मेरठ में दूसरे समुदाय के व्यक्ति को मकान बेचने को लेकर कई हिंदू संगठन सड़क पर उतर आए। थाने पर धरना शुरू कर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। उनका साफ कहना है कि हिंदू परिवारों का पलायन नहीं होने देंगे। उन्होंने मकान वापस दिलाने की मांग की। हिंदू संगठन के लोगों से बात करने एसडीएम और सीओ भी थाने पहुंचे। उनसे पूरी बात सुनी। इसके बाद मकान खरीदने वाले सईद अहमद को थाना बुलाया गया। पत्नी के साथ थाने के लिए घर से निकले सईद की रास्ते में तबीयत बिगड़ गई। वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। धरना देने वालों ने पुलिस पर चाबी लेकर वापस देने का आरोप लगाया है। मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र का है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… धरने से CO कैंट को भी वापस लौटाया
थाना परिसर में धरने की सूचना मिलते ही CO कैंट नवीना शुक्ला मौके पर पहुंच गईं। तब तक इस मामले को लेकर थाने में धरना दे रहे लोगों के दो गुट बन गए। एक गुट ने CO से ऑफिस में पहुंच कर बात की और सौदा रद्द करने के लिए कहा। CO ने भरोसा भी दिलाया, लेकिन धरने पर बैठे सचिन सिरोही ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। सीओ सचिन सिरोही से बात करने धरनास्थल पर पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी। SDM सदर ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन धरने पर बैठे लोग मानने को तैयार ही नहीं थे। थाने से बुलावा आया तो मकान खरीदने वाले सईद की हालत बिगड़ी
थापर नगर का मकान खरीदने वाला सईद अहमद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सईद की पत्नी और बच्चे अस्पताल में उसके साथ हैं। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं सईद की पत्नी अफसाना ने बताया कि सुबह से पति के पास थाने से लगातार फोन आ रहे थे। उन पर थाने आने का दबाव बनाया जा रहा था। परेशान होकर उनके पति और वह थाने के लिए निकले। बीच रास्ते में पति को चक्कर आया और वह बेहोश होकर गिर गए। लोगों ने पति को संभाला और जिला अस्पताल लेकर आए। अब जानिए पूरा मामला… थापर नगर की गली नंबर- 6 में नरेश कालरा का मकान था। थापर नगर हिंदू बाहुल्य इलाका है। यहां सिख समुदाय की भी बड़ी संख्या है। नरेश कालरा ने इस मकान को दूध का कारोबार करने वाले सईद अहमद को बेच दिया। गुरुवार रात सईद का परिवार मकान में रहने भी आ गया। शुक्रवार को थापर नगर में रहने वाले लोगों को जब पता चला कि मकान में मुस्लिम परिवार रहने आया है, तो वो लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। लोगों ने बताया कि यह मकान नरेश ने सईद अहमद नाम के डेयरी संचालक को बेचा है। 2 दिन पहले ही रजिस्ट्री की गई। मकान के लिए सईद ने लिया 1 करोड़ का लोन
जली कोठी में रहने वाले सईद अहमद ने करीब 6 महीने पहले मकान को लेकर नरेश कालरा से बात की थी। सईद ने नरेश को बयाने के तौर पर 20 लाख रुपए दे दिए। इसी दौरान आसपास रहने वाले लोगों ने विरोध कर दिया। नरेश जाने से पहले मकान की चाबी एक जनप्रतिनिधि को सौंप गए। कह दिया कि वह इसे जिसे बेचना चाहें, बेच सकते हैं। बताया जाता है कि करीब 2 महीने तक मकान की चाबी उस जनप्रतिनिधि के पास थी, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। इसके बाद जनप्रतिनिधि ने चाबी लौटा दी। तभी यह सौदा सईद से आगे बढ़ा और 2 दिन पहले रजिस्ट्री हो गई। चर्चा है, 1.50 करोड़ में यह मकान बिका है। एक करोड़ रुपए बैंक से लोन लिया गया है। पलायन के पोस्टर लेकर किया विरोध
