लखनऊ में सिंधी समाज के संत साईं चांडूराम साहिब की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। आलमबाग स्थित बैकुंठ धाम में बेटे ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। हजारों लोगों ने नम आंखों से संत को अंतिम विदाई दी। कई अनुयायी पाकिस्तान के कराची से आए। सीएम योगी ने गुरुवार सुबह और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बुधवार रात साईं चांडूराम के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। साईं चांडूराम लंबे समय से बीमार थे। उन्होंने बुधवार दोपहर मेदांता हॉस्पिटल में 78 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद से ही आश्रम में हजारों की भीड़ लगी हुई थी। आज सुबह से अनुयायियों का तांता लगा हुआ था। अंतिम दर्शन के लिए आश्रम के बाहर 1-1 किमी लंबी 2 लाइनें लगी हुई थीं। कई महिला अनुयायी अंतिम दर्शन के साथ रोती नजर आईं। हजारों भक्त रोते बिलखते हुए संत के अंतिम यात्रा में शामिल हैं। लखनऊ सांसद व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने संत के निधन पर शोक जताया है। राजनाथ सिंह ने लिखा- संत साईं चांडूराम साहिब ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के दीनहीन और असहायजनों की सेवा में समर्पित कर दिया। संत का जन्म 9 सितंबर 1947 को पाकिस्तान के सक्खर जिले में हुआ था। 13 साल की उम्र में इन्होंने गुरु की गद्दी संभाली। 1976 में यानी 49 साल पहले पाकिस्तान से भारत आए। अनुयायियों के आग्रह पर लखनऊ में बस गए। तब से वे लगातार समाजसेवा, धार्मिक उपदेश और मानवता के प्रचार में लगे थे। 4 तस्वीरें देखिए… अंतिम यात्रा के पल-पल अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग पढ़िए…