यूपी में मौसम विभाग ने 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बुलंदशहर में बाढ़ से नरोरा राजघाट डूब गया है। मंदिर और गांवों में कमर तक पानी भरा है। मेरठ का जायरीन रिहान (22 साल) बुधवार दोपहर गंगनहर में नहाते समय बह गया। यह देख PAC के जवानों ने गंगनहर में छलांग लगा और युवक का रेस्क्यू किया। चंदौली में गंगा उफनाई हैं। यहां के हैंडपंप से खुद-ब-खुद पानी बह रहा है। मुसाखाड प्राथमिक विद्यालय में लगे हैंडपंप से चार दिनों से पानी गिर रहा है। लोगों का कहना है कि जलस्तर काफी ऊपर आ गया है। इसलिए पानी बह रहा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना पिछले दो महीने में चौथी बार उफान पर हैं। निचले इलाकों के करीब 10 हजार घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग अपनी गृहस्थी समेटकर पलायन कर रहे हैं। दारागंज, रसूलाबाद, फाफामऊ, झूंसी और अरैल जैसे सभी बड़े श्मशान घाट पूरी तरह डूब गए हैं। घाटों पर जगह न मिलने से लोग सड़कों और ऊंचे स्थानों पर चिताएं जला रहे हैं। 3 से 4 घंटे की वेटिंग चल रही है। इधर, वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार चौथे दिन बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में गंगा का जलस्तर 1.99 मीटर बढ़ा है। मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का लेवल वॉर्निंग लेवल पार कर 70.36 मीटर तक पहुंच गया। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर हर घंटे औसतन 3 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। यूपी में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। 22 जिलों में बाढ़ आई हुई है। इससे ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। 84 घाटों का आपसी संपर्क फिर से टूट गया है। गाजीपुर में एक बार फिर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। 5 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 63.110 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 63.105 मीटर है। बलिया में भी गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सड़कों पर नाव चल रही है। वहीं, फतेहपुर के बिंदकी में एक 12 फिट लंबे अजगर ने मोर को निगल लिया। वन विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ करके बोरे में भरा। आबादी से दूर जंगलों में छोड़ा है। कल 64 जिलों में 6.8 मिमी बारिश मंगलवार को प्रदेश के 64 जिलों में 6.8 मिमी औसतन बारिश हुई। यह सामान्य 8.1 मिमी से 16% कम है। इस सीजन में प्रदेश में 562.8 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने इतनी ही बारिश का अब तक अनुमान जताया था। ऐसे में प्रदेश में अब तक कोटे के बराबर बारिश हो चुकी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- मानसून फिर एक्टिव हो गया है। अगले 4-5 दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा।