भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे खनन अधिकारी को मलाईदार पोस्टिंग:यूपी के 4 जिलों में मामले, अकूत संपत्ति; लोकायुक्त-विजिलेंस जांच चल रही

यूपी के सीनियर माइनिंग अधिकारी शैलेंद्र सिंह पटेल के खिलाफ अवैध खनन और अवैध परिवहन कराने की कई गंभीर शिकायतें हैं। लोकायुक्त से लेकर विजिलेंस तक में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच भी चल रही है। लेकिन, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने के बजाय उन्हें तबादले का तोहफा दिया गया है। सोनभद्र में कई शिकायतें सामने आने के बाद शासन ने 21 अक्टूबर को शैलेंद्र सिंह का तबादला झांसी के वरिष्ठ जिला खनन अधिकारी पद पर किया है। झांसी को खनन महकमे में कमाई की दृष्टि से टॉप 5 जिलों में माना जाता है। इससे विभाग की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। कब, कहां और क्यों सुर्खियों में आए शैलेंद्र सिंह? बांदा में विधायक पर मारपीट करने का आरोप लगाया
जिला खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह 2018 में बांदा में तैनात थे। उन्होंने तिंदवारी के विधायक पर मंथली मांगने, मंथली नहीं देने पर अपने घर पर बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया था। वहीं, विधायक ने भी शैलेंद्र सिंह पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद शैलेंद्र सिंह को बांदा से हटाकर भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ में संबद्ध किया गया। महोबा में भी आरोप के बाद मिली प्राइज पोस्टिंग
शैलेंद्र कुमार सिंह की महोबा में तैनाती के दौरान 8 फरवरी, 2023 को थाना कबरई के गंज गांव स्थित चंदला पहाड़ पर अवैध खनन में श्रमिक मधु अनुरागी व महेंद्र अहिरवार की मौत हो गई थी। मामले में डीएम मनोज कुमार ने एडीएम रामप्रकाश को जांच सौंपी थी। जांच में पहाड़ पर मानक के अनुरूप खनन होता नहीं मिला था। जिस पर पट्टाधारक देवेंद्र गुप्ता के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। वहीं, चौकीदार की तहरीर पर थाना कबरई में पट्टाधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की तत्कालीन निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने महोबा के खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह का ट्रांसफर मिर्जापुर कर दिया था। मिर्जापुर भी खनन की दृष्टि से यूपी के प्रमुख पांच जिलों में शामिल है। मिर्जापुर में 16 लाख घनमीटर का अवैध खनन
शैलेंद्र कुमार सिंह पटेल पर मिर्जापुर के जिला खनन अधिकारी रहते हुए खनन माफिया से सांठ-गांठ कर 16 लाख घन मीटर इमारती पत्थर का अवैध खनन कराया था। मिर्जापुर की चुनार तहसील में इमारती पत्थर, सैंड स्टोन, गिट्‌टी और बोल्डर का खनन और परिवहन करने के लिए तीन महीने के पट्‌टे दिए गए थे। 10 लोगों ने पट्‌टा लिया। विभाग को मिली शिकायत में सामने आया कि वरिष्ठ खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह और पट्‌टा धारकों ने मिलीभगत कर पहले ही अवैध खनन कर इमारती पत्थर जमा कर रखा था। अल्पकालीन खनन पट्‌टों की आड़ में अवैध खनन से जमा इमारती पत्थर का अवैध खनन भी किया गया। जबकि जहां खनन होना बताया गया, वहां खनन बिल्कुल नहीं हुआ, सिर्फ वहां के नाम की ईएमएम-11 रवाना पर्ची जारी की गई। कई पट्‌टा धारकों की ओर से जारी ईएमएम-11 (रवाना पर्ची) से 15,92,522 घनमीटर का दुरुपयोग किया गया। जांच में सामने आया कि वास्तव में खनन किए बिना ईएमएम-11 जारी किया गया है, जो अत्यंत गंभीर है। जांच रिपोर्ट में मिर्जापुर के तत्कालीन वरिष्ठ खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह को दोषी ठहराया गया। उन पर आरोप है कि 14 फरवरी 2023 से 1 जनवरी 2024 तक वह मिर्जापुर में कार्यरत रहते हैं। वरिष्ठ खान अधिकारी रहते हुए एक लोक सेवक के रूप में उनका दायित्व था कि वह मिर्जापुर में जारी खनन पट्‌टों और खनन लाइसेंस का समय-समय पर निरीक्षण करते। अवैध खनन, अवैध भंडारण और अवैध परिवहन पर अंकुश लगाते। जांच में यह भी पाया गया कि वरिष्ठ खान अधिकारी ने खनन माफिया से सांठ-गांठ कर अवैध खनन और अवैध परिवहन कराकर राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया। जांच अधिकारी ने माना कि शैलेंद्र सिंह का यह कृत्य शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही, कदाचार और अनुशासनहीनता और मनमर्जी का प्रतीक है। जांच अधिकारी ने इसे उत्तर प्रदेश सेवा नियमावली 1956 के प्रावधानों के भी विपरीत माना। इसके बावजूद शैलेंद्र सिंह का तबादला खनन की राजधानी कहे जाने वाले सोनभद्र में जिला खनन अधिकारी के पद पर किया गया। सोनभद्र में भी कई कारनामे, फिर भी झांसी जिला मिला
