उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने बिजली बिल राहत योजना (OTS) को लेकर मंगलवार को समीक्षा की। कहां कि योजना का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। अब एक-एक बकाएदार से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन कराएं और बकाया जमा करवाएं। जो अधिकारी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ नकद प्रोत्साहन राशि मिलेगी। वहीं फिसड्डी कर्मियों पर कार्रवाई होगी। एमडी ने बताया कि दूसरे चरण में भी बिजली बिल के बकायादारों कों को सरचार्ज में 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। जबकि मूल बकाए पर भी 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस योजना में बिजली चोरी के पुराने मामलों में भी समझौता किया जा रहा है। योजना का लाभ उठाएं और कोर्ट–कचहरी के चक्कर से मुक्ति पाएं। हर बकायादार को करें फोन प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि हर उपभोक्ता को फोन करें, व्यक्तिगत संपर्क करें, मुनादी करवाएं, नोटिस दें और योजना के पंफलेट बांटें। जिला प्रशासन का सहयोग लें, फिनटेक एजेंसियों को लगाएं और माइक्रो प्लान बनाकर काम करें। चोरी के मामलों में उपभोक्ताओं को बताएं। योजना से मुकदमा निस्तारित हो जाएगा, जेल का डर खत्म हो जाएगा। कर्मियों के लिए प्रोत्साहन का ऐलान: योजना सफल बनाने वाले कर्मचारियों और कलेक्शन एजेंसियों को इनाम मिलेगा। वहीं डिस्कॉम में टॉप परफॉर्मेंस देने वाले 10 अधिशासी अभियंताओं, 20 उपखंड अधिकारियों और 30 अवर अभियंताओं को प्रशस्ति पत्र के साथ नकद पुरस्कार मिलेगा। प्रबंध निदेशक ने कहा- योजना की प्रगति से ही अधिकारियों का मूल्यांकन होगा। हालांकि, जहां रजिस्ट्रेशन कम हो रहा है या चोरी के मामलों में प्रगति धीमी है, वहां सख्त कार्रवाई होगी। डिस्कॉम औसत से नीचे रहने वाले एक्जीक्यूटिव इंजीनियर्स को वॉर्निंग जारी करने के आदेश दिए।