‘7 लोगों ने मेरे साथ रेप किया। जो तकलीफें मैंने सहीं, वो कभी भूल नहीं सकती। फिर मैं प्रेग्नेंट हुई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन, मैंने हिम्मत नहीं हारी। 9 महीने बाद बेटी को जन्म दिया है। परवरिश के लिए अब मैं जानना चाहती हूं कि आखिर इसका पिता कौन है…?’ यह कहते हुए वाराणसी गैंगरेप पीड़िता के चेहरे पर गुस्सा नजर आता है। उसने 25 अगस्त को वाराणसी में एक बेटी को जन्म दिया था। अब उसके घर पर पुलिस सिक्योरिटी लगा दी गई है। 1 महिला कॉन्स्टेबल दिन में और 2 कॉन्स्टेबल रात में घर के बाहर तैनात रहते हैं। पीड़िता का दर्द बांटने दैनिक भास्कर की टीम वाराणसी के चौबेपुर पहुंची। इसी इलाके के एक गांव में पीड़िता रहती है। बातचीत की शुरुआत में पीड़िता ने कहा- मेरे इंसाफ की लड़ाई बदल चुकी है। अब मुझे यह भी पता करना होगा कि मेरी बेटी का पिता कौन है? इसके लिए पुलिस के जरिए DNA टेस्ट की मांग करूंगी। वहीं घरवालों का कहना है कि हमें कोई मदद नहीं मिली। किसी तरह से बच्ची को संभाल रहे हैं। अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर शुरू होंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर एक एक गांव है। गांव के 4KM अंदर जाने के बाद पगडंडी के सहारे 500 मीटर चलने पर खेत के बीचों-बीच पीड़िता की मामी का घर है। 25 अगस्त को बेटी को जन्म देने के बाद अब 16 साल की पीड़ित लड़की यहीं रहने आ गई है। उसकी सुरक्षा को लेकर भी घरवाले आशंका जताने लगे हैं। एक झोपड़ीनुमा घर में लड़की की मौसी, मामी और सिविल ड्रेस में एक महिला कॉन्स्टेबल मौजूद थीं। हमने परिचय दिया, तो उन्होंने बैठने को कहा। इसी बीच महिला कॉन्स्टेबल ने बताया- मैं सुबह 9 से रात 9 बजे तक पीड़िता के साथ रहती हूं। मेरी चौबेपुर थाने से ड्यूटी लगाई गई है। लड़की बोली- बेटी को खूद पाल लूंगी, किसी की जरूरत नहीं
घर के एक कमरे में लड़की एक चारपाई पर बैठी थी। पास में सो रही 2 दिन पहले जन्मी अपनी बच्ची को देख रही थी। हमने पूछा कि अब आप कैसी हैं? वह कुछ बोल नहीं सकी, बस दीवार की तरफ देखती रही। मौसी ने उसका कंधा पकड़कर हिलाया कि बेटा ये तुमसे कुछ पूछ रहे हैं…। तब वो हमसे मुखातिब हुई। हमने पूछा- आप बेटी को अकेले पाल लेंगी? वह कहती है- इसको तो मैं खुद ही पाल लूंगी। मुझे किसी की जरूरत नहीं। उसके बाद वो दोबारा शांत हो गई। हमने पूछा- आपके साथ रेप किसने किया? अचानक गुस्से में पीड़िता ने एक सांस में नाम गिना डाले। कहा- नान्हक पाल, अंकित पाल, करन चौहान, सौरभ यादव, आशु पाल, आकाश और नान्हक के मामा के लड़के गोलू पाल ने हमसे कई महीने तक संबंध बनाए। सबसे पहले नान्हक और आशु ने किया, फिर बाकी लोगों ने रेप किया। हमने पूछा- थोड़ा डिटेल में बताइए, कब क्या हुआ? लड़की ने बताया- मेरी मां बोल और सुन नहीं सकती। पिता भी दिव्यांग हैं। ये दिसंबर, 2024 की बात है। शाम के समय मैं घर के बाहर निकली। तभी नान्हक और आशु मेरा मुंह दबाकर गन्ने के खेत में ले गए। वहां रेप किया और मेरा अश्लील वीडियो-फोटो बना लिया। उसे दिखाकर मुझे ब्लैकमेल कर कई बार मुझसे संबंध बनाते रहे। अलग-अलग समय पर कुल 7 लोगों ने कई बार रेप किया। बच्ची का पिता कौन, जानना चाहती हूं…
लड़की ने बताया- रेप लगातार होता रहा, जिससे मैं प्रेग्नेंट हो गई। ये बात सबको जून में पता चली। तब मैंने अपने बच्चे और खुद को बचाने के लिए उसे जन्म देने का फैसला किया। बेटी का जन्म हो गया है। अब मैं पुलिस प्रशासन से यही सहयोग चाहती हूं कि सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट करवाए। जिससे यह पता चल सके कि मेरी बेटी का पिता कौन है? हमने लड़की की बात समझने के बाद उसके केस की पैरवी करने वाली मौसी से बात की… तबीयत बिगड़ी, तो पता चला प्रेग्नेंट है बेटी
