इंस्पेक्टर की मौत में महिला सिपाही गिरफ्तार:3 लाख का हार दिलवाया, 25 लाख मांग रही थी; 3 मिनट में थाने से भागी

यूपी के जालौन में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत मामले में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उसे रविवार को कोर्ट ले गई, जहां से 14 दिन के लिए उरई जेल भेज दिया गया। पुलिस ने महिला सिपाही को देर शाम जेल में दाखिल करा दिया। वहीं, कोर्ट जाने के दौरान महिला सिपाही ट्रैक सूट पहने थी और चेहरे पर रुमाल बांध रखा था। पुलिस महिला सिपाही को शनिवार से ही कस्टडी में लिए थी। पुलिस अफसर लगातार उससे पूछताछ कर रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला सिपाही कुछ सवालों का सही से जवाब नहीं दे पाई। रविवार दोपहर पुलिस टीम प्राइवेट कार से मीनाक्षी को मेडिकल कराने के लिए कुठौंद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई थी। महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा उस समय इंस्पेक्टर अरुण के कमरे में थी, जब उनकी मौत हुई। इसके बाद इंस्पेक्टर अरुण की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी शर्मा पर हत्या करने या करवाने की FIR कराई थी। हालांकि, इंस्पेक्टर अरुण की मौत की गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई है। शुरुआत में मामला महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सुसाइड का बताया जा रहा था। इंस्पेक्टर का शव मच्छरदानी के अंदर मिला और 9 एमएम पिस्टल से चली गोली भी कमरे से मिली। वह दीवार में धंसी थी। हालांकि, शुरुआती जांच इशारा कर रही है कि महिला सिपाही को कमरे में देखते ही इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। मीनाक्षी सिर्फ 3 मिनट में थाने में आई और भाग गई। इसी के चलते पुलिस ने मीनाक्षी को कल ही हिरासत में ले लिया था। महिला सिपाही की 4 तस्वीरें जुलाई-2024 में संपर्क में आए थे इंस्पेक्टर और महिला सिपाही
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंस्पेक्टर राय और मीनाक्षी जुलाई- 2024 में एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दोनों उस वक्त जालौन के कोंच थाने में तैनात थे। तभी उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। कोंच से उरई ट्रांसफर होने के बाद मीनाक्षी का इंस्पेक्टर राय के पास आना-जाना था। जब उनका ट्रांसफर कुठौंद थाने में किया गया तो वहां भी अक्सर मीनाक्षी आती थी। मीनाक्षी आई-फोन यूज करती थी। उसने हाल ही में 3 लाख का हार लिया था। चर्चा है, कि इंस्पेक्टर राय ने ही इसे दिलवाया था। डिपार्टमेंट में यह भी चर्चा है कि मीनाक्षी के पास इंस्पेक्टर के कुछ निजी वीडियो थे, जिसे लेकर वह उन्हें लगातार ब्लैकमेल करती थी। अब 25 लाख रुपए मांग रही थी। इंस्पेक्टर की पत्नी बोलीं- टीवी पर न्यूज से मौत का पता चला इंस्पेक्टर अरुण की पत्नी माया ने बताया- जब मैंने 5 दिसंबर की रात पति को फोन किया तो वो कहने लगे कि मैं थका हूं। आराम करने जा रहा। उन्हें बीपी (ब्लड प्रेशर) की दिक्कत थी, जिसकी दवा भी लेते थे। इसलिए मैं समझ गई कि उन्हें थकान है। इसलिए मैंने फोन काट दिया। इसके 10 मिनट बाद दैनिक भास्कर न्यूज से पता चला कि पति ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मीनाक्षी शर्मा नाम की महिला 9.13 बजे उनके कमरे में गई। फिर 9.30 बजे वह सब कुछ करके निकल गई। मैं मीनाक्षी के बारे में ज्यादा नहीं जानती। वह सिपाही है, जो कोंच थाने में तैनात है। जबकि, मेरे पति की कुठौंद थाने में तैनाती थी। हम लोग भी यह जानना चाहते हैं कि मीनाक्षी वहां क्या करने गई थी? उसकी मंशा क्या थी। किसी ने भेजा था या हत्या करने गई थी, यही मैं जानना चाहती हूं। सरकार और प्रशासन से यही चाहती हूं कि सच का खुलासा हो। पति के साथ जो भी हुआ, हमें न्याय मिले। थाने में इस तरह की घटना होना शर्मिंदगी की बात है। सीएम योगी से अपील है कि आप न्याय के देवता माने जाते हैं। हमारे पति की हत्या हुई है, हमें न्याय मिले। आत्महत्या करने की कोई बात ही नहीं है। मेरा छोटा-सा खुशहाल परिवार था। पति ऐसा कर ही नहीं सकते थे। अब तक क्या-क्या रहा, सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं… 3 मिनट में महिला सिपाही थाने से भागी
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी महिला सिपाही 3 मिनट ही थाना कैंपस में रही। सीसीटीवी में जब वह थाने आ रही थी, तब किसी से बात कर रही थी। वह इंस्पेक्टर के कमरे में पहुंची। इसके बाद तुरंत गोली चली और महिला सिपाही चिल्लाते हुए बाहर आई, फिर भाग गई। सीसीटीवी फुटेज में रात 9 बजकर 15 मिनट 32 सेकेंड पर वह इंस्पेक्टर के कमरे की ओर जाती हुई दिख रही। जबकि, 9 बजकर 18 मिनट 21 सेकेंड में कमरे से बाहर भागते नजर आ रही। पुलिस थ्योरी, जो जांच में निकल रही… 3 बातें जो सबसे ज्यादा चर्चा में 1- शादी में 25 लाख खर्च करने का दबाव बना रही थी
