इमाम और MNC में जॉब करने वाली युवती की लव-स्टोरी:कपड़ा कारोबारी बन फंसाया, ऑनलाइन निकाह, मेरठ में मिली थी लाश

MNC में जॉब करने वाली लड़की को फंसाकर दूसरी शादी करने वाले मुजफ्फरनगर के हत्यारोपी इमाम की गिरफ्तारी के बाद कई राज सामने आ रहे हैं। गुवाहाटी की युवती नईमा यास्मीन सैकिया की लाश 48 दिन पहले मेरठ में मिली थी। मिलने के करीब 25 दिनों बाद इसकी शिनाख्त हो सकी थी। दो दिन पहले पुलिस ने हत्याकांड से पर्दा उठाया। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब नईमा की बहन सामने आई है। उसने इमाम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा- मेरी बहन की बॉडी भी मुझे नसीब नहीं हुई। आखिरी बार अपनी लाड़ली बहन का चेहरा भी नहीं देख पाई। उसने मेरी पढ़ी-लिखी बहन को फंसाकर धोखा दिया। शहजाद, इमाम नहीं हो सकता, वो फरेबी, झूठा और मक्कार है। ‘ गुवाहाटी में रहने वाली नईमा की बड़ी बहन मीनार यास्मीन ने फोन पर दैनिक भास्कर से बातचीत की है। उन्होंने अपनी बहन नईमा के साथ इमाम के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की है। अब पढ़िए नईमा की बहन की पूरी बातचीत
नईमा को खुद को ‘कैट लवर’ बताकर नईमा को फंसाया मीनार यास्मीन ने बताया- उसकी छोटी बहन नईमा का पहले निकाह हुआ था लेकिन एक साल बाद ही तलाक हो गया था। उसके एक्स शौहर को जानवर पसंद नहीं थे जबकि नईमा पेट लवर थी। उसे खास तौर पर बिल्लियां बहुत पसंद थीं। नईमा अपने साथ 5-6 बिल्लियां रखती थीं। वह दिल्ली के एक एनिमल वेलफेयर एनजीओ से जुड़ी थी। दिल्ली में ही वह एक एमएनसी में काम करती थी। एनजीओ के जरिए शहजाद 2024 में उसके संपर्क में आया। पहले सोशल मीडिया से जुड़े, फिर बातचीत शुरू हुई
मीनार ने कहा- शहजाद और नईमा पहले सोशल मीडिया पर जुड़े। फिर दोनों के बीच चैटिंग शुरू हुई। कुछ ही समय बाद दोनों ने नंबर्स एक्सचेंज किए और फिर मोबाइल पर बात होने लगी। शहजाद जानता था नईमा को जानवर बहुत पसंद हैं तो वह उससे उसी सब्जेक्ट पर बातचीत कर इंप्रेस करता। नईमा को भी शहजाद की बातें पसंद आने लगी। उसने खुद को ग्रेजुएट बताया जबकि वह पांचवीं पास था। बहन से उसने खुद को अविवाहित होने की बात कही। जबकि असलियत यह थी कि उसकी शादी हो चुकी थी और तीन बच्चों का पिता था। खुद को दिल्ली का एक बड़ा कारोबारी बताता। लेकिन असलियत में शहजाद मुजफ्फरनगर की एक मस्जिद में इमाम था और वहीं यतीमों की तरह रहता था। मस्जिद के आसपास के लोग जो राशन देते, उसी से उसका गुजारा चलता था। उसकी पहली पत्नी और बच्चे दूसरी जगह रहते थे। एमएनसी में काम करती थी नईमा मीनार ने बताया- नईमा ग्रेजुएट थी। वह एक एमएनसी में काम करती थी। दिल्ली में शहजाद से उसका मेलजोल बढ़ा तो उसका ब्रेनवाश करना शुरू कर दिया। शहजाद ने ऐसा किया कि नईमा उस पर पूरी तरह विश्वास करने लगी। 22 सितंबर 2024 को शहजाद और नईमा ने ऑनलाइन निकाह कर लिया। नईमा ने घर पर किसी को नहीं बताई। निकाह के कुछ दिनों बाद ही अचानक से नईमा, शहजाद के साथ गुवाहाटी पहुंची। वह परिवार के लोगों से मिला। नईमा ने सबके गुस्से को शांत किया। हालांकि, माता-पिता को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। परिवार के लोग ऑनलाइन निकाह को मानने को तैयार नहीं थे। सबसे मिलने के बाद नईमा शहजाद के साथ वापस चली गई। फोन पर हमसे कभी कभार बातें होती थी। नईमा के साथ दिल्ली में रहने लगा शहजाद ​​​​​​ गुवाहाटी से लौटने के बाद नईमा और शहजाद दिल्ली में ही रहने लगे। नईमा नई जिंदगी से काफी खुश थी। बहन मीनार ने कहा- वह फोन करके शहजाद की तारीफ करती थी। वह बताती थी कि अक्सर हम लोग बाहर जाकर खाना खाते हैं। कुछ हफ्तों तक सब ठीक रहा। करीब तीन महीने बाद शहजाद अपनी पत्नी नईमा को पुरखों का घर दिखाने के बहाने मुजफ्फरनगर ले गया। वहां पहुंचने पर नईमा के सामने सारा सच सामने आ गया। पता चला कि शहजाद कोई कपड़ा व्यापारी नहीं बल्कि एक मस्जिद का इमाम है। उसका खर्च दान या खैरात से चलता है। फिर दोनों में थोड़ा- बहुत झगड़ा हुआ। बहन ने बताया कि नईमा खुद जॉब करती थी, इसलिए उसने बहुत परेशान नहीं हुई कि उसका पति बेरोजगार है। लेकिन शादी और बच्चों का पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई
