हर्षा रिछारिया बोलीं- सनातन धर्म मानने वाला मेरा दूल्हा:कौशांबी में कहा- एक्टर-मॉडल को जीवनसाथी नहीं बनाऊंगी; अब जिंदगी सुकून दे रही

सनातन प्रचारक हर्षा रिछारिया रविवार को कौशांबी पहुंचीं। यहां उन्होंने कहा कि उनका होने वाला जीवनसाथी एक्टर या मॉडल नहीं होगा। वह सनातन धर्म काे मानने वाला होगा। शादी को लेकर परिवार का कोई दबाव नहीं है। उनका सपोर्ट और प्यार हमेशा मिला है। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर हर्षा ने कहा कि महाकुंभ में योगी सरकार ने सनातन को विश्व स्तर तक पहचान दिलाई। मैं अब जो भी कुछ कर रही, वो सनातन धर्म के लिए ही कर रही हूं। अब जिंदगी सुकून दे रही है। दरअसल, हर्षा रिछारिया ने शनिवार को प्रयागराज से ‘शक्ति सृजन यात्रा’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद से बचने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। दूसरे धर्म में विवाह से बचने के रास्ते सुझाए। इसके बाद ‘शक्ति सृजन यात्रा’ रविवार को कौशांबी पहुंची। हूबहू पढ़िए कौशांबी में हर्षा रिछारिया से हुई बातचीत… सवाल: सनातन धर्म का प्रचार किस प्रकार करेंगी?
जवाब: सनातन धर्म का प्रचार वैसे तो पूरे विश्व में है ही। महाकुंभ में प्रदेश और देश की सरकारों ने सनातन धर्म को विश्व स्तर पर एक अलग पहचान दिलवा दी है। विश्व में हर व्यक्ति जानता है कि उसकी संस्कृति क्या है? लेकिन, हम उसमें छोटा-सा योगदान देने की कोशिश कर रहे हैं। मुहिम की छोटा सा हिस्सा बनने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए हमने एक अभियान शुरू किया है, जिसका नाम “शक्ति सृजन” है। इसकी शुरुआत प्रयागराज से हो चुकी है‌। इसे हम देश के अलग-अलग हिस्सों से शुरू करने का प्रयास करेंगे। सवाल: पहले और आज की जिंदगी में क्या बदलाव आया है?
जवाब: सनातन धर्म में ही मेरा जन्म हुआ। मेरी पहले की जिंदगी भी बहुत अच्छी थी। मैंने बहुत नाम कमाया। अब जो जिंदगी है, वह मुझे बहुत सुकून दे रही है। जो कर रही, अपने धर्म के लिए कर रही हूं। सवाल: शादी के लिए क्या परिवार से दबाव नहीं है?
जवाब: हंसते हुए, मेरे परिवार ने मुझे कभी दबाव में नहीं रखा। दबाव में रखता तो शायद आज मैं इस मुकाम पर न होती। न ही आप से बातचीत कर रही होती। मुझे मेरे परिवार का प्यार और हौसला हमेशा मिला है। साथ ही इस चीज को चुनने की आजादी मिली है कि मैं क्या करना चाहती हूं। मुझे लगता है कि जैसा परिवार ईश्वर ने मुझे दिया है, वैसा परिवार देश में हर बेटी को मिलना चाहिए। जिससे वह सही-गलत खुद चुन पाए और अपने धर्म के लिए कुछ कर पाए। सवाल: आप किस तरह की जीवनसाथी चाहती हैं?
जवाब: वैसे मेरा जीवनसाथी एक्टर या मॉडल हो, ऐसा कोई विचार नहीं है। लेकिन वो जो भी होंगे, पहली चीज उनमें इंसानियत हो, आत्मीयता हो। वो धर्म के लिए कुछ करने वाला हो। वो समाज के लिए कुछ करना चाहता हो। क्योंकि जब तक विचार नहीं मिलेंगे, तब तक मुझे नहीं लगता कि रिश्ता ज्यादा दिनों तक चलेगा। प्रयागराज में कहा था- बेटियों को पद्मावती का जौहर नहीं सिखाएंगे, तो गैर मजहब में शौहर खोज लेंगी कौशांबी से पहले हर्षा रिछारिया प्रयागराज में थीं। प्रयागराज से उन्होंने ‘शक्ति सृजन यात्रा’ की शुरुआत की। यात्रा के तहत कटरा में देवी कथा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अगर आप अपनी बेटियों को पद्मावती का जौहर नहीं सिखाएंगे, तो बेटियां गैर मजहब में अपना शौहर खोज लेंगी। आज का युवा अपने धर्म, परिवार और जीवन से भटक रहा है। अगर बेटियों को उनका गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और पूर्वजों के बलिदान नहीं बताए जाएंगे, तो उन्हें भटकाना आसान हो जाएगा। यही कारण है कि आज धर्म परिवर्तन और लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं। —————————– यह खबर भी पढ़ें लव मैरिज के बाद पति-पत्नी का शव लटकता मिला, सीतापुर में 22 दिन पहले जिस पेड़ के नीचे शादी की, उसी से झूलते मिले सीतापुर में लव मैरिज के बाद पति-पत्नी के शव फंदे से लटकते मिले। दोनों ने 22 दिन पहले गुपचुप शादी की थी। बाद में दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को अपना लिया था। हैरान करने वाली बात यह है कि गांव में जिस पेड़ के नीचे बने मंदिर में उन्होंने शादी की थी। उसी पेड़ से दोनों के शव एक फंदे से लटके हुए थे। यहां पढ़ें पूरी खबर