मीनाक्षी की शादी तय हो गई थी। फरवरी- 2026 में उसकी शादी होनी है। इंस्पेक्टर के करीबी लोगों ने बताया कि मीनाक्षी इंस्पेक्टर पर अपनी शादी का पूरा खर्च उठाने का दबाव बना रही थी। वह 25 लाख रुपए खर्च करने की डिमांड कर रही थी। धमकी देती थी कि अगर शादी का खर्च नहीं उठाया तो वीडियो पत्नी को भेज देगी। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर इससे काफी परेशान थे। 2-मीनाक्षी के पास 3 मोबाइल, 4 सिम मिले
सर्विलांस टीम के एक अफसर ने बताया- मीनाक्षी के पास 3 मोबाइल और 4 सिम, जबकि इंस्पेक्टर के पास 3 सिम मिले हैं। सभी का डेटा खंगाला जा रहा। यह भी सामने आया कि मीनाक्षी पिछले 10 दिनों से ड्यूटी से गायब चल रही थी। उसके गायब रहने के कारण भी तलाशे जा रहे हैं। दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। चैट बैकअप भी रिकवर किया जा रहा। 3- कोई तीसरा व्यक्ति घटना में शामिल नहीं
जालौन के एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि पहले इस मामले में सिपाही अंकित का नाम सामने आ रहा था। लेकिन, अंकित की इसमें कोई भूमिका नहीं है। जांच में पता चला है कि मीनाक्षी शर्मा मेरठ से सिपाही अंकित के साथ आई थी। उसे अंकित ने गाड़ी से कुठौंद में ड्रॉप किया था। इसके बाद अंकित गाड़ी लेकर अपने थाना क्षेत्र चला गया था। सीडीआर भी निकलवाई गई, जिसमें कहीं भी अंकित का होना नहीं पाया गया। मेरठ की रहने वाली मीनाक्षी की सगाई हो चुकी थी
जालौन पुलिस के मुताबिक, मीनाक्षी की नवंबर में सगाई थी। उसने 1 नवंबर को विभाग में छुट्टी की एप्लिकेशन दी थी। 10 नवंबर तक वह छुट्टी पर रही। इसके बाद उसने ड्यूटी जॉइन की। 17 नवंबर को फिर उसने 6 दिन की छुट्टी की एप्लिकेशन दी थी। तभी से वह लगातार गैरहाजिर थी। मीनाक्षी शर्मा मेरठ जिले के फलावदा थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर उर्फ दांदूपुर की रहने वाली है। उसके पिता का नाम विपिन कुमार शर्मा है। वह 2019 में सिपाही पद पर भर्ती हुई थी। पहली पोस्टिंग पीलीभीत में हुई थी। वहां एक सिपाही पर उसने केस दर्ज कराया था। इसके चलते मीनाक्षी का तबादला 3 अक्टूबर, 2022 को पीलीभीत से जालौन कर दिया गया। बदायूं में तैनात सिपाही मोहित खोखर ने बताया कि पीलीभीत में तैनाती के दौरान मीनाक्षी शर्मा ने उस पर शादी का झांसा देकर धोखा देने का आरोप लगाया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामला 2019 में पूरनपुर थाने का है। इसी दौरान दोनों में पहचान हुई थी। मीनाक्षी ने 10 अक्टूबर, 2022 को जालौन पुलिस लाइन में जॉइनिंग ली। उसे चुर्खी थाना भेजा गया था। फिर कोंच कोतवाली में पोस्टिंग हुई थी। बाद में डायल- 112 में ट्रांसफर किया गया। संत कबीरनगर में अंतिम संस्कार हुआ
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय संत कबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के राजनौली गांव के रहने वाले थे। मौत के बाद 6 दिसंबर (शनिवार) की देर रात पोस्टमॉर्टम के बाद उनका शव घर पहुंचा। पत्नी माया पति का चेहरा देखते ही बेहोश हो गईं। रविवार दोपहर धनघटा थाना प्रभारी जयप्रकाश दुबे की अगुआई में इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सलामी दी गई। धनघटा क्षेत्र के बिरहर घाट पर उनका गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इंस्पेक्टर अरुण राय का एक बेटा अमृतांश राय है, जो राजस्थान के कोटा में NEET की तैयारी कर रहा है। अरुण का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। 1998 में सिपाही बने अरुण राय, ईमानदारी से नाम कमाया
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय 1998 में यूपी पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुए थे। उनके भतीजे प्रशांत राय ने बताया कि मेरे चाचा ने मेहनत और ईमानदारी से विभाग में नाम कमाया। 2012 में उपनिरीक्षक पद पर विभागीय परीक्षा देकर प्रमोशन पाए थे, 2023 में इंस्पेक्टर बने थे। 2024 में जालौन ट्रांसफर के बाद उन्हें मीडिया सेल की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद कोंच कोतवाली और उरई कोतवाली में रहे। अच्छे काम को देखते हुए अगस्त, 2025 में कुठौंद थाने की कमान सौंपी गई। विभाग में उनकी छवि एक मिलनसार, शांत स्वभाव और सख्त अधिकारी की थी। एसपी डॉ. दुर्गेश का कहना है- मामले की जांच चल रही है। बहुत जल्द पूरा खुलासा किया जाएगा। लेडी कॉन्स्टेबल पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस घटना जो भी शामिल है उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ——————- ये खबर भी पढ़ें- इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मारी, महिला सिपाही पर FIR, जालौन में कमरे से चीखते हुए भागी यूपी के जालौन में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर सुसाइड कर लिया। बुलेट उनके सिर के आर-पार हो गई। इसमें एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा का नाम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात इंस्पेक्टर ने जब सुसाइड किया, उस वक्त महिला सिपाही उनके कमरे में ही थी। पूरी खबर पढ़िए