बसपा सुप्रीमो मायावती 9 साल बाद लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने मंच से सीएम योगी की तारीफ की। कहा- सपा की तरह पैसा नहीं दबाकर रखे। बसपा ने कांशीराम के नाम पर कॉलेज और संस्थानों के नाम रखे, योजनाएं शुरू कीं, लेकिन सपा ने सब बदल दिया। ये उनका दोगला चरित्र नहीं तो क्या है। जब ये सत्ता में नहीं रहते तो इनको पीडीए याद आता है। ऐसे दोगले लोगों से सावधान रहना जरूरी है इससे पहले मायावती भतीजे आकाश के साथ मंच पर पहुंचीं। उन्होंने रैली में आए समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। अबंडेकर मैदान में हो रही रैली में बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत 5 राज्यों से लाखों समर्थक पहुंचे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। रैली में दो मंच तैयार कराए गए हैं। एक पर खुद मायावती और उनकी सोशल इंजीनियरिंग के सभी सात चेहरे मौजूद रहेंगे। दूसरे मंच पर प्रदेश के मंडल कोआर्डिनेटर्स को जगह मिलेगी। लखनऊ में ही बसपा की आखिरी बड़ी रैली 9 अक्टूबर 2016 को हुई थी। इसमें एक लाख की भीड़ कांशीराम स्मारक स्थल पर उमड़ी थी। तब भगदड़ मचने से 3 लोगों की मौत हो गई थी।बसपा 2012 में यूपी की सत्ता से बाहर हुई। इसके बाद पार्टी का ग्राफ लगातार गिरता गया। 2022 के चुनाव में सिर्फ एक विधानसभा सीट जीत पाई। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता नहीं खुला। बसपा का शक्ति प्रदर्शन 2027 विधानसभा का आगाज माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार कहते हैं- अर्श से फर्श का सफर तय करने वाली बसपा को इस कार्यक्रम से बड़ी संजीवनी मिल सकती है। मायावती की रैली से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…