राजधानी की सड़कों पर अक्सर राजनीतिक पोस्टर और नारेबाजी वाली होर्डिंगें नजर आती हैं, लेकिन इस बार दृश्य बिल्कुल अलग था। समाजवादी पार्टी के राज्य कार्यालय के बाहर बुधवार/गुरुवार रात एक ऐसी होर्डिंग लगाई गई जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।इस होर्डिंग में मथुरा के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की गई है। सपा कार्यकर्ता रुमेश यादव और सुजीत यादव द्वारा लगाई गई इस होर्डिंग में एक ओर महाराज जी का चित्र है तो दूसरी ओर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर दिखाई दे रही है। “हे प्रभु ऐसे दीजिए कृपा की छांव…” होर्डिंग के शब्दों ने छू लिया दिल होर्डिंग पर लिखा संदेश भावनाओं से भरा है-“हे प्रभु ऐसे दीजिए कृपा की छांव, फिर खिले प्रेमानंद जी के मुख पर मुस्कान की छांव।”यह पंक्तियाँ न केवल श्रद्धा बल्कि मानवता और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक बन गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक दफ्तरों के बाहर इस तरह की धार्मिक भावना दर्शाने वाली होर्डिंगें कम ही दिखाई देती हैं। मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर देशभर में चिंता प्रेमानंद महाराज, जिन्हें भक्तगण ‘प्रेमानंद जी महाराज’ के नाम से जानते हैं, मथुरा में अपने आध्यात्मिक प्रवचनों और साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके अस्वस्थ होने की खबर के बाद देशभर के अनुयायियों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना शुरू कर दी है।लखनऊ में भी उनके भक्तों की बड़ी संख्या है, जिनमें से कई ने बुधवार को मंदिरों और घरों में सामूहिक प्रार्थना की। राजधानी में चर्चा का विषय बनी रातों-रात लगी होर्डिंग यह होर्डिंग रात के समय लगाई गई और सुबह तक सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो गईं। सपा कार्यालय के बाहर से गुजरने वाले लोगों ने इसकी तस्वीरें खींचीं और साझा करते हुए लिखा- यह राजनीति नहीं, आस्था की अभिव्यक्ति है। शहर के राजनीतिक गलियारों में भी यह चर्चा का विषय बन गई कि सपा कार्यकर्ताओं ने पहली बार किसी धार्मिक गुरु के लिए सार्वजनिक स्तर पर यह भावनात्मक संदेश दिया है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना-“राजनीति से ऊपर हैं हमारी श्रद्धा” होर्डिंग लगाने वाले सपा कार्यकर्ता रुमेश यादव ने कहा,“प्रेमानंद जी महाराज हमारे आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं। हमने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए यह होर्डिंग लगाई है। इसमें कोई राजनीति नहीं, सिर्फ श्रद्धा है।” उनके साथ मौजूद सुजीत यादव ने कहा कि महाराज जी के प्रवचनों से उन्होंने जीवन में सकारात्मक सोच सीखी है।“जब ऐसे संत अस्वस्थ होते हैं, तो यह सिर्फ भक्तों का ही नहीं, समाज का भी नुकसान होता है।”