यूपी के जिला बुलंदशहर में BSP के पूर्व विधायक के भतीजे की हत्या 20 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को लेकर हुई थी। ये प्रॉपर्टी प्राइम लोकेशन पर है। एक तरफ पूर्व CM मायावती के परिवार का फार्महाउस है, दूसरी तरफ डेढ़-दो किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे है। जमीन का मालिक एक है और खरीदार दो थे। जमीन की नपाई शुरू हुई, तो दोनों खरीदार भिड़ गए। लाठी-डंडे चले और पीट-पीटकर एक शख्स की हत्या कर दी गई। आरोप है, हत्या करने वाले भाजपा से जुड़े हैं। उन्होंने घटना के वक्त शराब पी रखी थी और स्कॉर्पियो में लाठी-डंडे रखे हुए थे। मतलब, पहले से हमला करने का प्लान था। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर उस बेशकीमती जमीन के बारे में पड़ताल की, जिसे लेकर ये पूरा विवाद था। पुलिस ऑफिसर से बात करके जमीन-खरीद फरोख्त की कंट्रोवर्सी समझी। पूरी रिपोर्ट पढ़िए… सबसे पहले पूरा घटनाक्रम पढ़िए लाठी-डंडों से पीटा, फिर स्कॉर्पियो से कुचला
बुलंदशहर नगर कोतवाली क्षेत्र में ऊपरकोट इलाका है। यहां एक मोहल्ला मिर्चीटोला है। बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम यहीं के रहने वाले थे। करीब 7 साल पहले हाजी अलीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हाजी अलीम के एक भाई हाजी यूनुस बुलंदशहर ब्लॉक के प्रमुख रह चुके हैं। मौजूदा वक्त में उनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं। वहीं, हाजी अलीम के भतीजे सूफियान और अकरम प्रॉपर्टी का काम करते हैं। कुल मिलाकर पूरा परिवार पॉलिटिक्स से जुड़ा रहा है। 4 जनवरी की देर शाम बुलंदशहर कोतवाली क्षेत्र में नीमखेड़ा गांव के पास सूफियान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वो एक प्रॉपर्टी की नापजोख करवा रहे थे। तभी दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। पहले लाठी-डंडों से पीटा, फिर उन्हें स्कॉर्पियो से रौंद डाला। इस मामले में मृतक के भाई मोहम्मद हुजैफा ने नीमखेड़ा के रहने वाले भूरा उर्फ रविंद्र, बबलू उर्फ विजय, पिंटू उर्फ सतेंद्र, तेजपाल और 3-4 अज्ञात के खिलाफ बुलंदशहर कोतवाली देहात में FIR कराई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राइम लोकेशन पर जमीन, 80 लाख रुपए बीघा का रेट
दैनिक भास्कर सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा, जहां जमीन को लेकर विवाद हुआ। ये जमीन 24 बीघा है, जिस पर फिलहाल बाग है। ये जमीन बुलंदशहर में रहने वाले डॉक्टर मुमताज की है। वर्तमान में यहां पर जमीन का रेट 80 लाख रुपए बीघा के आसपास है। ऐसे में इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हुई। बुलंदशहर में शिकारपुर बाईपास स्थित मामन पुलिस चौकी के बगल से एक रास्ता निकलता है, जो सीधे गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे को टच करता है। इसी रास्ते पर नीमखेड़ा गांव पड़ता है, जहां ये 24 बीघे का बाग है। प्राइम लोकेशन होने की वजह से जमीन के दाम यहां रोजाना आसमान छू रहे हैं। कहा जा रहा है कि डॉक्टर मुमताज को पैसों की सख्त जरूरत थी। ऐसे में वो कुछ सस्ते रेट पर ये बाग बेचना चाह रहे थे। दो खरीदारों ने डॉक्टर मुमताज से इस जमीन को खरीदने की बात की। इसमें एक खरीदार हाजी अलीम के भतीजे सूफियान और दूसरे सतेंद्र उर्फ पिंटू चौधरी थे। सतेंद्र भाजपा में बुलंदशहर ग्रामीण मंडल में मंत्री है। हालांकि बाग मालिक डॉक्टर मुमताज की बातचीत सूफियान और उनके भाई अकरम से चल रही थी। दोनों भाई 4 जनवरी की देर शाम बाग की नापजोख करने पहुंचे, ताकि खरीद-फरोख्त प्रक्रिया पूरी की जा सके। इधर, भाजपा नेता सतेंद्र उर्फ पिंटू चौधरी को जब ये खबर लगी, तो वो अपने कुछ साथियों संग जमीन पर पहुंच गया। वहां दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। दो संप्रदायों से जुड़ा मामला, जनाजे में मौजूद रहे पांच पुलिस अफसर
