यूपी में इंटरव्यू से पहले असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द:STF ने पकड़ी धांधली; योगी बोले- खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं

यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यह फैसला खुद CM योगी ने लिया है। यूपी STF को इस परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली का पता चला था। STF ने आउटसोर्स के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। ठगों ने फर्जी पेपर बनाकर अभ्यर्थियों से वसूली की थी। CM योगी ने जांच के आदेश दिए थे। सरकार ने धांधली के आरोप लगने के बाद इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPHESC) ने 33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। एक लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। 16 और 17 नवंबर, 2025 को प्रदेश के 52 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। 4 सितंबर को UPHESC ने नतीजे घोषित किए थे। अब इंटरव्यू होना था। CM योगी ने आयोग को जल्द परीक्षा कराए जाने का निर्देश दिया है। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… शासन ने बनाई थी कमेटी यूपी STF ने 20 अप्रैल, 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी कर रहा था। गैंग के तीन सदस्य महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल गिरफ्तार हुए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी आउटसोर्स कर्मचारी महबूब अली ने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान पेपर निकाल लिया। अभ्यर्थियों को लाखों रुपए में बेचा था। इसके बाद अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका भी सामने आई, जिससे परीक्षा में धांधली की पुष्टि हुई। शासन स्तर से एक कमेटी भी बनाई गई थी। कहा गया था कि यह कमेटी इस भर्ती की लिखित परीक्षा के आगे की प्रक्रिया में आयोग को सहयोग करेगी। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल की ओर से विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने एक लेटर जारी किया था। कमेटी में प्रयागराज के ADM सिटी सत्यम मिश्र, उप्र पुलिस भर्ती बोर्ड की एडिशनल एसपी गीतांजलि सिंह, STF के एडिशनल एसपी विशाल विक्रम सिंह, उच्च शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक अजीत कुमार सिंह को शामिल किया गया। तीन बार बदली गई थी परीक्षा की तारीख
शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से पहले यह परीक्षा 9 व 10 फरवरी, 2025 को होनी थी। इसके बाद तारीख में बदलाव करते हुए इसे 16-17 फरवरी, 2025 कर दी गई थी। तीसरी बार नई तिथि 16 एवं 17 अप्रैल, 2025 को घोषित हुई थी। यह प्रदेश के छह मंडल मुख्यालय प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ एवं आगरा में हुए थे। इसके लिए कुल 52 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा कराने के 22 दिन बाद 10 मई को इसकी ANSWER KEY जारी की गई थी। दो चरणों में 25 सितंबर से आठ अक्तूबर तथा 28 अक्तूबर से चार नवंबर तक साक्षात्कार कराने की घोषणा की गई थी। आयोग की ओर यह भी कहा गया था कि इंटरव्यू लेटर साक्षात्कार की तारीख से 10 दिन पहले वेबसाइट पर ऑनलाइन कर दिए जाएंगे लेकिन 24 सितंबर तक कोई लेटर ऑनलाइन नहीं किया गया और न ही अभ्यर्थियों को सूचना दी गई। ———— यह खबर भी पढ़िए:- BJP विधायक डॉक्टरों पर भड़के, बोले-मुझे शर्म आती है:लखीमपुर में हार्ट का डॉक्टर नहीं; गर्भवती महिला की जिंदगी लौटा पाओगे क्या? ‘मुझे शर्म आती है कि मेरे जिले में हार्ट का एक भी डॉक्टर नहीं है। जिले के जनप्रतिनिधि विधानसभा में कई बार ये मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत ये है कि एक MLA अस्पताल आया है और डॉक्टर बाहर तक नहीं आए हैं। ‘ ये कहना है लखीमपुर खीरी के भाजपा विधायक विनोद अवस्थी का। पढ़ें पूरी खबर…