मथुरा में एक युवक ने साथियों के साथ मिलकर पहले अपने चचेरे भाई को किडनैप किया। फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। भाई की हत्या करने के बाद भाभी को भी बेरहमी से पीटा। फिर भाभी को मरा समझकर झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद घर से 2.5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और कैश चुराकर भाग गया। महिला ने होश में आने पर पुलिस को घटना की सूचना दी। जांच-पड़ताल करने के बाद पुलिस को महिला के पति का शव मिला। वारदात स्थल के CCTV खंगालने पर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये मामला सदर बाजार के औरंगाबाद इलाके का है। अब सिलसिलेवार पूरा मामला पढ़िए… फोन आया रिक्शा चाहिए, फिर आनंद का पता नहीं चला
कृष्णा कुंज कॉलोनी में रहने वाले आनंद उर्फ सुखा समान ढोने वाला रिक्शा चलाता था। परिवार में पत्नी संजू है। आनंद के पास 1 सितंबर की दोपहर फोन आया कि भाड़े पर उसका रिक्शा चाहिए। इसके बाद आनंद रिक्शा लेकर निकल गया। लेकिन, रात 11 बजे तक वह नहीं आया। इस पर पत्नी संजू को चिंता हुई। आधी रात तक संजू आस-पड़ोस और रिश्तेदारों को फोन करके पति के बारे में पूछती रही। लेकिन, उसका कुछ भी पता नहीं चला। पत्नी को आनंद के फोन से कॉल आई
संजू के पास 1 सितंबर की देर रात आनंद के नंबर से फोन आया। लेकिन, कॉल पर आनंद की बजाय कोई और व्यक्ति बोल रहा था। उसने कहा- तुम्हारा पति शराब पीकर गोकुल बैराज रोड पर पड़ा है। आकर उसे ले जाओ। इसके बाद संजू जब वहां पहुंची, तो वहां आनंद नहीं मिला। बस कुछ लोग खड़े थे। उन लोगों ने पीछे से संजू पर हमला कर दिया। जब संजू जमीन पर गिर पड़ी, तो आरोपियों उसे मरा हुआ समझकर अछनेरा रोड जंगल में फेंक दिया। इस मारपीट से संजू के 2 दांत टूट गए। गले पर भी रस्सी के भी निशान बन गए। इधर संजू को मरा समझकर फेंकने के बाद आरोपी 1 सितंबर की देर रात ही आनंद के घर पहुंचे। वहां उन्होंने अलमारी की तिजोरी में रखे सोने-चांदी के जेवर और कैश चोरी किए, फिर भाग गए। उधर, आरोपियों के हमले से किसी तरह बची संजू होश आने पर 2 सितंबर की सुबह घर पहुंची। उसने देखा पूरा घर फैला था, सारा सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी की तिजोरी में रखा सामान भी गायब था। तब संजू ने पूरी जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। चचेरे भाई को मारने की साजिश रची
पुलिस ने बताया- आनंद के गायब होने की जांच चल रही थी। तभी पता चला कि यमुना में एक लाश मिली। शिनाख्त करने पर पता चला कि वो आनंद का शव है। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी और फोन कॉल की रिकॉर्डिंग चेक की। इसके बाद पहला शक आनंद के चचेरे भाई आदि उर्फ आदित्य पर गया। पुलिस ने जब आदि उर्फ आदित्य की गतिविधियों पर नजर रखी, तो वह संदिग्ध दिखाई दी। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। भाई ने कबूला भाई की हत्या करने का जुर्म
पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ में आदि ने बताया- मुझे रुपए की जरूरत थी। आनंद के बच्चे नहीं थे और उसके पास पैसा भी था। आनंद 1 सितंबर को बैंक से ढाई लाख रुपए निकाल कर लाया था। जब मुझे इस बारे में पता चला, तो मैंने अपने साथियों के साथ उसकी किडनैपिंग का प्लान बनाया। भाभी की भी हत्या करने की योजना थी। इसीलिए उसे मारकर फेंका था। इस पूरे काम में मेरा साथ गौरव, अंकित, फैजान और विवेक बघेल ने दिया। मैं अपने साथियों के साथ आनंद को किडनैप कर दोस्त अंकित के कदंब बिहार स्थित घर पर ले गया। जहां आनंद ने आदि को पहचान लिया। तभी मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर आनंद का गला घोंटकर उसे मार दिया। इसके बाद हम लोगों ने आनंद के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसके शव को बोरी में भरकर गाड़ी में डाला। फिर लक्ष्मी नगर स्थित यमुना पुल पर ले आए। जहां से आनंद के शव को यमुना में फेंक दिया। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया- मामले की जांच की गई, तो इस वारदात के मास्टर माइंड और उसके साथियों का पता चला। जब पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। आरोपियों से पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण के अलावा वारदात में प्रयोग की गई इको गाड़ी, मृतक का रिक्शा और 2 तमंचा बरामद किए हैं। —————————- ये खबर भी पढ़िए… मुंबई में ब्लास्ट की धमकी, आरोपी नोएडा से गिरफ्तार, बिहार का रहने वाला; वॉट्सऐप पर लिखा था- 34 गाड़ियों में 400 किलो विस्फोटक लगाया मुंबई में गणेश उत्सव के बीच ब्लास्ट की धमकी देने वाले शख्स को उत्तर प्रदेश के नोएडा से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। 50 साल के आरोपी का नाम अश्विन कुमार सुप्रा है। बिहार के पटना का रहने वाला है और पिछले 5 साल से नोएडा में रह कर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का काम करता था। पढ़ें पूरी खबर…
