5 लाख की सुपारी देकर कराई कारोबारी की हत्या:वाराणसी की 50 करोड़ की जमीन का था झगड़ा; गाजीपुर के शूटरों ने मारी गोली

वाराणसी के कारोबारी की हत्या 50 करोड़ की जमीन के लिए गाजीपुर के शूटरों ने की थी। मर्डर के लिए 5 लाख रुपए सुपारी दी गई थी। बुधवार दोपहर को डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया- हत्या के खुलासे के लिए 10 टीमें बनाई गई थीं। सीसीटीवी फुटेज और जमीन के विवाद को तलाशना शुरू किया। इसमें पता चला कि योगेंद्र और महेंद्र जमीन का कारोबार करते थे। योगेंद्र लोकल कॉलोनाइजर बनना चाह रहा था। उसका महेंद्र से जमीन का विवाद हो गया था। जमीन चंदन शुक्ला और कैलाश शुक्ला की थी। इसकी वैल्यू 50 करोड़ रुपए के आसपास थी। उसी विवाद को सुलझाने के लिए 3 लोगों ने मिलकर 5 अगस्त को प्लानिंग की। फिर 3 शूटर्स के जरिए इसे एग्जिक्यूट कराया। 4 लोगों को अरेस्ट किया गया। इनमें जोगेंद्र, संपूर्णानंद शुक्ला, चंदना शुक्ला, श्यामप्रकाश राजभर शामिल हैं। बुधवार सुबह मुठभेड़ में मुकीम को भी गिरफ्तार किया है। मुकीम मर्डर की सुपारी के 5 लाख रुपए लेने आया था। सुबह मुठभेड़ में पकड़ा गया मुंगेर का हथियार सप्लायर
DCP वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया- कारोबारी महेंद्र गौतम हत्याकांड के मुख्य प्लानर और शूटर्स को हथियार सप्लाई करने वाले लेन-देन के सिलसिले में मिल रहे थे। सूचना पर हमने सारनाथ थाने के फरीदपुर के पास घेराबंदी की। तभी बदमाश मुकीम ने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुकीम के पैर में गोली लग गई। उसको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मुकीम वाराणसी के चौबेपुर का रहने वाला है। मौके से ही गाजीपुर के खानपुर में रहने वाले योगेंद्र यादव और रेकी करने वाले एक युवक को अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने एक संदिग्ध को मुंबई से हिरासत में लिया है। एक संदिग्ध को मुंबई से पकड़ कर वाराणसी लाई पुलिस
एक संदिग्ध को पुलिस मुंबई से पकड़कर वाराणसी लाई है। गाजीपुर निवासी और पूर्व कारोबारी साझेदार बिल्डर को मुंबई के नाला सोपारा से हिरासत में लिया है। उसे फ्लाइट से लेकर टीम वाराणसी आ गई है। पुलिस लाइन में हत्याकांड में शामिल संदिग्ध युवक से पूछताछ की जा रही है। अब तक आरोपी के साथ मृतक महेंद्र गौतम के कई वर्ष पुराने रिश्तों का खुलासा हुआ है। महेंद्र के साथ पूर्व साझेदार ने कई जमीनें खरीदी और बेची थीं। हिरासत में लिए गए आरोपी के परिजन भी मुंबई से वाराणसी आ गए हैं। अरिहंतनगर में ही जमीन और पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर करीब ढाई माह पहले युवक ने महेंद्र से रिश्ता तोड़ लिया था और मुंबई लौट गया था। पुलिस को आशंका है कि उसी ने हत्या की साजिश रची और शूटरों को सुपारी दी। बताया गया कि इन दोनों में एक तिवारी नाम से संबोधित युवक कुछ दिनों से महेंद्र के आसपास सक्रिय था। बताया जा रहा है कि बिल्डर के खातों से कुछ संदिग्ध बदमाशों को पैसे भेजे जाने के प्रमाण मिले हैं। महेंद्र गौतम के एक नजदीकी के जरिए पुलिस बिल्डर तक पहुंची। इधर बिल्डर के परिजनों ने पुलिस पर अवैध हिरासत का आरोप लगाते हुए मुंबई और वाराणसी दोनों जगह शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी पोस्ट करते हुए पुलिस को टैग किया है। उधर, पुलिस ने तीन संदिग्ध शूटरों की पहचान कर उनसे जुड़े लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें दो बड़ागांव और एक जौनपुर के बताए जा रहे हैं, जबकि एक रेकी करने वाले की तलाश में पुलिस टीम प्रयागराज गई है। हालांकि पुलिस अब हुलिया के अनुसार पूरा डिटेल जुटा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करेगी। बदमाशों ने कैसे हत्या की, 2 तस्वीरें में देखिए… प्रॉपर्टी डीलर के हत्यारे प्रोफेशनल शूटर्स को लगाया
