‘जब यह लेटर किसी को मिलेगा, तब तक मैं सचिन ग्रोवर, मेरी पत्नी शिवांगी, मेरा बेटा फतेह मेरी जान, मेरा जहान सबकुछ खत्म हो चुका होगा। मेरी लाइफ तब से बर्बाद हुई, जब मैंने बरेली में बिजनेस करने की सोची। लॉकडाउन में मेरे ऊपर बहुत कर्ज हो गया। मेरी फैक्ट्री, मेरी ससुराल का घर और उनका जेवर सब गिरवी था। तभी मेरी सास-ससुर, साले और मेरी वाइफ ने पैसों और मॉरली फुल सपोर्ट करके मुझे इस टेंशन से निकाला। मेरी अपनी फैमिली ने मेरा कोई सपोर्ट नहीं किया।’ यह दर्द है शाहजहांपुर के हैंडलूम कारोबारी सचिन का, जिन्होंने सुसाइड से पहले लेटर लिखकर बयां किया। खुद जान देने से पहले उन्होंने अपने 4 साल के बेटे को मारा। फिर पत्नी के साथ फंदे पर झूल गए। सुसाइड लेटर 12 पन्ने का है। इसमें उन्होंने अपने भाई, चाचा और दोस्त सभी को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पहले एक नजर में पूरे मामले पर शाहजहांपुर के रोजा थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी दुर्गा एन्क्लेव में रहने वाले कारोबारी सचिन ग्रोवर (35) ने पत्नी शिवांगी (30) और 4 साल के बेटे फतेह के साथ सुसाइड कर लिया। पहले बेटे को चूहे मारने की दवा खिलाकर मारा। फिर पति-पत्नी ने जान दी। 27 अगस्त की सुबह जब पहले फ्लोर पर कोई हलचल नहीं हुई, तो नीचे रह रहे घरवालों को शक हुआ। उन्होंने खिड़की के झांककर देखा तो दोनों के शव फंदे से लटके दिखे। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो बेटा बेड पर अचेत पड़ा था। पत्नी बेडरूम में और पति का शव ड्राइंग रूम में लटक रहा था। मरने से पहले कारोबारी की पत्नी शिवांगी ने अपनी मां को 12 पेज का सुसाइड नोट वॉट्सऐप पर भेजा था। कारोबारी ने 8 साल पहले लव मैरिज की थी। सचिन की फैमिली के सुसाइड का कारण लॉकडाउन में बिजनेस में हुआ घाटा तो था ही। साथ ही घर को बचाने के लिए लिया गया बैंक का कर्ज भी था। यह कर्ज अदा करने के लिए सचिन ने अपने दोस्त से 2 लाख रुपए उधार लिए थे। जिसके बदले हर दिन 2 हजार रुपए ब्याज के रूप में देने पड़ते थे। इसके अलावा अपने भाई और दोस्त से हर समय मिले धोखे ने सचिन को अंदर से तोड़ दिया। ये बातें सचिन ने अपने सुसाइड लेटर में लिखी हैं, जिसे सुनकर अब उनकी कॉलोनी के लोग भी हैरान हैं। पढ़िए सुसाइड लेटर में सचिन की लिखी मेन बातें सचिन ने लिखा- मेरी अपनी फैमिली ने मेरा कोई सपोर्ट नहीं किया। मेरा भाई गौरव और मेरे चाचा पवन ने मेरे साथ नहीं खड़े हुए। गौरव ने ऐसा प्रेशर बनाया कि घर बिक जाए। जो घर हमारे पिता ने बनवाया था और जो हमारी मां के नाम था। अगर वो घर बिक जाता, तो हमें कुछ नहीं मिलता। मेरी मां भी उन्हीं की तरफ थीं। इस घर के लिए मुझे बैंक से लोन लेना पड़ा। जिसकी 1 लाख 20 हजार रुपए हर महीने किश्त जाती है। यह कर्ज मुझे अपनी सास के नाम पर लेना पड़ा, क्योंकि मेरा सिबिल खराब था। मेरे भाई ने घर में हिस्सा लिया, साथ ही अपने हिस्से के पैसे भी ले लिए। मेरी आर्थिक स्थिति खराब हो गई, लेकिन किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। मुझे बार-बार अपमानित किया गया और धोखा मिला। दोस्त 30% ब्याज पर देता था पैसे, फिर लोगों का भड़काता था
सचिन ने लिखा है- मेरा दोस्त शैंकी आनंद मुझसे 30% ब्याज पर पैसे वसूलता था। जब जरूरत पड़ती थी, तो वो मुझे अपने दोस्तों से पैसे दिलवा देता था। लेकिन, उसके बाद भारी ब्याज के साथ पैसे वसूलता था। वह मेरे रिश्तेदारों और दोस्तों को भड़काता था कि मैं पैसे वापस नहीं करता। जबकि, मैंने सभी का पैसा लौटाया है। फिर भी वह मेरे खिलाफ माहौल बनाता रहा। मेरी और मेरे परिवार की मौत में उसका सबसे बड़ा हाथ है। मेरे उसके साथ अच्छे संबंध थे, लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मेरी पत्नी की छवि खराब की, अब टूट चुका हूं
