सिंगर हंसराज रघुवंशी के गाने सुनकर फैन रोया, VIDEO:ज्ञानवापी पर ‘मंदिर जहां था, फिर वहीं बनाएंगे’ गाया, काशी महोत्सव में मारपीट

काशी में गंगा महोत्सव के आखिरी दिन हंसराज रघुवंशी के गानों पर फैंस झूम उठे। हंसराज रघुवंशी ने गाया- मंदिर जहां था, फिर वहीं मंदिर बनाएंगे… उसका ही बनारस है… उसका ही ज्ञानवापी… हम उसके सामने ही अपना सिर झुकाएंगे। इस गाने पर भक्तों ने खूब जयकारा लगाया। हंसराज भी उत्साह देखकर खुशी से झूमते रहे। उत्साह फैंस का बढ़ता गया। डमरू की आवाज गूंजने लगी। क्या मेरा है, क्या तेरा कबीरा… सारा खेल है तकदीरों का… क्या तूने ले जाना, सारा यहीं रह जाना… जाना पड़ेगा श्मशान… जाना पड़ेगा श्मशान… वहां मिलेंगे भोलेनाथ… राम-नाम सत्य है… गाते-गाते हंसराज खूब झूमे। आ गया ये शुभ दिन आज का… हर घर भगवा लहरा गया… गाते ही जयकारे गूंज उठे। हंसराज की प्रस्तुति ने दर्शकों के दिलों को छू लिया। सोनभद्र से आए जबरा फैन विवेक उनकी मधुर आवाज से इतने प्रभावित हुए कि गीत सुनते-सुनते आंसू रोक नहीं पाए। उनके गाए गीतों ने लोगों को भावविभोर कर दिया और भक्ति रस में डूबने का अनुभव कराया। राजघाट पर मंच सजा। हंसराज ने जैसे ही गाना शुरू किया, दर्शकों में पीछे से आगे जाकर बैठने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जमकर मारपीट हुई। यह देख हंसराज बोले- भोलेनाथ सब देख रहे हैं। ऐसा न करें। पुलिस और ड्यूटी पर मौजूद RAF के जवानों ने मारपीट करने वालों को बाहर किया। चार लोगों को हिरासत में लिया है। मंगलवार रात 8.45 बजे हंसराज ने मंच संभाला। दो घंटे में 12 से ज्यादा गानों की प्रस्तुति दी। तस्वीरें देखिए- हंसराज के पहुंचने से पहले कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। हजारों दर्शक झूमते और मंत्रमुग्ध दिखे। BHU की छात्रा शिवानी और उनकी सहयोगी कलाकारों ने मंच पर अपनी लयबद्ध ताल, भाव और नृत्य से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पायलों की छनछन गूंज उठी। कर्नाटक से आईं वसुमति बद्रीनाथ ने मधुर संगीत सुनाए। घाट पर उनकी स्वर लहरियों ने भक्ति और सुर का अद्भुत संगम बना दिया। अप्पा जी गिरिजा देवी की शिष्या रूपम सरकार सामंथा ने अपनी सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों को सुर और लय की गहराइयों में डुबो दिया। शास्त्रीय संगीत की इस मनमोहक प्रस्तुति ने बनारस घराने की परंपरा को सजीव कर दिया। इंडियन आइडल फेम आयुर्ध विपेंद्र शर्मा ने अपनी मनमोहक कथक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। मध्य प्रदेश के उज्जैन से आईं विपेंद्र शर्मा की प्रस्तुति खत्म होते ही तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। गंगा महोत्सव से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…