। दो दिन के इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रात से ही युवाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह तक में आयोजन स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के आसपास करीब 1 लाख युवाओं का जमावड़ा लग गया। (पूरी खबर पढ़ें)