एक पति छोड़ा, दूसरे से शादी, उससे दूरी…कई बॉयफ्रेंड:नंदिनी मर्डर की वजह रिश्तों की मिस्ट्री, ससुर बोला-देह व्यापार करती थी, आरोपी की पत्नी बोली-धमकी से परेशान होकर गोली मारी

मेरी मां को अरविंद ने गोलियां मारी थीं। क्यों मारीं, ये नहीं पता। मैं बचपन से अरविंद और मम्मी के साथ रहा हूं। अरविंद मुझे भी मारता था। अभी कुछ दिन पहले मम्मा मुझे दिल्ली ले गई थी, मैं वहां 10 दिन रहा। फिर वो मुझे नानी के पास छोड़ गईं। 2 महीने से यहीं नानी के पास रह रहा हूं। ये शब्द हैं नंदिनी के पहले पति से हुए 8 साल के बेटे मयंक के। नंदिनी की 12 सितंबर को उसके दूसरे पति अरविंद परिहार ने ग्वालियर में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। फेसबुक लाइव भी किया था। पत्नी की हत्या के करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने अरविंद को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने नंदिनी का शव लेने झांसी के बरौल गांव से उसके पिता को बुलाया। पहले पिता ने कहा- अंतिम संस्कार ससुराल वालों से करवाइए। लेकिन अरविंद के परिजन वहां नहीं पहुंचे तो नंदिनी के पिता शव लेकर आए और गांव में उसका अंतिम संस्कार किया। इसी बीच खबरें आईं कि नंदिनी की 5 शादियां हो चुकी हैं। अरविंद की भी नंदिनी के साथ ये तीसरी शादी थी। तमाम दावों की हकीकत जानने दैनिक भास्कर की टीम ग्वालियर पहुंची। इसके बाद अरविंद परिहार के घर डबरा के पुट्टी गांव भी गई। अरविंद के परिजन, पहली पत्नी और बच्चों से बात की। इसके बाद टीम वहां से करीब 130 किमी दूर झांसी के करौल गांव पहुंची। यहां नंदिनी के परिजन से बात की। पढ़िए, रिपोर्ट… सबसे पहले अरविंद के परिजन के आरोप पत्नी बोली- धमकियों से परेशान थे इसलिए गोली मारी
ग्वालियर जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर पिछोर थाना इलाके में पुट्टी गांव है। इसी गांव में अरविंद का 3 कमरे का घर है। इस घर में अरविंद की मां, उसकी पहली पत्नी, भाई और भाभी रहते हैं। अरविंद के पिता, अरविंद के दो बच्चों और उसके बड़े भाई के 2 बच्चों की पढ़ाई के लिए डबरा में किराए के मकान में रहते हैं। घर पहुंचकर हमने अरविंद की पत्नी सीमा परिहार से बात की। सीमा ने कहा- अरविंद से मेरी शादी हुए 12 साल हो गए हैं। मेरे दो बच्चे भी हैं। मैं अपनी ससुराल में ही रह रही हूं। जब से नंदिनी मेरे पति के जीवन में आई, तब से उसने मेरी जिंदगी तहस-नहस कर दी। पहले मेरे पति अच्छे से घर में रहते थे। गाड़ी चलाकर पैसा कमाते थे। घर लाकर देते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। नंदिनी उनके संपर्क में आई तो उसने मेरे पति का घर आना बंद करा दिया। घर में पैसे भी नहीं देने देती थी। वो फोन कॉल के जरिए मुझे धमकाती थी। बर्बाद करने की धमकी देती थी। पति से तलाक लेने का दबाव बनाती थी। वो चाहती थी कि मैं यहां न रहूं। साढ़े तीन साल से पति घर नहीं आए हैं। वो छिपकर मुझसे बात करते थे। उसके सामने वो फोन पर भी बात नहीं कर सकते थे, वो उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने और परिवार को बर्बाद करने की धमकी देती थी। मेरे पति उससे परेशान रहने लगे थे, इसीलिए उन्होंने उसे गोली मार दी। अभी मेरी 4 दिन पहले उनसे बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वो गाड़ी में हैं। उन्होंने बस हमारे हालचाल पूछे थे। शुरुआत में तो हमें पता नहीं चला था कि वो नंदिनी के साथ संबंध में हैं। शादी की जानकारी के बाद हमें पता चला। हमने अरविंद को समझाया, वो नहीं माने। भाई ने कहा- नंदिनी ने कई लड़कों की जिंदगी बर्बाद की थी