शैंकी और उसके साथियों ने मुझे समाज में बदनाम किया। मेरी पत्नी की भी मार्केट में छवि खराब की। मैंने लाख कोशिश की, लेकिन अब मैं थक गया हूं। मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा। मैं 6 महीने से लगातार बैंक की किश्त चुका रहा हूं। लेकिन, कर्ज बढ़ता ही जा रहा है। मैं अब टूट चुका हूं। मैंने किसी का पैसा हड़पने की नीयत से नहीं लिया था। फिर भी मुझे बदनाम किया गया। मैंने रामनगर मोहल्ले के विक्की बग्गा से भी कुछ पैसे लिए थे। उसे बताया था कि निवेश के लिए लिए हैं। लेकिन, मैं पैसे निवेश नहीं कर सका। ये गलती मैंने सबके सामने मानी थी। विक्की से 2-3 महीने का समय मांगा था। कहा था कि ग्रामीण बैंक में पत्नी के नाम से फाइल लगाई है। इस पूरे लेन-देन की जानकारी किसी को नहीं थी। कुछ पैसा मेरी सास की फर्म से भी आया गया। इसमें मेरा मोबाइल नंबर लगा था। लेकिन, इसकी जानकारी सास को भी नहीं थी। मुझे हार्ट अटैक पड़ा, लेकिन लोगों ने समय नहीं दिया
सचिन ने लिखा- मैंने शराब का बिजनेस भी किया था। उससे मुझे अच्छा पैसा मिला, लेकिन मैं पकड़ा भी गया। मैंने सबके सामने गलती मानी और पैसे लौटाने का समय मांगा। लेकिन, इन लोगों ने मुझे पीटा। फिर मेरी सास को फंसाने की धमकियां मिलती रहीं। मुझे हार्ट अटैक पड़ा। उसके बावजूद इन लोगों ने टाइम नहीं दिया। मेरा दोस्त शैंकी सबको मेरे खिलाफ भड़काता रहा। जितना पैसा मुझे इनको देना है, वो ये लोग शराब की कमाई से ले चुके हैं। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं, लेकिन इतना मानसिक दबाव था कि मैं टूट गया। मेरे चाचा और बड़े भाई ने मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ दी। वे हमदर्दी का दिखावा करते थे। लेकिन, मेरी परेशानियां सबको बताकर मुझे बदनाम करते थे। मेरे ऐसे में समय मुझे बचाने की बजाय मेरे मरने का कारण बन गए। हे भगवान मेरे भाई और चाचा को लंबी उम्र दे। मेरे पिता ने मेरे लिए सब कुछ बेच दिया…घर और जेवर सबकुछ। लेकिन, बाकी रिश्तेदारों ने मेरी हालत बिगाड़ दी। मेरी पत्नी शिवांगी का इन सब में कोई दोष नहीं है। फिर भी उसे प्रताड़ित किया गया। मैं उन सभी से पूछना चाहता हूं कि आपने मेरी पत्नी को क्यों तकलीफ दी, जब वो खुद सबसे दूर रहती थी? बेरोजगार भाई को काम दिया, मालिक बनाकर रखा
सचिन ने लिखा- मैं अपनी मां को वो सुख नहीं दे सका, जो जिम्मेदार होने के नाते देता। मैंने अपने सबसे बड़े भाई रोहित को बेरोजगार होने पर बिना शर्त अपने साथ काम में लगाया। जैसा भी था, उनको मालिक बनाकर रखा। मेरे मझले भाई गौरव ने मुझे सबसे ज्यादा परेशान किया। मैं ही देवता बनकर घर में घूमता रहा और बाहर से कर्ज लेकर घर-दुकान चलाता रहा। रोहित किराए वाली दुकान खाली कर दो और मंदिर वाली दुकान से गुजरा करना। किसी को व्यापार का पैसा नहीं देना। तुम खुद खुश रहना और मम्मी को भी खुश रखना। कित्तू को खूब पढ़ाना। सॉरी मम्मी…। मेरे मरने के बाद सब कुछ तुम्हारा है
सचिन ने लिखा- अब ये सब कर रहा हूं, हो सके तो मुझे माफ कर देना। मैंने अपने साथ शिवांगी की लाइफ भी बर्बाद कर दी। हमारे कर्ज अनोखे नहीं थे, जो सब घाव बनाकर हमारा जीवन कष्ट वाला बना दिया। मेरे मरने के बाद घर बेच कर बैंक का सैटलमेंट कर देना। अगर कुछ पैसा बचता है तो वह तुम्हारा है। कार, स्कूटी, मोबाइल, इंश्योरेंस सब कुछ तुम्हारा है। सास बोलीं- बाहरी लोग परेशान कर रहे थे
