संसद के शीतकालीन सत्र के 7वें दिन मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा हुई। इसके लिए 10 घंटे का समय दिया गया। इस दौरान सपा ने यूपी में SIR में जल्दबाजी और BLO की मौतों का मुद्दा उठाया। अखिलेश के भाषण के दौरान सत्तापक्ष के एक सांसद ने टिप्पणी कर दी। इस पर अखिलेश भड़क गए। बोले- ये ऐसे अनपढ़ हैं, जो पहले इधर ही थे, आज उधर खिसक गए हैं। ये कोई बात नहीं समझते। पढ़े-लिखे नहीं हैं, होते तो समझते।अखिलेश के समर्थन में उनके पीछे बैठे सपा सांसद आनंद भदौरिया भी भड़क गए। उन्होंने वहीं से डांट लगानी शुरू कर दी। इसके बाद अखिलेश यादव ने खुद हालात संभाले। इस बीच, अखिलेश ने कहा- मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि किसी BLO को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई। BLO को यह तक नहीं पता कि कौन-सा फॉर्म किसे देना है? हमने देखा कि दिल्ली के एक वोटर ने 2 जगहों पर वोट डाला था। SIR के नाम पर NRC हो रहा है। यहां सोची-समझी साजिश है। अब तो यूपी में आधार कार्ड को ही नहीं मान रहे। इसका मतलब साफ है कि ये SIR नहीं है। ये अंदर ही अंदर NRC वाला काम कर रहे। हमारे सीएम कह रहे कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं, वो SIR के बहाने कर रहे हैं। बता दें, यूपी में 15.44 करोड़ मतदाता हैं। अभी तक SIR के 90 फीसदी से ज्यादा फॉर्म भरे जा चुके हैं। दरअसल, SIR को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। आरोप है कि अधिक दबाव के कारण BLO खुदकुशी कर रहे हैं या उनकी मौत हो रही। इधर, बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की रिकॉर्ड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर सरकार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहा है। लाइव ब्लॉग में आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दीजिए… संसद में यूपी के सांसदों की एक्टिविटी के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…