लखनऊ के सिविल अस्पताल में बुखार पीड़ित तेलीबाग निवासी आशीष वर्मा (45) की सोमवार देर शाम इलाज दौरान मौत हो गई। वह एक निजी कंपनी में सर्वे कर्मचारी थे। आशीष के भाई के मुताबिक वह डेंगू से पीड़ित थे। जांच में पता चला था कि प्लेटलेट्स गिरकर 65 हजार पहुंच गया है। हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक शुगर बढ़ने से मरीज को दिल का दौरा पड़ा था, जिसकी वजह से मौत हुई है। वहीं, लखनऊ सीएमओ का कहना है डेथ ऑडिट कराई जाएगी। कई दिनों से आ रहा था तेज बुखार मृतक के भाई रितेश ने बताया कि आशीष एक सप्ताह से तेज बुखार से पीड़ित थे। पहले निजी डॉक्टर को दिखाया गया था। उन्होंने निजी लैब से जांच कराई तो 8 अक्टूबर की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। शरीर में प्लेटलेट्स 80 हजार निकला। रविवार देर रात हालत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। यहां दोबारा जांच में प्लेटलेट्स 65 हजार निकला। इलाज के बाद बुखार तो उतर गया, लेकिन शुगर लेवल हाई हो गया। सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे मरीज की मौत हो गई। सिविल अस्पताल की निदेशक डॉ.कजली गुप्ता ने डेंगू से मौत होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। भर्ती करने में हुई परेशानी आशीष के पड़ोसी शिवम का आरोप है कि रविवार की रात मरीज को भर्ती करने में हीलाहवाली की गई। एक घंटे का आशीष स्ट्रेचर पर पड़े रहे। डॉक्टरों से गुहार लगाई गई, मगर किसी ने सुनवाई नहीं की। स्टाफ ने बेड देने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की। 500 रुपये लेने के बाद बेड उपलब्ध कराया। डेंगू के इस साल मिले 393 मरीज लखनऊ सीएमओ ऑफिस के प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक इस साल डेंगू के 393 मरीज मिले हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इसमें किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। इलाज के बाद मरीजों की हालत में सुधार हो गया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है इस साल डेंगू का डंक अभी तक धीमा है। अस्पताल में गिनती के मरीज भर्ती हो रहे हैं। किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।