अरविंद के भाई गजेंद्र परिहार ने कहा- हमें पता चला है कि नंदिनी फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए अरविंद के संपर्क में आई थी। उसने सिर्फ अरविंद की नहीं बल्कि कई लड़कों की जिंदगी बर्बाद की थी। कई गुंडे भी उसके संपर्क में थे। इन्हीं गुंडों के साथ मिलकर ही उसने अरविंद को मल खिलाया था। इसका वीडियो भी बनाया था। उसने इस वीडियो को पोस्ट भी कर दिया था। इसके बाद से अरविंद अवसाद में जी रहा था। दोनों के बीच हालात ऐसे बन गए थे कि ये उसको नहीं मारता तो वो उसे मार देती। उसने अरविंद पर कई केस कर रखे थे। वो जमीन और घर तक अपने नाम कराने की डिमांड कर रही थी। हमारे पास एक छोटा घर और 20 बीघा जमीन है। पिता ने कहा- रात का 10 हजार तक चार्ज करती थी
अरविंद के पिता राजेंद्र परिहार ने कहा- नंदिनी और अरविंद ने साल 2023 में शादी कर ली थी। इसके बाद ये दोनों एक फ्लैट में रहने लगे। अरविंद को पता था कि नंदिनी ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। बाद में अरविंद को पता चला कि ये लड़की इंस्टाग्राम वगैरह पर किसी भी लड़के को हाय बोलती थी। उससे बात करने लग जाती थी। इसके बाद ये उस लड़के के पास चली जाती थी और उससे एक नाइट के 5 से 10 हजार रुपए वसूलती थी। टीआई को फंसाकर 20 लाख वसूले थे
राजेंद्र ने आगे बताया- सबसे पहले नंदिनी के पिता बृजमोहन रैकवार ने अपनी नाबालिग बच्ची की पैसे लेकर दतिया के कैरोना गांव में गोटीराम केवट से शादी कर दी थी। इसके बाद उस लड़की ने गोटीराम केवट पर केस लगाकर उसे छोड़ दिया। फिर छोटेलाल मांझी के साथ रहना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने दतिया के रहने वाले निमलेश सेन के साथ संबंध बनाए। उसके साथ रहने लगी। फिरोज खां, जुनैद खां, गणेश कुशवाह के साथ मिलकर निमलेश की सड़क पर पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी थी। इसकी एफआईआर की कॉपी मेरे पास है। इस हत्या के मामले में वो जेल भी गई थी। इसके बाद उसने ग्वालियर के एक टीआई को फंसाया। उन्होंने इसके साथ 2-3 दिन हॉस्टल में बिताए। इसके बाद नंदिनी ने टीआई पर एफआईआर की। राजीनामा करने के लिए टीआई साहब से 20 लाख रुपए ऐंठे। इस बात की चर्चा ग्वालियर के हर थाने में है। राजीनामा की कॉपी मेरे पास है। पहले पति के खिलाफ शिकायत की- देह व्यापार कराता है
पुराने अखबार की कटिंग दिखाते हुए राजेंद्र ने बताया- इसका पहले पति से बच्चा हुआ था, उसे अस्पताल में छोड़कर गायब हो गई थी। इसके बाद अगले दिन इसने पुलिस में अपने पति के नाम शिकायत की थी कि वो इससे मारपीट करता है और देह व्यापार कराता है। इसके बाद वो फिर गायब हो गई थी। इन सभी हरकतों के बाद ये लड़की मेरे बेटे से मिली। इनका संबंध बना। 5-6 साल से इनका संबंध था। साल 2023 में इन्होंने शादी की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित तमाम जगह ये अपने नाम में ठाकुर सरनेम लगाती थी। जानकारी लगने पर मैंने अरविंद से इससे दूर रहने को कहा, लेकिन वो कहता था कि इसके बिना नहीं जी पाऊंगा। नंदिनी को भी बताया कि अरविंद शादीशुदा है, उससे दूर रहे। वो नहीं मानी। अरविंद ने ही नंदिनी पर चढ़ाई थी कार
