बरेली के फैज नगर के एक मदरसे में हिन्दू लड़कों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। पुलिस ने छापा मारकर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया। इनके टारगेट पर दिव्यांग और पिछड़े वर्ग के लड़के होते थे। स्थानीय लोगों ने कहा- मदरसे में सिर्फ बच्चे पढ़ने आते थे, लेकिन एक महीने से पुलिस यहां पर आ रही थी। अलीगढ़ की एक महिला की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। उसी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मदरसे से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दो युवकों का खतना कराने की तैयारी चल रही थी। इससे पहले ही पुलिस ने मदरसे में मौजूद कट्टरपंथियों को धर दबोचा। इसके बारे में जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम बरेली से 30 किमी दूर फैजनगर पहुंची। यह मुस्लिम बाहुल्य गांव है। जहां पर मदरसा बना हुआ है। इस मदरसे में धर्म परिवर्तन का काम 2014 से चल रहा था। मदरसे के आस-पास सन्नाटा पसरा था। टीम ने मदरसे में मौजूद लोगों से बात करने की कोशिश की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गांव वाले चुप, महिला बोली- सिर्फ बच्चे पढ़ते थे मदरसे के अंदर आरोपी अब्दुल मजीद की बहन मौजूद थी। हमारी टीम ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ज्यादा बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस इतना कहा – इस घर में मैं, मेरी मां, अब्दुल मजीद और उसकी पत्नी रहते हैं। फिलहाल मेरी मां भाई की जेल में मिलाई में गई है और उसकी पत्नी मायके में है। कुछ दिन पहले ही उनकी बेटी हुई है। फिर हमने आसपास के लोगों से भी बात करने की कोशिश की। लेकिन गांव के ज्यादातर लोग खामोश रहे। मदरसे के सामने रहने वाली एक महिला ने बताया- यहां सिर्फ मुस्लिम बच्चे पढ़ने आते थे, बाकी क्या हो रहा था। इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि पुलिस कई दिनों से यहां चक्कर काट रही थी। ये सब यहां पर चल रहा होगा। ये हमको पता नहीं था। अब पढ़िए पुलिस ने अब तक क्या किया
27 जिलों में गया था आरोपी, 13 लाख कैश और 21 बैंक खाते बरामद
पुलिस जांच में पता चला कि मदरसा संचालक अब्दुल मजीद की ट्रैवल हिस्ट्री पूरे देश के 27 से अधिक जिलों से जुड़ी है। वह जगह-जगह से चंदा इकट्ठा करता था। उसके बैंक अकाउंट से 13 लाख रुपए मिले हैं। साथ ही कई बैंकों की चेकबुक और 21 अलग-अलग बैंक खातों का खुलासा हुआ है, जिनमें लाखों का लेन-देन हुआ। पुलिस को विदेशी फंडिंग की भी आशंका है। सोशल मीडिया पर बनाते थे जाल
आरोपी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ब्रेनवॉश करते थे। उन्होंने कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए थे, जिनमें जाकिर नाइक की वीडियो और पाकिस्तानी स्कॉलर्स के ऑडियो शेयर किए जाते थे। कमजोर लोगों को फंसाते, लड़कियों से शादी का लालच देते
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह खासकर तलाकशुदा और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें मुस्लिम लड़कियों से शादी का लालच दिया जाता था। वॉट्सऐप ग्रुप में सुंदर लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो भेजकर उन्हें फंसाया जाता था। इतना ही नहीं, एक युवक का निकाह भी करवा दिया गया था। सलमान, आरिफ और फहीम धर्मांतरण गैंग के सक्रिय सदस्य अब्दुल मजीद प्रमुख संचालक था। उसके अंडर में सलमान, आरिफ और फहीम काम करते थे। गैंग के सदस्यों के बीच काम बंटा हुआ था। सलमान कपड़े सिलने का काम करता था। साथ ही वह धर्मग्रंथ, सीडी और किताबें उपलब्ध कराता था। आरिफ उसे इस काम में सहयोग देता था। फहीम नाई का काम करता था। लोगों की जानकारी इकट्ठा कर गैंग तक पहुंचाता था। अब जानिए विस्तार से …