मौसी ने बताया- इसी साल जून में मेरी बहन की बेटी की तबीयत बिगड़ गई। उसने मुझे अपने पास बुलाया। मैं वहां गई फिर उसे डॉक्टर के पास ले गई। जहां पता चला कि वो 6 महीने की प्रेग्नेंट है। इस पर उससे बात की, तो उसने रोते हुए अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में हमें बताया। हमने अबॉर्शन के लिए डॉक्टर से बात की, लेकिन उसके लिए देर हो चुकी थी। इसके बाद हमने परिवारवालों से बात करके तय किया कि जिन लोगों ने बेटी को इस हाल में पहुंचाया है, उनसे बात करनी चाहिए। वो लोग भी गांव के ही रहने वाले हैं। हम उनके घर गए, लेकिन उन्होंने हमको भगा दिया। इसके बाद हम लोग मदद मांगने पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने 2 को नामजद कर FIR की, हमने दिए थे 7 नाम
मौसी ने आगे बताया- थाने गए तो पहले पुलिस मामले को टालती रही। लेकिन जब मीडिया में खबर आ गई, तो 27 जून को हमसे शिकायत ली गई। हमने बेटी से बात करने के बाद 7 लोगों के नाम के साथ लिखकर दिए। लेकिन, पुलिस ने 27 जून को नान्हक पाल और आशू पाल पर गैंगरेप का केस दर्ज किया। दोनों को जेल भेज दिया गया। मौसी ने कहा- पहले दिन से अपनी बहन की बेटी की मदद कर रही हूं। मेरी बहन दिव्यांग है। वो बोल-सुन नहीं सकती। मेरे जीजा भी इन सब घटनाओं के बाद अब पहले की सोच-समझ नहीं पा रहे। ऐसे में बेटी के केस की पैरवी मैं ही कर रही हूं। अब सरकार से यही गुहार है कि इस परिवार की कुछ मदद करें। अब गैंगरेप का घटनाक्रम समझिए न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते रहे
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की लड़की को गांव के ही 2 युवक अपहरण कर सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ गैंगरेप किया, फिर छोड़कर भाग गए। इस दौरान उसके फोटो और वीडियो भी बना लिए। इसके बाद दोनों युवकों ने वीडियो से लड़की को ब्लैकमेल किया फिर अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल किया। फिर गांव के 7 युवकों ने कई दिनों तक लड़की के साथ गैंगरेप किया। इसके बाद शिकायत करने पर लड़की और उसके घरवालों को जान से मारने की धमकी दी गई। गैंगरेप के बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई। पुलिस ने कई दिन थाने के चक्कर लगवाए
लड़की से रेप करने वाले युवकों के घरवालों को यह बात बताई गई, तो गैर जाति का हवाला देकर उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद लड़की पुलिस के पास गई। पुलिस ने कई दिन तक थाने के चक्कर लगवाए। एसओ ने चौकी इंचार्ज से जांच कराने की बात कही। फिर गैंगरेप के 6 महीने बाद केस दर्ज किया गया। पुलिस ने लड़की के परिजनों की शिकायत पर गांव के ही दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। लेकिन, लड़की के कहने के बावजूद बाकी 5 आरोपियों पर कोई एक्शन नहीं लिया। अभी भी पांचों आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। अब पीड़िता की डिलीवरी में कैसी दिक्कतें हुई, ये भी जानिए… 25 अगस्त को वाराणसी में लड़की ने बेटी को जन्म दिया। उसे दर्द उठा, तो घंटों इंतजार के बाद एक एम्बुलेंस तक नहीं मिल सकी। परिवार के मुताबिक, ऑनलाइन नंबर पर कॉल की। थाने में भी गुहार लगाई। लेकिन, कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। सिस्टम से हारकर पिता और रिश्तेदार उसको एक ऑटो से चौबेपुर से वाराणसी लाए। रास्ते में प्रसव पीड़ा के बीच उसने बेटी को जन्म दे दिया। परिवार ने सड़क पर ही लोगों से मदद मांगी। पास की एक क्लिनिक पर