देहरादून का बिल्डर कपल 20 दिन से लापता:बच्चों संग उत्तरप्रदेश में ससुराल गए, वापस घर नहीं लौटे; हरिद्वार में ट्रेस हुई आखिरी लोकेशन

देहरादून में रियल एस्टेट से जुड़ा एक दंपती लापता हो गया है। शहर के थानो क्षेत्र में इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर दंपती शाश्वत गर्ग और साक्षी गर्ग पिछले करीब 20 दिनों से लापता हैं। दोनों 16 अक्टूबर की रात अपने घर से उत्तरप्रदेश के हापुड़ पहुंचे थे, लेकिन अगले दिन देहरादून लौटने के बाद भी वे अभी तक घर नहीं पहुंचे। परिवार की शिकायत पर हापुड़ पुलिस के जरिए यह मामला देहरादून पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद एसएसपी अजय सिंह ने लापता दंपती की खोजबीन के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को तैनात किया है। फिलहाल दोनों के मोबाइल बंद हैं। वहीं, इस घटना के बाद रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने रायपुर-थानो रोड स्थित आवासीय परियोजना इंपीरियल वैली में प्लाट बिक्री पर रोक लगा दी है। वहीं, इस मामले में हापुड़ कोतवाल देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि उनकी आखिरी लोकेशन हरिद्वार में मिली है, मौके से उनकी दोनों कारें भी बरामद कर ली गई हैं। सीसीटीवी में वह कार छोड़कर रिक्शे में जाते हुए दिखे थे। लेकिन कहां गए इसका पता नहीं है। दोनों कारों को परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच अब देहरादून पुलिस कर रही है। कब, कैसे और कहां लापता हुए शाश्वत-साक्षी? साक्षी के भाई सुलभ गोयल के मुताबिक, 16 अक्टूबर को शाश्वत, साक्षी, उनके बेटे रिधान और माता-पिता हापुड़ पहुंचे थे। 17 अक्टूबर को उन्होंने देहरादून लौटने की बात कही, लेकिन वे वहां पहुंचे ही नहीं। भाईदूज पर शाश्वत ने परिवार को वॉट्सऐप मैसेज भेजकर लौटने का आश्वासन दिया था। इसके बाद से परिवार का किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पा रहा है। दोनों गाड़ियां हरिद्वार में मिलीं लापता परिवार दो वाहनों- हुंडई क्रेटा (UK07-FK-0018) और हुंडई ट्यूसॉन (UK07-FL-9369) में सफर कर रहा था। पुलिस इनकी लोकेशन ट्रेस की दो दोनों ही गाड़ियां हरिद्वार में मिल गईं। जिसके बाद परिजनों को मौके पर बुलाकर उन्हें कार सौंप दी गई। शाश्वत गर्ग हैं 3 कंपनियों में निदेशक… शाश्वत के 3 कंपनियों के डायरेक्टर हैं, इसमें से 2 कंपनियां तो देहरादून से रजिस्टर्ड हैं जबकि एक कंपनी उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में रिजस्टर्ड है। इन तीनों कंपनियों में रिधान होम्स एलएलपी, गोल्डन एरा इंफ्राटेक और रिधान बिल्डवेल एलएलपी शामिल है। इसमें से रिधान बिल्डवेल एलएलपी कंपनी के सिर्फ दो डायरेक्टर हैं जिसमें एक शाश्वत और दूसरी उनकी पत्नी साक्षी हैं। इस कंपनी का नाम भी इन्होंने अपने बेटे रिधान के नाम पर रखा है। इन तीनों कंपनियों में से रिधान होम्स एलएलपी और रिधान बिल्डवेल एलएलपी 2024-25 एनुअल स्टेटमेंट भी फाइल कर चुकीं हैं, जबकि गोल्डन एरा इंफ्राटेक ने मार्च 2022 में अपनी आखिरी एनुअल स्टेटमेंट फाइल की थी। इस मामले पर चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र दुबे बताते हैं कि कंपनियों की हालात को ठीक नहीं कहा जा सकता है, वहीं उन्होंने बताया की एलएलपी फर्म में पार्टनर की भी लिमिटेड जिम्मेदारी होती है।
अब जानिए क्यों लगाई गई प्लॉटों की बिक्री पर रोक रेरा के प्रभारी अध्यक्ष अमिताभ मैत्रा ने प्लाटों की बिक्री पर रोक लगाई है, और यह आदेश उन्होंने कमल गर्ग नाम के व्यक्ति की एक शिकायत के आधार पर लगाई है। दरअसल निवेशक कमल गर्ग ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने इस परियोजना में 40 लाख रुपए निवेश किए हैं और बिल्डर के लापता होने के बाद पावर ऑफ अटॉर्नी रखने वाला व्यक्ति प्लॉट बेच सकता है। रेरा से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिल्डर श्वाश्वत गर्ग ने असगर टेक्सटाइल नाम की फर्म से थानो में इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस फर्म में बिल्डर की पत्नी साक्षी गर्ग भी पार्टनर हैं, जबकि एक अन्य पार्टनर के रूप में विकास ठाकुर नाम का व्यक्ति शामिल है। प्लॉटेड डेवलपमेंट की इस परियोजना का रेरा रजिस्ट्रेशन अप्रैल 2025 में कराया गया था। परियोजना की पावर ऑफ अटॉर्नी शाश्वत ने विकास ठाकुर को दे रखी है। पहले भी देहरादून में लापता हुए थे बिल्डर दीपक–राखी मित्तल 2020 में पुष्पांजलि इंफ्राटेक के निदेशक दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल भी संदिग्ध हालात में गायब हो गए थे। उन पर 90 फ्लैट खरीदारों से 45 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और पीएनबी से लिए 21 करोड़ के लोन डिफॉल्ट का आरोप है। चार एजेंसियां- पुलिस, STF, SIT और ED अब तक उनकी तलाश कर रही हैं, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।