सीतापुर में बाघ किसान को 20 मीटर खींच ले गया:गर्दन पर दांत गड़ाकर मार डाला; बेटी बोली- पापा बहुत तड़पे; हंगामा-नारेबाजी

सीतापुर में शुक्रवार को बाघ ने एक किसान पर हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। किसान दोपहर में खेत गया था, जहां झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। किसान की चीख सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़े और शोर मचाया। लेकिन, बाघ किसान को 20 मीटर गन्ने के खेत में खींच ले गया। लोग लाठी-डंडा लेकर खेत में घुसे तो देखा कि किसान दर्द से कराह रहा था। उसकी गर्दन पर बाघ के दांतों के निशान थे। आनन-फानन में परिजन किसान को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जिनसे ग्रामीणों की झड़प हो गई। गांव के लोग किसान की मौत से गुस्से में थे। पुलिस को शव को उठाने नहीं दिया। वो मुआवजे की मांग पर अड़ गए। करीब आधे घंटे तक हंगामा चला। आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर लोग पोस्टमॉर्टम कराने के लिए मान गए। किसान के परिवार में कोहराम मच गया है। बेटी ने रोते हुए कहा, पापा बहुत तड़पे। छह दिनों के भीतर बाघ का यह दूसरा हमला है, जब किसान की जान गई है। इलाके में बाघ का आतंक चरम पर है। 20 से 25 गांव बाघ के डर से सहमे हुए हैं। हालत यह है कि लोग खेतों में काम करने तक नहीं जा पा रहे। चारे के लिए निकलने वाले ग्रामीण डंडा और कुल्हाड़ी लेकर जंगल की ओर जा रहे हैं। बीते दिनों विधायक खुद राइफल लेकर गांव-गांव गश्त करते नजर आए थे। 2 फोटो देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… ग्रामीणों के दौड़ने पर किसान को छोड़कर भागा बाघ
घटना महोली कोतवाली क्षेत्र के बसारा गांव की है। किसान राकेश कुमार (50) शुक्रवार दोपहर खेत में घास काटने गए थे। बाघ गन्ने के खेत से 20 मीटर दूर यूकेलिप्टस के पेड़ के पास झाड़ियों में छिपकर बैठा था। राकेश कुमार इस बात से अनजान थे। वे घास काट रहे थे, अचानक बाघ ने पीछे से राकेश पर हमला कर दिया। लोग दौड़े तो बाघ राकेश को छोड़कर गन्ने की खेतों में भाग गया। लेकिन तब तक बाघ के हमले से राकेश बुरी तरह घायल हो चुके थे। बाघ के हमले की खबर सुनते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंच गए। परिजन और ग्रामीण राकेश को आनन-फानन में अस्पताल ले गए। वहां, डॉक्टरों ने किसान को मृत घोषित कर दिया। बेटी बोली- “पापा बहुत तड़पे…”
राकेश कुमार की बेटी सरस्वती (15) रोते-रोते बेहोश हो जा रही है। उसने कहा- “पापा बहुत तड़पे, कोई नहीं बचा पाया…।” वहीं, पत्नी गीता, बेटी शिखा (12) और अवनीश (11) का बुरा हाल है। राकेश की पत्नी गीता ने कहा, अगर बाघ पकड़ा नहीं गया तो वह और लोगों को मारेगा। छह दिन पहले युवक को खा गया था बाघ
छह दिन पहले 22 अगस्त को बाघ ने नरनी गांव में शुभम दीक्षित पर हमला किया था। बाघ शुभम का दाहिना पैर खा गया था। अब उसने नरनी गांव से 12 किलोमीटर की दूरी पर खेतों में राकेश पर हमला किया है। ग्रामीणों ने शव ले जाने से किया मना
घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी है। ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। परिजनों ने शव ले जाने से मना कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें समझा-बुझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। करीब आधे घंटे तक ग्रामीणों ने शव को रोके रखा था। बाघ को पकड़ने के लिए 20 ट्रैप कमरे लगे हैं
वन विभाग की टीम लगातार बाघ को पकड़ने के प्रयास में है। उसने 20 ट्रैप कैमरे लगा रखे हैं। दुधवा की एक्सपर्ट टीम, डब्ल्यूटीआई की टीम सहित 40 वनकर्मी बाघ को पकड़ने के लिए लगे हैं। लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की दहशत के चलते मवेशियों को हरा चारा मिलने की भी दिक्कत हो गई अब सिर्फ गांव के मवेशी सूखे भूसे के सहारे ही रहा रहें है। इसके साथ फसलों की रखवाली भी प्रभावित हुई है। पूर्व विधायक बोले- बाघ आदमखोर हो चुका है, मारने की परमिशन मिले
सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने कहा, वन विभाग गंभीरता से बात को नहीं ले रहा है। मैंने पहले भी कहा था कि बसारा गांव में लोगों ने बाघ को देखा है। वहां भी खतरा है। उसने दो गायों पर भी हमला किया था। वन विभाग आज भी इसे मानने से इनकार कर रहा है। वो इसे भेड़िया बता रहे हैं। ऊपर के अधिकारियों को गलत सूचना दे रहे हैं। अगर वन विभाग नहीं समझा तो आगे और भी घटनाए होती रहेंगी। बाघ ने अपना परिवार बना लिया है। वो तीन से चार की संख्या में हैं। मेरी शासन से मांग है कि यहां तुरंत हाथी भेजे जाएं। और आदमखोर बाघ को घेर कर मारने की अनुमति दी जाए। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने कहा- प्रथम दृष्टया शरीर पर बाघ के हमले के कोई निशान नहीं मिले हैं। और न ही मौके पर कोई पगचिह्न मिले हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। —————————————————
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