अरविंद के पिता ने कहा- नंदिनी ने अब तक अरविंद पर कुल 6 एफआईआर दर्ज कराई थीं। अरविंद पर केस करती थी, फिर राजीनामा करके पैसे ऐंठती थी। अभी पिछले साल नवंबर के महीने में उसने अरविंद पर धारा 307 का केस दर्ज कराया था। उस राजीनामा में इसने अरविंद की एक एम्बुलेंस अपने नाम करा ली थी। उसको लेकर गायब हो गई थी। बाद में पता चला कि दिल्ली में है। नंदिनी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरे बेटे ने नंदिनी पर कार चढ़ाई है। एम्बुलेंस लेने के बाद नंदिनी ने कोर्ट में बयान दिया कि अरविंद ने उस पर गाड़ी नहीं चढ़ाई है, पिता ने गलत एफआईआर कराई है। हालांकि, गाड़ी अरविंद ने चढ़ाई थी। दरअसल, अरविंद को इसके किसी और लड़के से संबंध की बात पता चली थी। अरविंद ने उसे रोका था। वो नहीं मानी। गालियां दीं। उसके पिता ने भी गालियां दीं। तब अरविंद ने गुस्से में आकर कार चढ़ाई थी। जो उसके पैसों पर पलते थे, उन्होंने भी साथ नहीं दिया
राजेंद्र परिहार ने कहा- जिस दिन नंदिनी की हत्या हुई, उसके साथ अंकुश और कल्लू भी थे। नंदिनी कमजोर लड़की नहीं थी, वो पुलिस वालों के कॉलर पकड़ लेने वाली लड़की थी। जो लड़की मर्डर कर सकती है, वो कमजोर नहीं थी। इन तीनों को अरविंद से हाथापाई करके कट्टा छीन लेना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वो भाग गए और ये घटना घट गई। सबसे बड़ा दोष तो मैं उसके साथियों का ही मानता हूं। वो लोग नंदिनी के पैसे पर ही पलते थे, नंदिनी अंकुश के बैंक खाते में ही पूरा पैसा भेजती थी। फिर भी उन्होंने साथ नहीं दिया। ये लोग नंदिनी को भड़काते थे। इनके कहने पर नंदिनी अरविंद को गालियां बकती थी। उससे कहती थी कि तुझे और तेरे मां-बाप को सड़क पर ला दूंगी। उसके मर्डर के पीछे का कारण नंदिनी का सोशल मीडिया पर डाला गया वो वीडियो था, जिसमें नंदिनी ने एक्सीडेंट वाली घटना के बाद गुंडों के साथ आकर अरविंद को मल खिलाया था। उसका वीडियो बनाकर पहले धमकाया। फिर सोशल मीडिया पर अपलोड किया। उसके बाद फिर डिलीट भी कर दिया। मुझसे भी वो वीडियो देखा नहीं गया था। इस वीडियो के बाद अरविंद सोचने लगा था कि उसका जीना बेकार है। अब नंदिनी के मायके वालों का पक्ष जानिए… मां बोली- पहले पति ने घर से निकाल दिया था
करौल गांव के आखिरी छोर पर 2 कमरों के अधबने मकान में नंदिनी के मां-बाप और उसके दो छोटे भाई रहते हैं। घर में लेटने के लिए खटिया भी नहीं है। नंदिनी की तीन और छोटी बहने हैं, जिनकी शादी हो गई है। नंदिनी की मां सुखदेवी ने कहा- मेरी लड़की नंदिनी आठवीं तक पढ़ी थी। इसके बाद हमने उसकी शादी दतिया के कैरोना गांव में गोटीराम केवट से की थी। उसने मेरी बेटी को 3-4 साल साथ में रखा। उसके दो बच्चे भी पैदा हुए। वो नंदिनी को शुरुआत से ही पीटता था। बेल्ट से मारता था। एक दिन उसने नंदिनी को घर से निकाल दिया और दूसरी शादी कर ली। नंदिनी दतिया में रहकर बर्तन धोने का काम करने लगी। वहां एक मैडम ने उसे पार्लर में काम दिलाया। नंदिनी पार्लर में काम करके दोनों बच्चों को पालने लगी। एक बच्चा गंभीर बीमार हुआ। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। तब भी गोटीराम अपने बच्चे को देखने अस्पताल नहीं आया था। मैं नहीं जानती, कैसे नंदिनी अरविंद परिहार के संपर्क में आ गई। उसने इसे भरोसे में लिया। कुछ ही दिन बाद वो अपने बेटे को लेकर अरविंद के साथ रहने लगी। ग्वालियर में ही पार्लर का काम करती थी। अरविंद ने नंदिनी के ऊपर दो बार गाड़ी चढ़ाई