सोनभद्र में वरिष्ठ जिला खनन अधिकारी के पद पर पोस्टिंग के दौरान शैलेंद्र कुमार सिंह पटेल ने कई कारनामे किए। दुद्धी के पूर्व विधायक हरिराम चेरो की शिकायत पर बभनी ब्लॉक के बरवाटोला गांव में अजय कुमार पांडेय को आवंटित खदान की जांच की गई। जांच में पाया गया कि 2 जुलाई 2023 से 4 जुलाई 2023 तक के लिए 142880 घन मीटर ग्रेनाइट के खनन का पट्‌टा जारी किया गया था। लेकिन मौके पर मात्र 5 हजार घनमीटर ही खनन हुआ। जबकि पट्‌टा धारक को विभागीय पोर्टल से 16 जुलाई 2024 तक 108363.63 घनमीटर मीटर पत्थर की ईएमएम-11 जारी की गई। इस प्रकार पट्‌टाधारक ने 103363.63 घनमीटर ईएमएम-11 का दुरुपयोग किया। इससे साफ है कि पट्‌टा धारक ने कहीं ओर अवैध खनन किया, उस अवैध खनन से निकले पत्थर के परिवहन के लिए अवैध रूप से ईएएमएम-11 जारी की गई। इसी प्रकार दुद्धि तहसील के जाताजुआ गांव में लाइफमैप बिल्डर्स प्रा. लि. के नाम 9 जनवरी 2023 से 8 जनवरी 2023 तक के लिए इमारती पत्थर के खनन का पट्‌टा जारी किया। मामले की जांच में सामने आया कि 4 सितंबर 2023 को जब मामले की जांच की गई तो 52982 घनमीटर इमारती पत्थर की ईएमएम 11 जारी की गई, जबकि मौके पर मात्र 85 घनमीटर खनन हुआ था। इस प्रकार साबित हुआ कि अवैध खनन से निकले 52897 घनमीटर पत्थर के लिए फर्जी ईएमएम 11 जारी की गई। इसके अतिरिक्त भी सोनभद्र में अवैध खनन, अवैध परिवहन के कई बड़े-बड़े मामले सामने आए हैं। इसके बाद भी शासन ने मंगलवार को शैलेंद्र कुमार सिंह का तबादला सोनभद्र से हटाकर झांसी में किया है। झांसी को भी खनन की दृष्टि से यूपी के टॉप 5 जिलों में गिना जाता है। आय से अधिक संपत्ति की लोकायुक्त जांच
मई 2021 में प्रयागराज की बारा तहसील के ओसा गांव निवासी रामसेवक सिंह की शिकायत पर लोकायुक्त ने महोबा के तत्कालीन जिला खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिहं के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच के आदेश दिए थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने लखनऊ के गोमतीनगर में फ्लैट, आशियान में प्लॉट खरीदा है। मध्यप्रदेश के रींवा, कटनी, सतना और भोपाल में भी परिजनों के नाम पर अकूत संपत्ति अर्जित की है। अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने हमीरपुर के तत्कालीन जिला खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ जांच शुरू की है। शैलेंद्र सिंह, उनकी पत्नी दीपिका सिंह, उनकी मां मोहिनी देवी, पिता शंकर दयाल सिंह, भाई जितेंद्र सिंह, बेटे आयुष सिंह और आर्यन सिंह के नाम से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में नोटिस जारी कर संपत्ति का ब्योरा मांगा गया। परिवार का विभाग में दबदबा
खनन महकमे के अधिकारी बताते हैं कि शैलेंद्र सिंह पटेल और उनके परिवार का भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में दबदबा है। उनके करीब 12 से अधिक परिवारजन और रिश्तेदार विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। भाजपा सरकार में उनके लिए राजनीतिक दबाव भी बहुत काम करता है। उन्हें बसपा के एक बड़े नेता का भी संरक्षण प्राप्त है। बसपा नेता भी खनन कारोबार से जुड़े हैं। उनकी भाजपा सरकार में मजबूत पकड़ के कारण ही शैलेंद्र सिंह पटेल पर कार्रवाई नहीं होती है। राज्य हित में काम किया, पोस्टिंग देना सरकार का काम
खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह पटेल बताते हैं- खनन पट्‌टों की संख्या बढ़ी है और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ भी सबसे अधिक मुकदमे मैंने दर्ज कराए हैं। सोनभद्र में भी अवैध ईएमएम-11 जारी करने पर मैंने कार्रवाई की, लेकिन पट्‌टाधारक को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। मेरे खिलाफ लोकायुक्त और विजिलेंस में जो शिकायत चल रही है, वह मेरे ही ताऊजी ने कराई है, उनसे हमारा जमीन का विवाद है। शिकायत की जांच में यह भी देखना चाहिए कि वह एक दस्यु से विधायक कैसे बन गए। उनके परिवार की पृष्ठभूमि क्या है। पोस्टिंग देना सरकार का काम है, सरकार ने मेरे काम के आधार पर जहां उचित समझा मुझे पोस्टिंग दी है। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का एक पट्‌टा सोनभद्र में मैंने ही रद्द किया। उनके या उनके परिवार के नाम कोई पट्‌टा नहीं है, इसलिए उनके साथ साठगांठ के आरोप भी निराधार है। ……….. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में इस बार कैसी रहेगी ठंड, क्या रिकॉर्ड तोड़ेगी:10 दिन बाद लुढ़केगा पारा, जनवरी-दिसंबर में 5 डिग्री तक पहुंचेगा यूपी से 13 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई। पोस्ट मानसून में जमकर बारिश हुई। इसके बाद अंदाजा लगाया जाने लगा है कि पिछले सालों की तुलना में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ेगी। सुबह–शाम ठंड की शुरुआत भी हो चुकी है। सुबह के समय कई इलाकों में हल्की धुंध और ओस गिर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 10 दिनों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे सर्दी और बढ़ जाएगी। हल्की गुलाबी ठंड के साथ शुरू हुआ सर्दी का मौसम इस बार कैसा रहेगा? कब से कड़ाके की सर्दी पड़ेगी, अगर पड़ेगी तो क्यों?। पढ़िए पूरी खबर…