मुस्लिम परिवार को मकान बेचने का जो लोग विरोध कर रहे थे, वो अपने हाथों में पलायन के पोस्टर लिए थे। जुलूस के रूप में ये लोग थापर नगर चौकी वाले चौराहे पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस लोगों को समझाने में कामयाब हुई। भरोसा दिलाया गया कि शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। पुलिस पर गुपचुप चाबी देने का आरोप
शनिवार सुबह दोनों पक्षों को थाने जाना था, लेकिन उससे पहले ही हिंदू संगठन के लोग थापर नगर चौकी वाले चौराहे पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया कि पुलिस इस मामले में खेल कर रही है। रात को मकान पर ताला लगाकर चाबी पुलिस ने रख ली थी। कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने चाबी लौटा दी। सचिन ने कहा कि वह किसी भी दशा में हिंदुओं को पलायन नहीं करने देंगे। 15 साल पहले भी हुआ था ऐसा विवाद
यह मामला 3 महीने पुराना बताया जा रहा। सिख समुदाय के लोगों को जब पता चला कि सईद अहमद से सौदा चल रहा है, तो उन्होंने कुछ लोगों की मदद से नरेश से संपर्क किया। सतबीर सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद मकान खरीदने की पेशकश की। सतबीर का आरोप है कि इसके बावजूद नरेश ने चुपचाप मकान का सौदा सईद से कर दिया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि जिस जगह नरेश का मकान है, उससे 2 मकान छोड़कर एक और मकान है। साल- 2010 में इस मकान के मालिक त्रिलोक चंद ने गुपचुप मकान का सौदा अनीस नाम के व्यक्ति से कर दिया था। तब भी लोगों ने इसका विरोध किया था। पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। मामला कोर्ट में चला गया था। तब से कोर्ट में ही पेंडिंग है। मकान खंडहर का रूप ले चुका है, लेकिन मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ————————– ये भी पढ़ें… ड्रग तस्कर के साथ VIDEO पर धनंजय सिंह की सफाई:बाहुबली ने कहा- मेरे खिलाफ साजिश, CBI जांच कराई जाए लखनऊ में गिरफ्तार ड्रग तस्कर अमित टाटा के साथ फोटो और VIDEO पर बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है। कोडीन मिक्स नशीली सिरप की तस्करी की CBI जांच की जानी चाहिए। मैं पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी को पत्र लिखूंगा। पूरी खबर पढ़िए
थाना परिसर में धरने की सूचना मिलते ही CO कैंट नवीना शुक्ला मौके पर पहुंच गईं। तब तक इस मामले को लेकर थाने में धरना दे रहे लोगों के दो गुट बन गए। एक गुट ने CO से ऑफिस में पहुंच कर बात की और सौदा रद्द करने के लिए कहा। CO ने भरोसा भी दिलाया, लेकिन धरने पर बैठे सचिन सिरोही ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। सीओ सचिन सिरोही से बात करने धरनास्थल पर पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी। SDM सदर ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन धरने पर बैठे लोग मानने को तैयार ही नहीं थे। थाने से बुलावा आया तो मकान खरीदने वाले सईद की हालत बिगड़ी
थापर नगर का मकान खरीदने वाला सईद अहमद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सईद की पत्नी और बच्चे अस्पताल में उसके साथ हैं। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं सईद की पत्नी अफसाना ने बताया कि सुबह से पति के पास थाने से लगातार फोन आ रहे थे। उन पर थाने आने का दबाव बनाया जा रहा था। परेशान होकर उनके पति और वह थाने के लिए निकले। बीच रास्ते में पति को चक्कर आया और वह बेहोश होकर गिर गए। लोगों ने पति को संभाला और जिला अस्पताल लेकर आए। अब जानिए पूरा मामला… थापर नगर की गली नंबर- 6 में नरेश कालरा का मकान था। थापर नगर हिंदू बाहुल्य इलाका है। यहां सिख समुदाय की भी बड़ी संख्या है। नरेश कालरा ने इस मकान को दूध का कारोबार करने वाले सईद अहमद को बेच दिया। गुरुवार रात सईद का परिवार मकान में रहने भी आ गया। शुक्रवार को थापर नगर में रहने वाले लोगों को जब पता चला कि मकान में मुस्लिम परिवार रहने आया है, तो वो लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। लोगों ने बताया कि यह मकान नरेश ने सईद अहमद नाम के डेयरी संचालक को बेचा है। 