नंदिनी की मां सुखदेवी ने आगे बताया- अरविंद के साथ नंदिनी का रिश्ता 6 साल का था। वो नंदिनी के साथ कई बार हमारे गांव भी आया। कई बार अपने दोस्तों को भी घुमाने लेकर आता था। दो बार गांव के मंदिर में भंडारे भी किए। मेरी बेटी पर शादी का दबाव बनाया। उसे और उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। 2023 में नंदिनी और अरविंद की आर्य समाज मंदिर में शादी हुई। उन्होंने कोर्ट मैरिज भी कर ली थी। इसके बाद नंदिनी के बेटे मयंक को दो बार किसी अनजान जगह पर छोड़ कर आया ताकि वो गुम जाए, लेकिन बच्चा होशियार है। वापस आ जाता था। शादी के बाद नंदिनी को लगातार टॉर्चर करता था। इसकी वजह तो नहीं पता लेकिन उसने एक बार नंदिनी को चूहामार जहर खिला दिया था। किसी तरह उसकी जान बची। नवंबर 2024 में उसने मेरी बेटी के कंधे में चाबी घुसा दी थी। तब नंदिनी ने हमें कॉल किया। सारी बात बताई तो हम उसके पास गए थे। इसके बाद हमने सिरौल थाने में अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जब मैं, नंदिनी, उसका बेटा और मेरे पति पैदल गांव की तरफ आने लगे। पीछे से अरविंद गाड़ी लेकर आया। वो मुझे और नंदिनी के बेटे को गाड़ी से टक्कर मारते हुए निकला। इसके बाद उसने हमारे सामने नंदिनी के ऊपर से दो बार गाड़ी निकाली। हम उसे मरा मान चुके थे, लेकिन जैसे-तैसे बच गई।। वो कई दिन तक अस्पताल में भर्ती रही। उसने खुद 4-5 लाख रुपए का जुगाड़ कर अपना इलाज कराया था। अंकुश दिल्ली ले गया, ब्यूटी पार्लर में काम दिलाया
सुखदेवी ने बताया कि उस घटना के बाद अरविंद करीब ढाई महीने जेल में रहा। जैसे ही वो जमानत पर बाहर आया, नंदिनी उसके डर से पार्लर में काम करने दिल्ली चली गई। कोर्ट में अपनी तारीख पर यहां आई थी। उसने पुलिस प्रोटेक्शन भी मांगा था, लेकिन पुलिस ने उसे प्रोटेक्शन नहीं दिया। अरविंद ने मौका देखकर उसे मार डाला। अंकुश पाठक, कल्लू पंचाल नंदिनी के कौन हैं? कैसे संपर्क में आए…इस सवाल का जवाब देते हुए नंदिनी की मां ने कहा- वो ग्वालियर में ही रहते थे। नंदिनी से उनकी दोस्ती हुई होगी। जब अंकुश ने नंदिनी की परेशानी समझी तो वो उसे दिल्ली ले गया। अंकुश और उसके परिवार ने उसे अपना लिया था। वो दिल्ली में रहकर काम करने लगी थी। अपने बच्चे को भी 10 दिन के लिए अपने साथ ले गई थी। पुलिस में शिकायत की तो मारने की कोशिश की थी
सुखदेवी ने नंदिनी की पांच शादी होने की बात से भी इनकार किया। कहा- नंदिनी की दो ही शादी हुई हैं। पहले दतिया में, फिर अरविंद के साथ। हमारे गांव में किसी से भी पूछ लीजिए, वो भी सब जानते हैं। वो कभी जेल में नहीं रही। जेल जाती तो हमें पता चलता ही। नंदिनी अरविंद को गिफ्ट में चेन, अंगूठी देती थी। जितना भी पैसा कमा रही थी, अरविंद को ही दे रही थी, लेकिन अरविंद सभी चीजें अपनी पत्नी को दे देता था। नंदिनी ने अपनी दी हुई अंगूठी और चेन अरविंद की पत्नी को पहने देखा है। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। अरविंद ने मारपीट की। हमने पुलिस में शिकायत की तो उसने गाड़ी चढ़ा दी। नंदिनी जो पैसा कमाती थी, अंकुश के खाते में डालती थी