लड़की को ले जाकर बच्चे की नाल काटी गई। यहां प्राथमिक इलाज दिलाने के बाद परिवार बेटी को लेकर सरकारी हॉस्पिटल पहुंचा। यहां से 24 घंटे बाद लड़की को डिस्चार्ज कर दिया गया। ——————————– यह खबर भी पढ़ें : हॉस्टल के बाथरूम में नहा रहीं छात्रा का वीडियो बनाया, आजमगढ़ में युवक को रंगे हाथ पकड़ा आजमगढ़ में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में लड़कियों का वीडियो बनाया जा रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब रविवार को 10वीं की एक छात्रा नहा रही थी। इसी दौरान उसकी नजर बाथरूम के रोशनदान पर पड़ी। उसने देखा कि एक युवक रोशनदान से वीडियो बना रहा था। यह देखकर वह चिल्ला पड़ी। तुरंत कपड़े चेंज करके बाहर आई। छात्रा की चीख सुनकर हॉस्टल की और लड़कियां भी भागकर आ गईं। उन्होंने वीडियो बना रहे आरोपी युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया। पढ़िए पूरी खबर…
घर के एक कमरे में लड़की एक चारपाई पर बैठी थी। पास में सो रही 2 दिन पहले जन्मी अपनी बच्ची को देख रही थी। हमने पूछा कि अब आप कैसी हैं? वह कुछ बोल नहीं सकी, बस दीवार की तरफ देखती रही। मौसी ने उसका कंधा पकड़कर हिलाया कि बेटा ये तुमसे कुछ पूछ रहे हैं…। तब वो हमसे मुखातिब हुई। हमने पूछा- आप बेटी को अकेले पाल लेंगी? वह कहती है- इसको तो मैं खुद ही पाल लूंगी। मुझे किसी की जरूरत नहीं। उसके बाद वो दोबारा शांत हो गई। हमने पूछा- आपके साथ रेप किसने किया? अचानक गुस्से में पीड़िता ने एक सांस में नाम गिना डाले। कहा- नान्हक पाल, अंकित पाल, करन चौहान, सौरभ यादव, आशु पाल, आकाश और नान्हक के मामा के लड़के गोलू पाल ने हमसे कई महीने तक संबंध बनाए। सबसे पहले नान्हक और आशु ने किया, फिर बाकी लोगों ने रेप किया। हमने पूछा- थोड़ा डिटेल में बताइए, कब क्या हुआ? लड़की ने बताया- मेरी मां बोल और सुन नहीं सकती। पिता भी दिव्यांग हैं। ये दिसंबर, 2024 की बात है। शाम के समय मैं घर के बाहर निकली। तभी नान्हक और आशु मेरा मुंह दबाकर गन्ने के खेत में ले गए। वहां रेप किया और मेरा अश्लील वीडियो-फोटो बना लिया। उसे दिखाकर मुझे ब्लैकमेल कर कई बार मुझसे संबंध बनाते रहे। अलग-अलग समय पर कुल 7 लोगों ने कई बार रेप किया। बच्ची का पिता कौन, जानना चाहती हूं…
लड़की ने बताया- रेप लगातार होता रहा, जिससे मैं प्रेग्नेंट हो गई। ये बात सबको जून में पता चली। तब मैंने अपने बच्चे और खुद को बचाने के लिए उसे जन्म देने का फैसला किया। बेटी का जन्म हो गया है। अब मैं पुलिस प्रशासन से यही सहयोग चाहती हूं कि सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट करवाए। जिससे यह पता चल सके कि मेरी बेटी का पिता कौन है? हमने लड़की की बात समझने के बाद उसके केस की पैरवी करने वाली मौसी से बात की… तबीयत बिगड़ी, तो पता चला प्रेग्नेंट है बेटी
मौसी ने बताया- इसी साल जून में मेरी बहन की बेटी की तबीयत बिगड़ गई। उसने मुझे अपने पास बुलाया। मैं वहां गई फिर उसे डॉक्टर के पास ले गई। जहां पता चला कि वो 6 महीने की प्रेग्नेंट है। इस पर उससे बात की, तो उसने रोते हुए अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में हमें बताया। हमने अबॉर्शन के लिए डॉक्टर से बात की, लेकिन उसके लिए देर हो चुकी थी। इसके बाद हमने परिवारवालों से बात करके तय किया कि जिन लोगों ने बेटी को इस हाल में पहुंचाया है, उनसे बात करनी चाहिए। वो लोग भी गांव के ही रहने वाले हैं। हम उनके घर गए, लेकिन उन्होंने हमको भगा दिया। इसके बाद हम लोग मदद मांगने पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने 2 को नामजद कर FIR की, हमने दिए थे 7 नाम