यहां से हम बुलंदशहर के ऊपरकोट इलाके में पहुंचे, जहां सूफियान का मकान है। यहां सूफियान का जनाजा उठाने की तैयारी चल रही थी। हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा थी। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात डॉक्टर तेजवीर सिंह, एएसपी ऋजुल, 4 सीओ और कई थानों की फोर्स लेकर तैनात थी। दोपहर 2 बजे नमाज के बाद जनाजा उठा। आवास-विकास स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पुलिस को डर था कि शहर का माहौल खराब हो सकता है, क्योंकि मामला दो संप्रदायों से जुड़ा है। इसलिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात थी। गनीमत रही कि सोमवार को बुलंदशहर में साप्ताहिक बंदी होती है। इसलिए ऊपरकोट से सटे इलाकों में दुकानें बंद थीं। आवाजाही कम रहने से कानून व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं आई। SSP बोले- फ्रंट एरिया नापते वक्त हुआ झगड़ा
बुलंदशहर के SSP दिनेश कुमार सिंह ने बताया- बुलंदशहर निवासी डॉक्टर मुमताज का 24 बीघे का बाग है, जिसे वो बेचना चाह रहे थे। इसके लिए कुछ लोग उनके संपर्क में थे। सूफियान और अकरम उनसे बाग खरीदना चाहते थे। 4 जनवरी की शाम नमाज के बाद दोनों बाग पर पहुंचे। वो जमीन का फ्रंट एरिया नाप रहे थे, ताकि पता चल सके कि फ्रंट जमीन की चौड़ाई कितनी है। इसके बाद जमीन का मोलभाव शुरू होता। इसी बीच स्कॉर्पियो से एक व्यक्ति आया। वो इन दोनों से पूछताछ करने लगा। तभी उसके कुछ और साथी आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। सूफियान की मौत हो गई, अकरम को चोटें आई हैं। जो आरोपी पक्ष है, वो भी इस जमीन को खरीदना चाह रहे थे। इसके अलावा कई और भी पार्टियां थीं। इसमें इस्लामाबाद के हाजी इलियास भी शामिल थे। ‘न हम लड़ने वाले, न हमारे पास हथियार’
मृतक सूफियान के एक परिजन ने कहा- हमारे पास बताने के लिए कुछ नहीं है। हमारा भाई खत्म हो गया। हमें सिर्फ इतनी सूचना मिली कि भाई के ऊपर हमला हो गया है, अस्पताल पहुंच जाओ। उन्होंने कहा कि न हम लड़ने वाले लोग हैं, न हमारे पास हथियार थे। अगर हम लड़ाई के मकसद से जाते, तो हथियार लेकर जाते। मेरा एक भाई मर गया है और दूसरा जख्मी पड़ा है। वो एक जमीन को लेकर वहां गए थे। इसके अलावा हमें कुछ नहीं पता। हम तो दुकान चलाकर परिवार पालते हैं। आज हमारा सब खत्म हो गया। ————————- ये खबर भी पढ़ें… बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, लाठी-डंडों से पीटा, धारदार हथियार से वार किया बुलंदशहर में जमीनी विवाद में पूर्व बसपा विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे की हत्या कर दी गई। वह अपने भाई के साथ जमीन की पैमाइश पर गए थे। तभी दूसरे पक्ष से विवाद हो गया। उन्होंने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जब दोनों बेसुध होकर गिर गए, तो धारदार हथियार से कई वार किए। पढ़ें पूरी खबर
बुलंदशहर नगर कोतवाली क्षेत्र में ऊपरकोट इलाका है। यहां एक मोहल्ला मिर्चीटोला है। बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम यहीं के रहने वाले थे। करीब 7 साल पहले हाजी अलीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हाजी अलीम के एक भाई हाजी यूनुस बुलंदशहर ब्लॉक के प्रमुख रह चुके हैं। मौजूदा वक्त में उनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं। वहीं, हाजी अलीम के भतीजे सूफियान और अकरम प्रॉपर्टी का काम करते हैं। कुल मिलाकर पूरा परिवार पॉलिटिक्स से जुड़ा रहा है। 4 जनवरी की देर शाम बुलंदशहर कोतवाली क्षेत्र में नीमखेड़ा गांव के पास सूफियान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वो एक प्रॉपर्टी की नापजोख करवा रहे थे। तभी दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। पहले लाठी-डंडों से पीटा, फिर उन्हें स्कॉर्पियो से रौंद डाला। इस मामले में मृतक के भाई मोहम्मद हुजैफा ने नीमखेड़ा के रहने वाले भूरा उर्फ रविंद्र, बबलू उर्फ विजय, पिंटू उर्फ सतेंद्र, तेजपाल और 3-4 अज्ञात के खिलाफ बुलंदशहर कोतवाली देहात में FIR कराई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राइम लोकेशन पर जमीन, 80 लाख रुपए बीघा का रेट
