अखिलेश बोले, परीक्षा रद्द करना भाजपाई साजिश:नौकरी उनके एजेंडे में नहीं, सहायक प्राचार्य भर्ती परीक्षा रद्द होने पर उठाए सवाल

सहायक प्राचार्य भर्ती परीक्षा निरस्त होने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा है कि परीक्षा रद्द करना भाजपाई साजिश है। भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं। एक्स पर किया ये पोस्ट अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि प्रिय अभ्यर्थियों, परीक्षाओं को रद्द करने से कुछ नहीं होगा, अगर वही लोग फिर से परीक्षा कराएँगे तो धांधली फिर से होगी। डबल इंजन के दुष्काल में अभ्यर्थी दुबारा मतलब डबल ठगे जाएंगे। भाजपा सरकार ये नाटक बंद करे और स्वीकार करे कि वो युवाओं को यूँ ही साल-दर-साल कभी पर्चा लीक होने के नाम पर, कभी कॉपी बदले जाने के नाम पर, कभी आरक्षण की चोरी के नाम पर, कभी डबल पारी के घपले के नाम पर, कभी नार्मलाइजेशन के नाम पर, कभी कोर्ट-कचहरी के नाम पर या किसी और बहाने युवाओं को नचाती रहेगी पर कोई भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं करेगी। उन्होंने आगे लिखा कि दरअसल ये सब नौकरी न देने की भाजपाई साज़िश है क्योंकि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। सच तो ये है कि भाजपा आरक्षण का विरोध करते-करते नौकरी की ही विरोधी हो गयी है, जिसका नुक़सान हर वर्ग के लोगों को उठाना पड़ रहा है। जो कह रहे हैं कि उप्र में नौकरियों की बरसात हो रही है सही मायनों में उन्होंने उप्र में नौकरी का दलदल बना दिया है, जिससे कोई बाहर ही नहीं आ पाता है। आगामी चुनावों में नौकरी चाहनेवाला हर वर्ग का युवा हर परीक्षा में धांधली करनेवाली भ्रष्ट भाजपा के ख़िलाफ़ वोट करेगा, और इसमें सबसे ज़्यादा प्रतिशत उनका होगा जिन्हें अपना जेबी वोट समझकर भाजपा हमेशा उपेक्षित करती रहती है। अखिलेश ने कहा कि हमारा सीधा आह्वान है कि अपना भविष्य बदलना है तो सरकार बदलिए! भाजपा जाए तो नौकरी आए!