अलीगढ़ की रहने वाली अखिलेश कुमारी ने बताया- मेरे बेटे प्रभात उपाध्याय को जन्म से ही कम दिखाई पड़ता है। उसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से एमफिल, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। फिर उसकी जॉब अलीगढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज में लग गई। कुछ दिनों बाद उसका ट्रांसफर बरेली में GIC में हो गया। यहां धर्मांतरण गैंग के सदस्यों ने बेटे का ब्रेनवॉश कर दिया। इसके बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया और वह मुसलमान बन गया। 15 अगस्त से बेटा लापता है। उसका फोन भी बंद जा रहा है। मैंने बेटे के बारे में जानकारी जुटाई। इसमें पता चला कि अब्दुल मजीद नाम का मौलाना बरेली के भुता में मदरसा चलाता है। वहीं पर बेटे का धर्म परिवर्तन कराया गया है। बेटे का नया नाम हामिद रख दिया गया है। इसके बाद मैंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मंगलवार को मदरसे पर छापेमारी कर अब्दुल मजीद, फहीम, सलमान, आरिफ को गिरफ्तार किया। भाई-बहन और मां का किया ब्रेनवॉश, धर्म परिवर्तन कराया
इसी मदरसे में ब्रजपाल सिंह का धर्म परिवर्तन कराया गया। उसका नाम अब्दुल्ला रखा गया। इतना ही नहीं, उसकी मां और बहन का भी धर्म परिवर्तन कराया गया। मां ऊषा रानी का नाम हमीदा और बहन राजकुमारी का नाम आयशा रखा गया। ब्रजपाल बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र का का रहने वाला है। उसके पिता नहीं हैं। 2 साल पहले ब्रजपाल इस गैंग के संपर्क में आया। इसके बाद उसका और उसकी मां-बहन का ब्रेन वॉश किया गया। इसके बाद तीनों को कलमा पढ़वाकर मुसलमान बनाया गया। गैंग की ओर से तीनों का धर्म परिवर्तन का सर्टिफिकेट भी जारी किया गया। वहीं, एक नाबालिग का भी धर्म परिवर्तन कराया गया है। सलमान, आरिफ और फहीम धर्मांतरण गैंग के सक्रिय सदस्य है। वहीं अब्दुल मजीद प्रमुख संचालक था। उसके अंडर में सलमान, आरिफ और फहीम काम करते थे। गैंग के सदस्यों के बीच काम बंटा हुआ था। सलमान कपड़े सिलने का काम करता था। साथ ही वह धर्मग्रंथ, सीडी और किताबें उपलब्ध कराता था। आरिफ उसे इस काम में सहयोग देता था। फहीम नाई का काम करता था। लोगों की जानकारी इकट्ठा कर गैंग तक पहुंचाता था। गैंग को विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही
पुलिस को आशंका है कि गैंग की विदेशी फंडिंग की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अब्दुल मजीद के खाते में 8 महीने में 2000 से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। ये करीब 13 लाख रुपए के हैं। वहीं, सलमान और उसकी पत्नी के पास 12 बैंक खाते हैं। आरिफ और फहीम के पास भी दो-दो खाते मिले हैं। पुलिस ने सभी बैंक खातों की डिटेल्स निकलवाई हैं और जांच कर रही है। फिलहाल गैंग के और सदस्यों की पहचान की जा रही है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया- मदरसे में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जाता था। मदरसे में ही खतना कराया जाता था। गैंग अब तक 5 लोगों का धर्म परिवर्तन करवा चुका है। एक नाबालिग को ड्रग्स का आदी बनाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। ये लोग देश के अलग-अलग राज्यों में घूमकर चंदा इकट्ठा करते थे। यह बात मदरसा संचालक की ट्रैवल हिस्ट्री में सामने आई है। लोगों का ब्रेन वॉश करके उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता था। अब तक कुल 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, एक फरार है। कई राज्यों से लिया जाता था चंदा मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद है। वह यूपी से गुजरात, कर्नाटक, पुडुचेरी, उत्तराखंड समेत 13 राज्यों में जाता रहता था। ये लोग चंदा लेते हैं। इसके 13 लाख के ट्रांजैक्शन मिले है। मजीद ही मदरसा चलाता है। मुंबई और दिल्ली उसका गढ़ है। वहां चंदा इकट्ठा किया जाता है। मजीद कई बार आगरा भी गया। 5 बार संभल गया। मौके से इस्लाम धर्म से जुड़ी 25 से 30 किताबें मिली है। इनमें जाकिर नाईक की भी कई किताबें शामिल हैं। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया ———————