सचिन की सास ज्योति मिश्रा का कहना है कि सचिन ने जिला उद्योग केंद्र से लोन की फाइल पास कराई थी। लोन मेरे नाम पर लिया था। उसकी आने वाली सब्सिडी को लेकर एक कर्मचारी कुछ हिस्सा मांग रहा था। इसलिए उसको बाहर के लोग परेशान कर रहे थे। घर के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा था। मेरी बेटी दामाद काफी खुश थे, लेकिन उन्हें बाहरी लोगों ने प्रताड़ित किया है। जरूर इसी वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया है। वो लोग 26 अगस्त की शाम तक बहुत खुश थे। हालांकि, इस मामले में सचिन की मां सीमा, भाई रोहित और गौरव ने अब तक कोई बात नहीं की है। एसपी बोले- CDR से खुल सकते हैं कई नाम
एसपी राजेश द्विवेदी का कहना है कि 12 पेज के सुसाइड लेटर को पढ़ने के बाद जो भी नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। एक बार परिवारवालों से पूछताछ हो चुकी है। बाकी CDR निकलवाई जा रही है। जैसे तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार एक्शन लिया जाएगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें बेटे को जहर देकर पति-पत्नी ने फांसी लगाई, शाहजहांपुर में करोड़पति कारोबारी का पूरा परिवार खत्म शाहजहांपुर में करोड़पति कारोबारी ने पत्नी और 4 साल के बेटे के साथ सुसाइड कर लिया। पहले बेटे को चूहे मारने की दवा खिलाकर मारा, फिर पति-पत्नी फंदे से लटक गए। बताया जा रहा कि व्यापार में घाटा होने से कारोबारी परेशान था। पूरी खबर पढ़ें
सचिन ने लिखा है- मेरा दोस्त शैंकी आनंद मुझसे 30% ब्याज पर पैसे वसूलता था। जब जरूरत पड़ती थी, तो वो मुझे अपने दोस्तों से पैसे दिलवा देता था। लेकिन, उसके बाद भारी ब्याज के साथ पैसे वसूलता था। वह मेरे रिश्तेदारों और दोस्तों को भड़काता था कि मैं पैसे वापस नहीं करता। जबकि, मैंने सभी का पैसा लौटाया है। फिर भी वह मेरे खिलाफ माहौल बनाता रहा। मेरी और मेरे परिवार की मौत में उसका सबसे बड़ा हाथ है। मेरे उसके साथ अच्छे संबंध थे, लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। मेरी पत्नी की छवि खराब की, अब टूट चुका हूं
शैंकी और उसके साथियों ने मुझे समाज में बदनाम किया। मेरी पत्नी की भी मार्केट में छवि खराब की। मैंने लाख कोशिश की, लेकिन अब मैं थक गया हूं। मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा। मैं 6 महीने से लगातार बैंक की किश्त चुका रहा हूं। लेकिन, कर्ज बढ़ता ही जा रहा है। मैं अब टूट चुका हूं। मैंने किसी का पैसा हड़पने की नीयत से नहीं लिया था। फिर भी मुझे बदनाम किया गया। मैंने रामनगर मोहल्ले के विक्की बग्गा से भी कुछ पैसे लिए थे। उसे बताया था कि निवेश के लिए लिए हैं। लेकिन, मैं पैसे निवेश नहीं कर सका। ये गलती मैंने सबके सामने मानी थी। विक्की से 2-3 महीने का समय मांगा था। कहा था कि ग्रामीण बैंक में पत्नी के नाम से फाइल लगाई है। इस पूरे लेन-देन की जानकारी किसी को नहीं थी। कुछ पैसा मेरी सास की फर्म से भी आया गया। इसमें मेरा मोबाइल नंबर लगा था। लेकिन, इसकी जानकारी सास को भी नहीं थी। मुझे हार्ट अटैक पड़ा, लेकिन लोगों ने समय नहीं दिया
