अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा की बुधवार को द्वादशी तिथि मनाई गई। रामलला की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने गुरुवार को एक VIDEO शेयर किया है। जिसमें एक बंदर रामलला की मूर्ति को जाली से छिप-छिपकर देखता नजर आ रहा है। बंदर रामलला की मूर्ति के पास आना चाहता है, वह आवाज लगाता है। लेकिन जाली होने की वजह से वह सिर्फ झांक रहा है। अरुण ने कहा- हम सभी अयोध्या में रामलला के दूसरी वर्षगांठ यानी स्थापना दिवस का जश्न मना रहे हैं। मेरा दिल उन धन्य और सुखद पलों को याद कर रहा है। 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। पीएम नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी गर्भगृह में मौजूद थे। प्राण-प्रतिष्ठा पीएम मोदी के हाथों हुई थी। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बंदर की कहानी सुनाई थी। हालांकि उस वक्त कोई वीडियो या फोटो सामने नहीं आया था। अब उन्होंने वीडियो शेयर किया है। जिसमें रामलला की मूर्ति दिख रही है। मूर्ति का चेहरा ढंका हुआ है। अब कहानी पढ़िए, जो योगीराज ने सुनाई थी… रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बताया था- ‘जब वह रामलला की मूर्ति बनाने का काम कर रहे थे तो एक बंदर हर दिन उनका दरवाजा खटखटाता था। जब रामलला की मूर्ति बनाता था, तब उस समय रोजाना शाम पांच बजे के करीब एक बंदर आ जाता था। जब ठंड बढ़ने लगी तो मैंने उस जगह को पर्दे से ढक दिया, लेकिन इसके बाद भी बंदर ने वहां आना नहीं छोड़ा। इसके बाद वह बाहर आता और अंदर आने के लिए खटखटाने लगता। वहां जाली लगी थी। इसलिए अंदर नहीं आ पाता था। तब वह जाली से केवल देखता था और फिर वापस चला जाता था। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों के भाव देखकर उनको बहुत खुशी हुई। यह मेरे लिए एक यादगार दिन था। तब कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि शायद हनुमानजी दर्शन करते होंगे कि कैसे प्रभु राम जी आकार ले रहे हैं। तब मैंने हां में जवाब दिया। इस बंदर के बारे में राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय को भी बताया था। ट्रस्ट ने शेयर की थी बंदर की जानकारी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने एक पोस्ट के जरिए से जानकारी दी थी कि 24 जनवरी, 2024 को एक बंदर गर्भगृह में प्रवेश करके रामलला की मूर्ति तक पहुंच गया। इस पर वहां तैनात सभी सुरक्षाकर्मी भी हैरान रह गए थे। यह वैसा ही है, जैसे मानो स्वयं हनुमानजी रामलला के दर्शन करने आए हों। ट्रस्ट ने बताया था- शाम लगभग 5:50 बजे एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से होते हुए गर्भगृह में प्रवेश करके उत्सव मूर्ति के पास तक पहुंचा। बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने देखा, वे बंदर की ओर यह सोच कर भागे कि कहीं यह बन्दर उत्सव मूर्ति को जमीन पर न गिरा दे। लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी बंदर की ओर दौड़े, वैसे ही बंदर शांत भाव से भागते हुए उत्तरी द्वार की ओर गया। द्वार बंद होने के कारण पूर्व दिशा की ओर बढ़ा और दर्शनार्थियों के बीच में से होता हुआ, बिना किसी को कष्ट पहुंचाए पूर्वी द्वार से बाहर निकल गया। सुरक्षाकर्मी कहते हैं कि ये हमारे लिए ऐसा ही है, मानो स्वयं हनुमान जी रामलला के दर्शन करने आए हों। कर्नाटक के रहने वाले योगीराज
रामलला की प्रतिमा तैयार करने वाले 39 साल के अरुण योगीराज कर्नाटक के रहने वाले हैं। वो मैसूर महल के कलाकारों के परिवार से आते हैं। उन्होंने 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से MBA किया। फिर एक निजी कंपनी के लिए काम किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा बनाने का काम शुरू किया। उन्हें बचपन से प्रतिमाएं बनाने का शौक था। अरुण योगीराज ने ही जगदगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया था, जिसे केदारनाथ में स्थापित किया गया है। इंडिया गेट पर 2022 में स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी अरुण ने ही बनाई है। PM मोदी भी उनके काम की तारीफ कर चुके हैं। —————- यह खबर भी पढ़िए:- रैपिड-ट्रेन में गंदी हरकत करने वाले छात्र-छात्रा की सगाई हुई:गाजियाबाद में एक हफ्ते में शादी; लड़की BCA, लड़का B.Tech कर रहा गाजियाबाद में नमो भारत रैपिड ट्रेन में गंदी हरकत करने वाले छात्र-छात्रा की इंगेजमेंट (सगाई) करा दी गई। साथ ही शादी की तारीख भी फिक्स कर दी गई। एक सप्ताह में दोनों की शादी कर दी जाएगी। दोनों एक ही बिरादरी से हैं और बालिग हैं। दोनों गाजियाबाद के बड़े कॉलेजों से पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रा एक कॉलेज से BCA कर रही, तो छात्र दूसरे कॉलेज से बीटेक (इंजीनियरिंग) कर रहा। पढ़ें पूरी खबर…
रामलला की प्रतिमा तैयार करने वाले 39 साल के अरुण योगीराज कर्नाटक के रहने वाले हैं। वो मैसूर महल के कलाकारों के परिवार से आते हैं। उन्होंने 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से MBA किया। फिर एक निजी कंपनी के लिए काम किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा बनाने का काम शुरू किया। उन्हें बचपन से प्रतिमाएं बनाने का शौक था। अरुण योगीराज ने ही जगदगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया था, जिसे केदारनाथ में स्थापित किया गया है। इंडिया गेट पर 2022 में स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी अरुण ने ही बनाई है। PM मोदी भी उनके काम की तारीफ कर चुके हैं। —————- यह खबर भी पढ़िए:- रैपिड-ट्रेन में गंदी हरकत करने वाले छात्र-छात्रा की सगाई हुई:गाजियाबाद में एक हफ्ते में शादी; लड़की BCA, लड़का B.Tech कर रहा गाजियाबाद में नमो भारत रैपिड ट्रेन में गंदी हरकत करने वाले छात्र-छात्रा की इंगेजमेंट (सगाई) करा दी गई। साथ ही शादी की तारीख भी फिक्स कर दी गई। एक सप्ताह में दोनों की शादी कर दी जाएगी। दोनों एक ही बिरादरी से हैं और बालिग हैं। दोनों गाजियाबाद के बड़े कॉलेजों से पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रा एक कॉलेज से BCA कर रही, तो छात्र दूसरे कॉलेज से बीटेक (इंजीनियरिंग) कर रहा। पढ़ें पूरी खबर…