ये खबर भी पढ़ें… मुस्लिम लड़कियों से शादी के लिए धर्मांतरण:सरकारी टीचर समेत 6 का ब्रेनवॉश किया, बरेली में मदरसे से चल रहा था छांगुर जैसा गैंग बरेली में धर्म परिवर्तन का बड़ा मामला सामने आया है। धर्मांतरण का काम एक मदरसे में किया जा रहा था। वहां लोगों का पहले ब्रेनवॉश किया जाता था। फिर धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम लड़कियों से उनका निकाह करा दिया जाता था। अलीगढ़ में रहने वाली एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की, तो सच्चाई खुली। इसके बाद पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले 4 लोगों को अरेस्ट किया। पढ़ें पूरी खबर…
27 जिलों में गया था आरोपी, 13 लाख कैश और 21 बैंक खाते बरामद
पुलिस जांच में पता चला कि मदरसा संचालक अब्दुल मजीद की ट्रैवल हिस्ट्री पूरे देश के 27 से अधिक जिलों से जुड़ी है। वह जगह-जगह से चंदा इकट्ठा करता था। उसके बैंक अकाउंट से 13 लाख रुपए मिले हैं। साथ ही कई बैंकों की चेकबुक और 21 अलग-अलग बैंक खातों का खुलासा हुआ है, जिनमें लाखों का लेन-देन हुआ। पुलिस को विदेशी फंडिंग की भी आशंका है। सोशल मीडिया पर बनाते थे जाल
आरोपी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ब्रेनवॉश करते थे। उन्होंने कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए थे, जिनमें जाकिर नाइक की वीडियो और पाकिस्तानी स्कॉलर्स के ऑडियो शेयर किए जाते थे। कमजोर लोगों को फंसाते, लड़कियों से शादी का लालच देते
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह खासकर तलाकशुदा और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें मुस्लिम लड़कियों से शादी का लालच दिया जाता था। वॉट्सऐप ग्रुप में सुंदर लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो भेजकर उन्हें फंसाया जाता था। इतना ही नहीं, एक युवक का निकाह भी करवा दिया गया था। सलमान, आरिफ और फहीम धर्मांतरण गैंग के सक्रिय सदस्य अब्दुल मजीद प्रमुख संचालक था। उसके अंडर में सलमान, आरिफ और फहीम काम करते थे। गैंग के सदस्यों के बीच काम बंटा हुआ था। सलमान कपड़े सिलने का काम करता था। साथ ही वह धर्मग्रंथ, सीडी और किताबें उपलब्ध कराता था। आरिफ उसे इस काम में सहयोग देता था। फहीम नाई का काम करता था। लोगों की जानकारी इकट्ठा कर गैंग तक पहुंचाता था। अब जानिए विस्तार से …
अलीगढ़ की रहने वाली अखिलेश कुमारी ने बताया- मेरे बेटे प्रभात उपाध्याय को जन्म से ही कम दिखाई पड़ता है। उसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से एमफिल, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। फिर उसकी जॉब अलीगढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज में लग गई। कुछ दिनों बाद उसका ट्रांसफर बरेली में GIC में हो गया। यहां धर्मांतरण गैंग के सदस्यों ने बेटे का ब्रेनवॉश कर दिया। इसके बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया और वह मुसलमान बन गया। 15 अगस्त से बेटा लापता है। उसका फोन भी बंद जा रहा है। मैंने बेटे के बारे में जानकारी जुटाई। इसमें पता चला कि अब्दुल मजीद नाम का मौलाना बरेली के भुता में मदरसा चलाता है। वहीं पर बेटे का धर्म परिवर्तन कराया गया है। बेटे का नया नाम हामिद रख दिया गया है। इसके बाद मैंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मंगलवार को मदरसे पर छापेमारी कर अब्दुल मजीद, फहीम, सलमान, आरिफ को गिरफ्तार किया। भाई-बहन और मां का किया ब्रेनवॉश, धर्म परिवर्तन कराया