मीनार ने बताया- नईमा उस वक्त परेशान हो गई जब उसे अपने पति की पहली शादी के बारे में पता चला। सारा सच सामने आने के बाद शहजाद उसके साथ क्रूरता करने लगा। वह उससे पैसे मांगने लगा, उसकी सैलरी छीन लेता। शहजाद ने उसकी सारी सेविंग्स खत्म कर दी। इसके बाद उसके साथ मारपीट भी करने लगा। जब नईमा के सेविंग्स खत्म हो गए तो वह अपनी पहली पत्नी और बच्चों के पास जाने लगा। उसे जाने से रोकती तो मारपीट करता। कई- कई दिनों तक वह अकेली ही रहती। बहन का मोबाइल,डॉक्यूमेंट, ज्वैलरी गायब मीनार ने बताया कि नईमा के पास कुछ गोल्ड ज्वैलरी थी जो अब तक नहीं मिली है। वो जेवर गायब है। उसका मोबाइल भी हमें नहीं मिला है। मोबाइल पुलिस के पास है या कहां है हमें नहीं पता। बताया कि मेरी बहन के डॉक्यूमेंट भी गायब हैं। बहन घर से सारी चीजें लेकर गई थी। लेकिन अभी हमें कुछ नहीं मिला। शहजाद ने उसकी चीजों को क्या किया पता नहीं। अब पढ़िए घटना से जुड़ी खबर…. 17 सितंबर को मेरठ के सिवालखास जंगल में गंगनहर पटरी पर खेत में एक महिला का शव मिला था। महिला ने बुर्का पहना था और गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने अज्ञात महिला का पोस्टमॉर्टम कराया। रिपोर्ट आने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। पुलिस जांच में पता लगा कि मुजफ्फरनगर के चरथावल में नईमा यास्मीन सैकिया की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पहचान कराया तो शव नईमा की निकली। इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाई। छानबीन में पति पर ही शक गहराया
SSP ने बताया- पुलिस ने जब छानबीन शुरू की, तो पति शहजाद पर शक गहराया। आसपास पूछताछ में सामने आया कि नईमा गुमशुदगी दर्ज होने से कई दिन पहले से लापता चल रही थी। लोगों ने शहजाद से पूछा, तो उसने कहा कि वह वापस असम भाग गई है। इस पर पुलिस ने शहजाद और उसके दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो परत-दर-परत मामला खुलता चला गया। बंदिश बढ़ी, तो बना लिया हत्या का प्लान
एसएसपी ने बताया कि शहजाद का सच सामने आने के बाद नईमा ने उस पर बंदिशें लगानी शुरू कर दीं। उसकी निगरानी करने लगी। उसने पहली पत्नी और बच्चों से मिलने पर भी रोक लगा दी। इसको लेकर आए दिन घर में झगड़ा होने लगा। परेशान होकर शहजाद ने नईमा को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसने अपने दोस्त नदीम को 12 हजार रुपए देकर साथ मिला लिया। नदीम, मेरठ के मोहल्ला ऊंचा कस्बा हाल का रहने वाला है। शॉपिंग के बहाने लाए और कत्ल कर दिया
SSP डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि 16 सितंबर को शहजाद शॉपिंग के बहाने नईमा को बस से मेरठ लेकर आया। इस दौरान उसका दोस्त नदीम भी साथ था। बस से उतरकर इन लोगों ने एक टेंपो किया। फिर नईमा को लेकर जानी गंगनहर पटरी मार्ग पर आ गए। यहां धोखे से जूस में नींद की गोलियां मिलाकर नईमा को पिला दीं। बेहोशी की हालत में शहजाद और नदीम उसे एक खेत में ले गए। इसके बाद नदीम ने रस्सी से नईमा का गला घोंटा और शहजाद ने छुरे से वार कर गला काट दिया। इससे नईमा की मौत हो गई। इसके बाद लाश फेंक कर दोनों घर भाग गए। फिर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी। —————————- ये खबर भी पढ़िए- देव दिवाली पर स्वर्ग जैसी दमकती काशी का ड्रोन VIDEO:नदी में सितारों की तरह टिमटिमाए दीये; आसमान सतरंगी हो उठा काशी में बुधवार को देव दिवाली मनाई गई। 84 घाट 25 लाख दीयों से जगमगा उठे। ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के बीच गंगा तट पर दीपों से बनी अद्भुत आकृतियां ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आतिशबाजी से आसमान रंगीन हो उठा तो गंगा की लहरों पर तैरते दीपों ने ऐसा दृश्य रचा, मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस नजारे को भास्कर के ड्रोन कैमरे ने कैद किया। देखिए 400 फीट ऊंचाई से काशी की देव दिवाली…