कृष्णा कुंज कॉलोनी में रहने वाले आनंद उर्फ सुखा समान ढोने वाला रिक्शा चलाता था। परिवार में पत्नी संजू है। आनंद के पास 1 सितंबर की दोपहर फोन आया कि भाड़े पर उसका रिक्शा चाहिए। इसके बाद आनंद रिक्शा लेकर निकल गया। लेकिन, रात 11 बजे तक वह नहीं आया। इस पर पत्नी संजू को चिंता हुई। आधी रात तक संजू आस-पड़ोस और रिश्तेदारों को फोन करके पति के बारे में पूछती रही। लेकिन, उसका कुछ भी पता नहीं चला। पत्नी को आनंद के फोन से कॉल आई
संजू के पास 1 सितंबर की देर रात आनंद के नंबर से फोन आया। लेकिन, कॉल पर आनंद की बजाय कोई और व्यक्ति बोल रहा था। उसने कहा- तुम्हारा पति शराब पीकर गोकुल बैराज रोड पर पड़ा है। आकर उसे ले जाओ। इसके बाद संजू जब वहां पहुंची, तो वहां आनंद नहीं मिला। बस कुछ लोग खड़े थे। उन लोगों ने पीछे से संजू पर हमला कर दिया। जब संजू जमीन पर गिर पड़ी, तो आरोपियों उसे मरा हुआ समझकर अछनेरा रोड जंगल में फेंक दिया। इस मारपीट से संजू के 2 दांत टूट गए। गले पर भी रस्सी के भी निशान बन गए। इधर संजू को मरा समझकर फेंकने के बाद आरोपी 1 सितंबर की देर रात ही आनंद के घर पहुंचे। वहां उन्होंने अलमारी की तिजोरी में रखे सोने-चांदी के जेवर और कैश चोरी किए, फिर भाग गए। उधर, आरोपियों के हमले से किसी तरह बची संजू होश आने पर 2 सितंबर की सुबह घर पहुंची। उसने देखा पूरा घर फैला था, सारा सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी की तिजोरी में रखा सामान भी गायब था। तब संजू ने पूरी जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। चचेरे भाई को मारने की साजिश रची
पुलिस ने बताया- आनंद के गायब होने की जांच चल रही थी। तभी पता चला कि यमुना में एक लाश मिली। शिनाख्त करने पर पता चला कि वो आनंद का शव है। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी और फोन कॉल की रिकॉर्डिंग चेक की। इसके बाद पहला शक आनंद के चचेरे भाई आदि उर्फ आदित्य पर गया। पुलिस ने जब आदि उर्फ आदित्य की गतिविधियों पर नजर रखी, तो वह संदिग्ध दिखाई दी। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। भाई ने कबूला भाई की हत्या करने का जुर्म
पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ में आदि ने बताया- मुझे रुपए की जरूरत थी। आनंद के बच्चे नहीं थे और उसके पास पैसा भी था। आनंद 1 सितंबर को बैंक से ढाई लाख रुपए निकाल कर लाया था। जब मुझे इस बारे में पता चला, तो मैंने अपने साथियों के साथ उसकी किडनैपिंग का प्लान बनाया। भाभी की भी हत्या करने की योजना थी। इसीलिए उसे मारकर फेंका था। इस पूरे काम में मेरा साथ गौरव, अंकित, फैजान और विवेक बघेल ने दिया। मैं अपने साथियों के साथ आनंद को किडनैप कर दोस्त अंकित के कदंब बिहार स्थित घर पर ले गया। जहां आनंद ने आदि को पहचान लिया। तभी मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर आनंद का गला घोंटकर उसे मार दिया। इसके बाद हम लोगों ने आनंद के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसके शव को बोरी में भरकर गाड़ी में डाला। फिर लक्ष्मी नगर स्थित यमुना पुल पर ले आए। जहां से आनंद के शव को यमुना में फेंक दिया। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया- मामले की जांच की गई, तो इस वारदात के मास्टर माइंड और उसके साथियों का पता चला। जब पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। आरोपियों से पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण के अलावा वारदात में प्रयोग की गई इको गाड़ी, मृतक का रिक्शा और 2 तमंचा बरामद किए हैं। —————————- ये खबर भी पढ़िए… मुंबई में ब्लास्ट की धमकी, आरोपी नोएडा से गिरफ्तार, बिहार का रहने वाला; वॉट्सऐप पर लिखा था- 34 गाड़ियों में 400 किलो विस्फोटक लगाया मुंबई में गणेश उत्सव के बीच ब्लास्ट की धमकी देने वाले शख्स को उत्तर प्रदेश के नोएडा से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। 50 साल के आरोपी का नाम अश्विन कुमार सुप्रा है। बिहार के पटना का रहने वाला है और पिछले 5 साल से नोएडा में रह कर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का काम करता था। पढ़ें पूरी खबर…