2 दिन पहले ही रजिस्ट्री की गई। मकान के लिए सईद ने लिया 1 करोड़ का लोन
जली कोठी में रहने वाले सईद अहमद ने करीब 6 महीने पहले मकान को लेकर नरेश कालरा से बात की थी। सईद ने नरेश को बयाने के तौर पर 20 लाख रुपए दे दिए। इसी दौरान आसपास रहने वाले लोगों ने विरोध कर दिया। नरेश जाने से पहले मकान की चाबी एक जनप्रतिनिधि को सौंप गए। कह दिया कि वह इसे जिसे बेचना चाहें, बेच सकते हैं। बताया जाता है कि करीब 2 महीने तक मकान की चाबी उस जनप्रतिनिधि के पास थी, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। इसके बाद जनप्रतिनिधि ने चाबी लौटा दी। तभी यह सौदा सईद से आगे बढ़ा और 2 दिन पहले रजिस्ट्री हो गई। चर्चा है, 1.50 करोड़ में यह मकान बिका है। एक करोड़ रुपए बैंक से लोन लिया गया है। पलायन के पोस्टर लेकर किया विरोध
मुस्लिम परिवार को मकान बेचने का जो लोग विरोध कर रहे थे, वो अपने हाथों में पलायन के पोस्टर लिए थे। जुलूस के रूप में ये लोग थापर नगर चौकी वाले चौराहे पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस लोगों को समझाने में कामयाब हुई। भरोसा दिलाया गया कि शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। पुलिस पर गुपचुप चाबी देने का आरोप
शनिवार सुबह दोनों पक्षों को थाने जाना था, लेकिन उससे पहले ही हिंदू संगठन के लोग थापर नगर चौकी वाले चौराहे पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया कि पुलिस इस मामले में खेल कर रही है। रात को मकान पर ताला लगाकर चाबी पुलिस ने रख ली थी। कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने चाबी लौटा दी। सचिन ने कहा कि वह किसी भी दशा में हिंदुओं को पलायन नहीं करने देंगे। 15 साल पहले भी हुआ था ऐसा विवाद
यह मामला 3 महीने पुराना बताया जा रहा। सिख समुदाय के लोगों को जब पता चला कि सईद अहमद से सौदा चल रहा है, तो उन्होंने कुछ लोगों की मदद से नरेश से संपर्क किया। सतबीर सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद मकान खरीदने की पेशकश की। सतबीर का आरोप है कि इसके बावजूद नरेश ने चुपचाप मकान का सौदा सईद से कर दिया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि जिस जगह नरेश का मकान है, उससे 2 मकान छोड़कर एक और मकान है। साल- 2010 में इस मकान के मालिक त्रिलोक चंद ने गुपचुप मकान का सौदा अनीस नाम के व्यक्ति से कर दिया था। तब भी लोगों ने इसका विरोध किया था। पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। मामला कोर्ट में चला गया था। तब से कोर्ट में ही पेंडिंग है। मकान खंडहर का रूप ले चुका है, लेकिन मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ————————– ये भी पढ़ें… ड्रग तस्कर के साथ VIDEO पर धनंजय सिंह की सफाई:बाहुबली ने कहा- मेरे खिलाफ साजिश, CBI जांच कराई जाए लखनऊ में गिरफ्तार ड्रग तस्कर अमित टाटा के साथ फोटो और VIDEO पर बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है। कोडीन मिक्स नशीली सिरप की तस्करी की CBI जांच की जानी चाहिए। मैं पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी को पत्र लिखूंगा। पूरी खबर पढ़िए