सचिन ने लिखा- मैंने शराब का बिजनेस भी किया था। उससे मुझे अच्छा पैसा मिला, लेकिन मैं पकड़ा भी गया। मैंने सबके सामने गलती मानी और पैसे लौटाने का समय मांगा। लेकिन, इन लोगों ने मुझे पीटा। फिर मेरी सास को फंसाने की धमकियां मिलती रहीं। मुझे हार्ट अटैक पड़ा। उसके बावजूद इन लोगों ने टाइम नहीं दिया। मेरा दोस्त शैंकी सबको मेरे खिलाफ भड़काता रहा। जितना पैसा मुझे इनको देना है, वो ये लोग शराब की कमाई से ले चुके हैं। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं, लेकिन इतना मानसिक दबाव था कि मैं टूट गया। मेरे चाचा और बड़े भाई ने मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ दी। वे हमदर्दी का दिखावा करते थे। लेकिन, मेरी परेशानियां सबको बताकर मुझे बदनाम करते थे। मेरे ऐसे में समय मुझे बचाने की बजाय मेरे मरने का कारण बन गए। हे भगवान मेरे भाई और चाचा को लंबी उम्र दे। मेरे पिता ने मेरे लिए सब कुछ बेच दिया…घर और जेवर सबकुछ। लेकिन, बाकी रिश्तेदारों ने मेरी हालत बिगाड़ दी। मेरी पत्नी शिवांगी का इन सब में कोई दोष नहीं है। फिर भी उसे प्रताड़ित किया गया। मैं उन सभी से पूछना चाहता हूं कि आपने मेरी पत्नी को क्यों तकलीफ दी, जब वो खुद सबसे दूर रहती थी? बेरोजगार भाई को काम दिया, मालिक बनाकर रखा
सचिन ने लिखा- मैं अपनी मां को वो सुख नहीं दे सका, जो जिम्मेदार होने के नाते देता। मैंने अपने सबसे बड़े भाई रोहित को बेरोजगार होने पर बिना शर्त अपने साथ काम में लगाया। जैसा भी था, उनको मालिक बनाकर रखा। मेरे मझले भाई गौरव ने मुझे सबसे ज्यादा परेशान किया। मैं ही देवता बनकर घर में घूमता रहा और बाहर से कर्ज लेकर घर-दुकान चलाता रहा। रोहित किराए वाली दुकान खाली कर दो और मंदिर वाली दुकान से गुजरा करना। किसी को व्यापार का पैसा नहीं देना। तुम खुद खुश रहना और मम्मी को भी खुश रखना। कित्तू को खूब पढ़ाना। सॉरी मम्मी…। मेरे मरने के बाद सब कुछ तुम्हारा है
सचिन ने लिखा- अब ये सब कर रहा हूं, हो सके तो मुझे माफ कर देना। मैंने अपने साथ शिवांगी की लाइफ भी बर्बाद कर दी। हमारे कर्ज अनोखे नहीं थे, जो सब घाव बनाकर हमारा जीवन कष्ट वाला बना दिया। मेरे मरने के बाद घर बेच कर बैंक का सैटलमेंट कर देना। अगर कुछ पैसा बचता है तो वह तुम्हारा है। कार, स्कूटी, मोबाइल, इंश्योरेंस सब कुछ तुम्हारा है। सास बोलीं- बाहरी लोग परेशान कर रहे थे
सचिन की सास ज्योति मिश्रा का कहना है कि सचिन ने जिला उद्योग केंद्र से लोन की फाइल पास कराई थी। लोन मेरे नाम पर लिया था। उसकी आने वाली सब्सिडी को लेकर एक कर्मचारी कुछ हिस्सा मांग रहा था। इसलिए उसको बाहर के लोग परेशान कर रहे थे। घर के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा था। मेरी बेटी दामाद काफी खुश थे, लेकिन उन्हें बाहरी लोगों ने प्रताड़ित किया है। जरूर इसी वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया है। वो लोग 26 अगस्त की शाम तक बहुत खुश थे। हालांकि, इस मामले में सचिन की मां सीमा, भाई रोहित और गौरव ने अब तक कोई बात नहीं की है। एसपी बोले- CDR से खुल सकते हैं कई नाम
एसपी राजेश द्विवेदी का कहना है कि 12 पेज के सुसाइड लेटर को पढ़ने के बाद जो भी नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। एक बार परिवारवालों से पूछताछ हो चुकी है। बाकी CDR निकलवाई जा रही है। जैसे तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार एक्शन लिया जाएगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें बेटे को जहर देकर पति-पत्नी ने फांसी लगाई, शाहजहांपुर में करोड़पति कारोबारी का पूरा परिवार खत्म शाहजहांपुर में करोड़पति कारोबारी ने पत्नी और 4 साल के बेटे के साथ सुसाइड कर लिया। पहले बेटे को चूहे मारने की दवा खिलाकर मारा, फिर पति-पत्नी फंदे से लटक गए। बताया जा रहा कि व्यापार में घाटा होने से कारोबारी परेशान था। पूरी खबर पढ़ें