नंदिनी की मौत के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए नंदिनी के पिता को झांसी से ग्वालियर बुलाया। उनके साथ गांव के ही समाजसेवक लवकुश यादव आए थे। लवकुश ने कहा- नंदिनी के पिता के पास ग्वालियर जाने तक का किराया नहीं था। उन्होंने मुझसे मदद मांगी। मैं उन्हें साथ लेकर ग्वालियर गया। मैंने थाने में अरविंद परिहार और अंकुश पाठक दोनों से बात की थी। अंकुश के साथ नंदिनी दिल्ली में रह रही थी। जो बात अरविंद ने बताई थी, वही बात अंकुश ने भी स्वीकारी। मुझे पता चला है कि नंदिनी जो भी पैसा कमाती थी, वो अंकुश के खाते में ही डालती थी। सारा पैसा अंकुश के पास है। नंदनी के इंश्योरेंस, बैंक पासबुक और तमाम दस्तावेज भी उसी के पास हैं। मैं चाहता हूं कि वो अंकुश से वसूलकर नंदिनी के इकलौते बेटे को दिया जाए, क्योंकि उसका बाप पहले ही उसे छोड़ चुका है और अब मां की भी मौत हो गई है। वो अनाथ हो चुका है। उसकी जिंदगी कैसे कटेगी। अंकुश से लेकर बेटे को दिलाया जाए नंदिनी का पैसा
लवकुश यादव ने बताया- मैंने अंकुश से पैसे के बारे में पूछा तो वह मुकर रहा था। उसने बताया कि नंदिनी के 80 हजार रुपए मेरे खाते में फंसे हैं। निकल नहीं रहे हैं। इसके अलावा उसने बताया कि ग्वालियर के कान्हा ज्वेलर्स के पास नंदिनी के 18 हजार रुपए जमा हैं। एक दूसरे ज्वेलर के पास 50 हजार रुपए के गहने हैं, जिस पर इन्होंने 20 हजार कर्ज ले रखा है। एक बैंक में नंदिनी के 5 लाख रुपए के जेवर रखे हुए हैं, जिस पर इन्होंने 1 लाख 55 हजार रुपए का लोन ले रखा है। जब मैंने बैंकों के नाम पूछे तो उसने कहा कि उसे इसकी जानकारी नहीं है। जब उसे इतना सब पता है तो सारी जानकारी होगी। उसे नंदिनी का पैसा उसके बेटे को लौटाना चाहिए। पुलिस को इस पर ठोस कार्रवाई करना चाहिए। नंदिनी पर जब गाड़ी चढ़ाई गई थी, तब 4 से 5 लाख रुपए खर्च हुए थे। उसका इंश्योरेंस से पैसा मिलना था। पुलिस को नंदिनी के बेटे की मदद करनी चाहिए। एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि अंकुश के साथ दिल्ली जाकर नंदिनी किसी स्पा सेंटर में काम करने लगी थी। वहां से उसकी बहुत कमाई होती थी। ज्यादातर पैसा अंकुश के खाते में ट्रांसफर होता था। अंकुश के खाते की जांच होना चाहिए। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… गोलियों से भूनने वाला बोला- पत्नी को मारकर सुकून मिला ग्वालियर में पत्नी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने वाले अरविंद परिहार को अपने किए का जरा भी दुख नहीं है। पूछताछ के दौरान मुस्कुराते हुए उसने कहा- अब रोज-रोज की किच-किच से पीछा छूट गया। मलाल बस एक ही बात का है कि उसने मेरे सामने दम नहीं तोड़ा। मेरे सामने मरती तो मुझे सुकून मिलता। पढें पूरी खबर… पत्नी के सिर में गोली मारकर हत्या करने का वीडियो ग्वालियर में युवक ने अपनी पत्नी की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी। उसने कट्‌टे से उसके सिर में चार फायर किए। हत्या के बाद वह पत्नी के शव के पास ही बैठा रहा। इसका वीडियो भी सामने आया है। घटना रूप सिंह स्टेडियम के सामने की है। पुलिस वहां पहुंची तो आरोपी ने उन पर भी 315 बोर का कट्‌टा तान दिया। पढ़ें पूरी खबर…