मौसी ने आगे बताया- थाने गए तो पहले पुलिस मामले को टालती रही। लेकिन जब मीडिया में खबर आ गई, तो 27 जून को हमसे शिकायत ली गई। हमने बेटी से बात करने के बाद 7 लोगों के नाम के साथ लिखकर दिए। लेकिन, पुलिस ने 27 जून को नान्हक पाल और आशू पाल पर गैंगरेप का केस दर्ज किया। दोनों को जेल भेज दिया गया। मौसी ने कहा- पहले दिन से अपनी बहन की बेटी की मदद कर रही हूं। मेरी बहन दिव्यांग है। वो बोल-सुन नहीं सकती। मेरे जीजा भी इन सब घटनाओं के बाद अब पहले की सोच-समझ नहीं पा रहे। ऐसे में बेटी के केस की पैरवी मैं ही कर रही हूं। अब सरकार से यही गुहार है कि इस परिवार की कुछ मदद करें। अब गैंगरेप का घटनाक्रम समझिए न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते रहे
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की लड़की को गांव के ही 2 युवक अपहरण कर सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ गैंगरेप किया, फिर छोड़कर भाग गए। इस दौरान उसके फोटो और वीडियो भी बना लिए। इसके बाद दोनों युवकों ने वीडियो से लड़की को ब्लैकमेल किया फिर अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल किया। फिर गांव के 7 युवकों ने कई दिनों तक लड़की के साथ गैंगरेप किया। इसके बाद शिकायत करने पर लड़की और उसके घरवालों को जान से मारने की धमकी दी गई। गैंगरेप के बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई। पुलिस ने कई दिन थाने के चक्कर लगवाए
लड़की से रेप करने वाले युवकों के घरवालों को यह बात बताई गई, तो गैर जाति का हवाला देकर उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद लड़की पुलिस के पास गई। पुलिस ने कई दिन तक थाने के चक्कर लगवाए। एसओ ने चौकी इंचार्ज से जांच कराने की बात कही। फिर गैंगरेप के 6 महीने बाद केस दर्ज किया गया। पुलिस ने लड़की के परिजनों की शिकायत पर गांव के ही दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। लेकिन, लड़की के कहने के बावजूद बाकी 5 आरोपियों पर कोई एक्शन नहीं लिया। अभी भी पांचों आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। अब पीड़िता की डिलीवरी में कैसी दिक्कतें हुई, ये भी जानिए… 25 अगस्त को वाराणसी में लड़की ने बेटी को जन्म दिया। उसे दर्द उठा, तो घंटों इंतजार के बाद एक एम्बुलेंस तक नहीं मिल सकी। परिवार के मुताबिक, ऑनलाइन नंबर पर कॉल की। थाने में भी गुहार लगाई। लेकिन, कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। सिस्टम से हारकर पिता और रिश्तेदार उसको एक ऑटो से चौबेपुर से वाराणसी लाए। रास्ते में प्रसव पीड़ा के बीच उसने बेटी को जन्म दे दिया। परिवार ने सड़क पर ही लोगों से मदद मांगी। पास की एक क्लिनिक पर लड़की को ले जाकर बच्चे की नाल काटी गई। यहां प्राथमिक इलाज दिलाने के बाद परिवार बेटी को लेकर सरकारी हॉस्पिटल पहुंचा। यहां से 24 घंटे बाद लड़की को डिस्चार्ज कर दिया गया। ——————————– यह खबर भी पढ़ें : हॉस्टल के बाथरूम में नहा रहीं छात्रा का वीडियो बनाया, आजमगढ़ में युवक को रंगे हाथ पकड़ा आजमगढ़ में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में लड़कियों का वीडियो बनाया जा रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब रविवार को 10वीं की एक छात्रा नहा रही थी। इसी दौरान उसकी नजर बाथरूम के रोशनदान पर पड़ी। उसने देखा कि एक युवक रोशनदान से वीडियो बना रहा था। यह देखकर वह चिल्ला पड़ी। तुरंत कपड़े चेंज करके बाहर आई। छात्रा की चीख सुनकर हॉस्टल की और लड़कियां भी भागकर आ गईं। उन्होंने वीडियो बना रहे आरोपी युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया। पढ़िए पूरी खबर…