इसी मदरसे में ब्रजपाल सिंह का धर्म परिवर्तन कराया गया। उसका नाम अब्दुल्ला रखा गया। इतना ही नहीं, उसकी मां और बहन का भी धर्म परिवर्तन कराया गया। मां ऊषा रानी का नाम हमीदा और बहन राजकुमारी का नाम आयशा रखा गया। ब्रजपाल बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र का का रहने वाला है। उसके पिता नहीं हैं। 2 साल पहले ब्रजपाल इस गैंग के संपर्क में आया। इसके बाद उसका और उसकी मां-बहन का ब्रेन वॉश किया गया। इसके बाद तीनों को कलमा पढ़वाकर मुसलमान बनाया गया। गैंग की ओर से तीनों का धर्म परिवर्तन का सर्टिफिकेट भी जारी किया गया। वहीं, एक नाबालिग का भी धर्म परिवर्तन कराया गया है। सलमान, आरिफ और फहीम धर्मांतरण गैंग के सक्रिय सदस्य है। वहीं अब्दुल मजीद प्रमुख संचालक था। उसके अंडर में सलमान, आरिफ और फहीम काम करते थे। गैंग के सदस्यों के बीच काम बंटा हुआ था। सलमान कपड़े सिलने का काम करता था। साथ ही वह धर्मग्रंथ, सीडी और किताबें उपलब्ध कराता था। आरिफ उसे इस काम में सहयोग देता था। फहीम नाई का काम करता था। लोगों की जानकारी इकट्ठा कर गैंग तक पहुंचाता था। गैंग को विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही
पुलिस को आशंका है कि गैंग की विदेशी फंडिंग की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अब्दुल मजीद के खाते में 8 महीने में 2000 से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। ये करीब 13 लाख रुपए के हैं। वहीं, सलमान और उसकी पत्नी के पास 12 बैंक खाते हैं। आरिफ और फहीम के पास भी दो-दो खाते मिले हैं। पुलिस ने सभी बैंक खातों की डिटेल्स निकलवाई हैं और जांच कर रही है। फिलहाल गैंग के और सदस्यों की पहचान की जा रही है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया- मदरसे में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जाता था। मदरसे में ही खतना कराया जाता था। गैंग अब तक 5 लोगों का धर्म परिवर्तन करवा चुका है। एक नाबालिग को ड्रग्स का आदी बनाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। ये लोग देश के अलग-अलग राज्यों में घूमकर चंदा इकट्ठा करते थे। यह बात मदरसा संचालक की ट्रैवल हिस्ट्री में सामने आई है। लोगों का ब्रेन वॉश करके उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता था। अब तक कुल 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, एक फरार है। कई राज्यों से लिया जाता था चंदा मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद है। वह यूपी से गुजरात, कर्नाटक, पुडुचेरी, उत्तराखंड समेत 13 राज्यों में जाता रहता था। ये लोग चंदा लेते हैं। इसके 13 लाख के ट्रांजैक्शन मिले है। मजीद ही मदरसा चलाता है। मुंबई और दिल्ली उसका गढ़ है। वहां चंदा इकट्ठा किया जाता है। मजीद कई बार आगरा भी गया। 5 बार संभल गया। मौके से इस्लाम धर्म से जुड़ी 25 से 30 किताबें मिली है। इनमें जाकिर नाईक की भी कई किताबें शामिल हैं। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया ———————
ये खबर भी पढ़ें… मुस्लिम लड़कियों से शादी के लिए धर्मांतरण:सरकारी टीचर समेत 6 का ब्रेनवॉश किया, बरेली में मदरसे से चल रहा था छांगुर जैसा गैंग बरेली में धर्म परिवर्तन का बड़ा मामला सामने आया है। धर्मांतरण का काम एक मदरसे में किया जा रहा था। वहां लोगों का पहले ब्रेनवॉश किया जाता था। फिर धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम लड़कियों से उनका निकाह करा दिया जाता था। अलीगढ़ में रहने वाली एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की, तो सच्चाई खुली। इसके बाद पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले 4 लोगों को अरेस्ट किया। पढ़ें पूरी खबर…