फतेहपुर में यमुना की बाढ़ कम हो गई, लेकिन जबरदस्त कटान हो रही है। यहां बीते 55 सालों में 13 हजार बीघे से अधिक जमीन नदी मे समा चुकी है। यहां यमुना किनारे कोर्राकनक गांव बसा है। इसके कभी 56 मजरे हुआ करते थे, अब तक 9 मजरों का नामोनिशान मिट चुका है। यमुना की कटान का ड्रोन वीडियो देखिए…