दैनिक भास्कर सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा, जहां जमीन को लेकर विवाद हुआ। ये जमीन 24 बीघा है, जिस पर फिलहाल बाग है। ये जमीन बुलंदशहर में रहने वाले डॉक्टर मुमताज की है। वर्तमान में यहां पर जमीन का रेट 80 लाख रुपए बीघा के आसपास है। ऐसे में इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हुई। बुलंदशहर में शिकारपुर बाईपास स्थित मामन पुलिस चौकी के बगल से एक रास्ता निकलता है, जो सीधे गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे को टच करता है। इसी रास्ते पर नीमखेड़ा गांव पड़ता है, जहां ये 24 बीघे का बाग है। प्राइम लोकेशन होने की वजह से जमीन के दाम यहां रोजाना आसमान छू रहे हैं। कहा जा रहा है कि डॉक्टर मुमताज को पैसों की सख्त जरूरत थी। ऐसे में वो कुछ सस्ते रेट पर ये बाग बेचना चाह रहे थे। दो खरीदारों ने डॉक्टर मुमताज से इस जमीन को खरीदने की बात की। इसमें एक खरीदार हाजी अलीम के भतीजे सूफियान और दूसरे सतेंद्र उर्फ पिंटू चौधरी थे। सतेंद्र भाजपा में बुलंदशहर ग्रामीण मंडल में मंत्री है। हालांकि बाग मालिक डॉक्टर मुमताज की बातचीत सूफियान और उनके भाई अकरम से चल रही थी। दोनों भाई 4 जनवरी की देर शाम बाग की नापजोख करने पहुंचे, ताकि खरीद-फरोख्त प्रक्रिया पूरी की जा सके। इधर, भाजपा नेता सतेंद्र उर्फ पिंटू चौधरी को जब ये खबर लगी, तो वो अपने कुछ साथियों संग जमीन पर पहुंच गया। वहां दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। दो संप्रदायों से जुड़ा मामला, जनाजे में मौजूद रहे पांच पुलिस अफसर
यहां से हम बुलंदशहर के ऊपरकोट इलाके में पहुंचे, जहां सूफियान का मकान है। यहां सूफियान का जनाजा उठाने की तैयारी चल रही थी। हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा थी। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात डॉक्टर तेजवीर सिंह, एएसपी ऋजुल, 4 सीओ और कई थानों की फोर्स लेकर तैनात थी। दोपहर 2 बजे नमाज के बाद जनाजा उठा। आवास-विकास स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पुलिस को डर था कि शहर का माहौल खराब हो सकता है, क्योंकि मामला दो संप्रदायों से जुड़ा है। इसलिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात थी। गनीमत रही कि सोमवार को बुलंदशहर में साप्ताहिक बंदी होती है। इसलिए ऊपरकोट से सटे इलाकों में दुकानें बंद थीं। आवाजाही कम रहने से कानून व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं आई। SSP बोले- फ्रंट एरिया नापते वक्त हुआ झगड़ा
बुलंदशहर के SSP दिनेश कुमार सिंह ने बताया- बुलंदशहर निवासी डॉक्टर मुमताज का 24 बीघे का बाग है, जिसे वो बेचना चाह रहे थे। इसके लिए कुछ लोग उनके संपर्क में थे। सूफियान और अकरम उनसे बाग खरीदना चाहते थे। 4 जनवरी की शाम नमाज के बाद दोनों बाग पर पहुंचे। वो जमीन का फ्रंट एरिया नाप रहे थे, ताकि पता चल सके कि फ्रंट जमीन की चौड़ाई कितनी है। इसके बाद जमीन का मोलभाव शुरू होता। इसी बीच स्कॉर्पियो से एक व्यक्ति आया। वो इन दोनों से पूछताछ करने लगा। तभी उसके कुछ और साथी आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। सूफियान की मौत हो गई, अकरम को चोटें आई हैं। जो आरोपी पक्ष है, वो भी इस जमीन को खरीदना चाह रहे थे। इसके अलावा कई और भी पार्टियां थीं। इसमें इस्लामाबाद के हाजी इलियास भी शामिल थे। ‘न हम लड़ने वाले, न हमारे पास हथियार’
मृतक सूफियान के एक परिजन ने कहा- हमारे पास बताने के लिए कुछ नहीं है। हमारा भाई खत्म हो गया। हमें सिर्फ इतनी सूचना मिली कि भाई के ऊपर हमला हो गया है, अस्पताल पहुंच जाओ। उन्होंने कहा कि न हम लड़ने वाले लोग हैं, न हमारे पास हथियार थे। अगर हम लड़ाई के मकसद से जाते, तो हथियार लेकर जाते। मेरा एक भाई मर गया है और दूसरा जख्मी पड़ा है। वो एक जमीन को लेकर वहां गए थे। इसके अलावा हमें कुछ नहीं पता। हम तो दुकान चलाकर परिवार पालते हैं। आज हमारा सब खत्म हो गया। ————————- ये खबर भी पढ़ें… बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, लाठी-डंडों से पीटा, धारदार हथियार से वार किया बुलंदशहर में जमीनी विवाद में पूर्व बसपा विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे की हत्या कर दी गई। वह अपने भाई के साथ जमीन की पैमाइश पर गए थे। तभी दूसरे पक्ष से विवाद हो गया। उन्होंने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जब दोनों बेसुध होकर गिर गए, तो धारदार हथियार से कई वार किए। पढ़ें पूरी खबर