प्रॉपर्टी कारोबारी महेंद्र गौतम बुद्धा सिटी के रहने वाले थे। उनके पिता श्यामनाथ आरटीओ अफसर थे। महेंद्र ने अपने घर से 2 किमी दूर अरिहंत नगर इलाके में ऑफिस बना रखा है। गुरुवार वह सुबह साढ़े 8 बजे वह ऑफिस जाने के लिए घर से निकले। वह गलियों से होते हुए जा रहे थे। ऑफिस से 150 मीटर पहले ही एक बाइक पर सवार 3 शूटर आए। तीनों के चेहरे कवर थे। बाइक चला रहा शूटर हेलमेट पहने था, बाकी 2 बदमाशों ने गमछे से चेहरा बांध रखा था। सीसीटीवी में दिख रहा है कि महेंद्र फोन पर बात करते हुए बाइक चला रहे थे। इसी बीच महेंद्र की बाइक को शूटरों ने ओवरटेक किया। फिर बमुश्किल 10 फीट की दूरी से चलती बाइक से फायरिंग की। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन शूटर पिस्टल लहराते हुए मौके से भाग गए। वो कॉलोनी से रिंग रोड की तरफ निकल गए। मौके पर पहुंची सारनाथ पुलिस महेंद्र गौतम को मलदहिया स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- सुबह 9 बजे महेंद्र बाइक से मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे। स्पीड ब्रेकर के चलते बाइक की स्पीड धीमी की। इसी बीच, वारदात हुई। सभी शूटर्स के चेहरे कवर थे। बड़ी प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या की आशंका
हत्या क्यों की गई, यह अभी क्लियर नहीं है। हालांकि, पुलिस का मानना है कि प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की आशंका है। महेंद्र बड़ी-बड़ी जमीन खरीदकर उनमें कॉलोनियां बनवाते थे। DCP वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि सीसीटीवी के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। जल्द पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा। महेंद्र इकलौते बेटे थे, पिता जेल गए थे
महेंद्र के पिता श्यामनाथ गौतम आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल गए थे। इसके बाद विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर उनकी बहाली हुई थी। सोनभद्र RTO से रिटायर हुए थे। महेंद्र उनके इकलौते बेटे थे। घर में पत्नी और एक 10 साल का बेटा अरिहंत है। महेंद्र अपने बेटे के नाम पर रिंग रोड के करीब कॉलोनी बसा रहे थे। पहले फेज में 127 मकानों की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। सेकेंड फेज की प्लॉटिंग चल रही थी। महेंद्र की बहन की कुछ साल पहले हादसे में मौत हो चुकी है। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- भाजपा विधायक बोले-रामभद्राचार्य ने बिना आंखों के संस्कृत कैसे पढ़ी?, वह जातिवादी हैं संत प्रेमानंद महाराज और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बीच विवाद खत्म हो गया है। लेकिन, मंगलवार को हरदोई से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश इस प्रकरण में कूद पड़े। विधायक ने रामभद्राचार्य के संस्कृत अध्ययन को झूठ बताते हुए पूछा, आपने अंधे होकर संस्कृत का अध्ययन कैसे किया? उन्होंने रामभद्राचार्य को सबसे बड़ा जातिवादी बताया। श्याम प्रकाश गोपामऊ विधानसभा से विधायक हैं। उन्होंने X पर लिखा, आप महिलाओं को चादर ओढ़ाकर जो करते हैं, वह व्यभिचार की श्रेणी में आता है। पढ़ें पूरी खबर…