कानपुर में BAMS स्टूडेंट ने सुसाइड किया:बैक लगने से डिप्रेशन में था, चित्रकूट का रहने वाला था

कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शैलेंद्र कुमार (27) मूल रूप से चित्रकूट का रहने वाला था। उसकी लाश कमरे में रस्सी से लटका मिली। शैलेंद्र थर्ड ईयर का छात्र था। पढ़ाई में बार-बार बैक आने से मानसिक रूप से तनाव में था। सुबह जब बगल में रहने वाला दोस्त कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी दरवाजा खटकाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तब खिड़की से झांकने पर छात्र का शव फंदे से लटकता दिखा। 112 डायल कर पुलिस बुलाई। मौके पर बिठूर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची, जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को सूचना दी गई। मामला बिठूर थाना क्षेत्र के बगधौदी बांगर का है। 2 तस्वीरें देखिए- अब विस्तार से जानिए मामला… चित्रकूट कर्बी निवासी बृज किशोर के परिवार में पत्नी गीता देवी व तीन बेटे लालेंद्र, शैलेंद्र कुमार (27) और योगेंद्र कुमार है। मां गीता की 18 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। शैलेंद्र रामा आयुर्वेदिक मेडिकल इंस्टीट्यूट से वर्ष 2021 से BAMS की पढ़ाई कर रहा था। पिता ने बताया की पहले सेमेस्टर में बैक लग गई थी, जिस पर वह पेपर छोड़कर घर जाने की बात कहकर वहां से निकला, लेकिन घर आने की बजाए दिल्ली चला गया था।
बड़ा बेटा लालेंद्र दिल्ली से उसे घर लेकर आ आया था। दोबारा समझा बुझाकर उसे कॉलेज भेजा था, वह सेकेंड सेमेस्टर में पास हो गया था। उसके साथ पढ़ने वाले दोस्तों ने बताया कि 8 सितंबर से तीसरे सेमेस्टर के पेपर शुरू हुए थे। नवंबर में रिजल्ट आया था, जिसमें अगदतंत्र, रस शास्त्र, रोग निदान एवं विकृत विज्ञान में उसकी बैक लग गई थी। जिसके बाद से वह परेशान चल रहा था, दोस्तों के मुताबिक 6 माह पहले अप्रैल में हॉस्टल छोड़ कर शैलेंद्र मंधना में किराए के मकान में रहने लगा था। पिता ने बताया कि शुक्रवार शाम को उसने फोन पर बात की थी। आज सुबह करीब 9 बजे फोन करके 349 रुपए का रिचार्ज कराने की बात कही थी, जिस पर उन्होंने रिचार्ज कर दिया था। रुम का किराया और अन्य खर्चो के लिए भी पैसा मांगा था तो पिता ने कहा था कि 11:12 बजे तक वह डलवा देंगे। करीब दस बजे बिठूर पुलिस ने फोन कर घटना की जानकारी दी एसीपी बोले- पढ़ाई का दबाव बना कारण
एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि छात्र परीक्षा में दो बार बैक आने से परेशान था। एक बार वह घर भी चला गया था और पेपर नहीं दे पाया था। थर्ड ईयर में दोबारा बैक आने के बाद वह ज्यादा तनाव में आ गया, जिसके चलते यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ———————- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत: लोग बोले- प्रदूषण से जान गई; 10 लोगों ने रस्सी में बांधकर खींचा कानपुर में गंगा किनारे 350 किलो की मरी हुई डॉल्फिन मिली है। स्थानीय नाविकों ने शुक्रवार शाम 5 बजे डॉल्फिन को उतराते हुए देखा। पास जाकर देखा तो पता चला कि डॉल्फिन है। नाविकों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डॉल्फिन को रस्सी से बांधकर ले गई। 8–10 लोग उसे उठाने में लगे थे। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि गंगा में प्रदूषण की वजह से डॉल्फिन की मौत हुई है। पढ़ें पूरी खबर…