बृजभूषण सिंह कथा मंच पर मुंह के बल गिरे:फिर हंसने लगे; गोंडा में रितेश्वर महाराज ने थामी राइफल, 4 राउंड फायर किए

यूपी के बाहुबली नेता और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को अपना 69वां बर्थडे मनाया। पूर्व सांसद बृजभूषण का स्टेज पर गिरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। बृजभूषण स्टेज पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उनका बैलेंस बिगड़ गया और वो मुंह के बल गिर गए। हालांकि उन्हें तुरंत खुद को संभाला और हंसने भी लगे। इससे पहले बृजभूषण ने गोंडा के नवाबगंज कस्बे में दो मुस्लिम बच्चों के साथ केक काटा। दोनों बच्चों को अपनी खुली जिप्सी में बैठाया, उन्हें माला पहनाई। फिर अपने हाथों से केक भी खिलाया। दोनों बच्चे भी काफी खुश दिखाई दिए। इसका आज शुक्रवार को वीडियो सामने आया है। बैकग्राउंड में म्यूजिक बज रहा है। बृजभूषण की शेर पढ़ते हुए आवाज आ रही है। वे कह रहे हैं- ‘मैं झुक जाता तो मसला हल हो जाता
लेकिन मेरे किरदार का कद कम हो जाता…’ बृजभूषण सिंह ने अपने बर्थडे पर सद्गुरु रितेश्वर महाराज से राष्ट्र कथा कराई थी। रितेश्वर महाराज कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह की शूटिंग रेंज पहुंचे। जहां उन्होंने राइफल थामी और निशाना लगाया। अब जानिए दोनों बच्चे कौन हैं, जिनके साथ बृजभूषण ने काटा केक भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने अपने बर्थडे पर शक्ति प्रदर्शन किया। वे गोंडा से करीब 100 गाड़ियों का काफिला लेकर नंदिनी नगर महाविद्यालय पहुंचे थे। जिन दो बच्चों के साथ बृजभूषण सिंह ने केक काटा, वे गोंडा के नवाबगंज स्थित संचारी मोहल्ला के रहने वाले हैं। इरशाद अहमद खान का बेटा हसन अहमद खान (10 साल) और बशीर का बेटा अब्दुल नबी (10 साल) दोनों दोस्त हैं। दोनों ने अपने पिता से पैसे लेकर बृजभूषण शरण सिंह के लिए केक खरीदा था। जैसे ही काफिला नवाबगंज बाजार पहुंचा, दोनों बच्चे केक लेकर उनसे मिलने पहुंच गए। बृजभूषण ने बच्चों को अपनी जीप के बोनट पर बुलाया और उनके साथ केक काटा। बृजभूषण शरण सिंह हर साल अपने जन्मदिन पर मुस्लिम बच्चों और लोगों के साथ इसी तरह जश्न मनाते हैं। बृजभूषण शरण सिंह अपने बयानों में अक्सर मुस्लिम समाज के लोगों को ‘कन्वर्टेड हिंदू’ बताते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कभी मुस्लिम समाज के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- मेरे क्षेत्र के लोग, मेरे जिले के लोग मुझे नेताजी के नाम से बहुत प्यार करते हैं। इसी का यह परिणाम है कि यह दोनों बच्चे अपने घर से पैसा लेकर के केक खरीद कर मेरे लिए लाए थे तो मैं इनको अपनी गाड़ी के बोनट पर बैठा करके इन्हें खिलाया है। अब बात रितेश्वर महाराज की… विदाई से पहले बंदूक थामी, लगाया निशाना राष्ट्र कथा के समापन पर शुक्रवार को सद्गुरु रितेश्वर महाराज को सांसद करण भूषण सिंह और गोंडा सदर के विधायक प्रतीक भूषण सिंह परसापुर स्थित अपने नेशनल शूटिंग रेंज लेकर पहुंचे। यहां करण भूषण सिंह ने उन्हें शूटिंग रेंज की बारे में जानकारी दी। सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने बंदूक थामी और दो-तीन राउंड फायरिंग कर निशाना लगाया। इस दौरान करण भूषण का बेटा भी उनके साथ रहा। उसने रितेश्वर महाराज को बंदूक पकड़ना सिखाया। सांसद करण भूषण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण सिंह सद्गुरु को विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास भी लेकर पहुंचे। यहां उन्होंने सद्गुरु को पूरा घर दिखाया। भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह की जन्मस्थली से भी परिचित कराया। सद्गुरु ने वह स्थान भी देखा, जहां बृजभूषण शरण सिंह जनता दरबार लगाते हैं। रितेश्वर महाराज ने अस्तबल भी देखा। उन्होंने घोड़े को गुड़ खिलाया। 2 फोटो देखिए… हेलीकॉप्टर से मथुरा रवाना, लोगों का किया अभिवादन सद्गुरु रितेश्वर महाराज को हेलिकॉप्टर से मथुरा के लिए रवाना किया गया। रवाना होते समय उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कहा- भारत को ऋषि-मुनियों ने पहले ही हिंदू राष्ट्र घोषित कर रखा है। देश के 140 करोड़ लोग सनातनी हैं, भले ही किसी के पूर्वज हिंदू रहे हों। हिंदुत्व एक जीवन पद्धति है और सुप्रीम कोर्ट भी इस बात को स्वीकार कर चुका है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से भारत जैसे चल रहा है, वैसे ही चलेगा, लेकिन वह यह देखना चाहते हैं कि देश कब रामराज्य की ओर अग्रसर होगा। राष्ट्र कथा महोत्सव को बताया ऐतिहासिक और मील का पत्थर
सद्गुरु ने राष्ट्र कथा महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि यह गोंडा की वह भूमि है, जहां भगवान राम ने गौ-चारण किया था। यह राष्ट्र कथा देश को एक नया संदेश दे रही है, जिससे छात्र, युवा और पूरा राष्ट्र जागृत हुआ है। उन्होंने इसे विश्व में पहली बार आयोजित ऐसा आयोजन बताया, जो एक मील का पत्थर साबित होगा। अब बात बृजभूषण को मिले उपहारों की… बृजभूषण सिंह को उनके बर्थडे पर तमाम गिफ्ट मिले। लेकिन सबसे बड़ा आकर्षण रहा लंदन का घोड़ा। उसका नाम ‘अश्व जोहान्सबर्ग’ है। यह घोड़ा सीधे लंदन से विशेष विमान के जरिए भारत लाया गया। इसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए बताई गई है। हरियाणा में रेवाड़ी जिले के रविंद्र पाल सिंह चौहान और उनकी पत्नी संगीता सिंह चौहान ने यह खास तोहफा दिया। जब दोनों मंच पर पहुंचे, तो सभी की नजरें इस विदेशी घोड़े पर टिक गईं। बताया गया कि इस नस्ल के घोड़े की कीमत जन्म के समय ही लाखों में होती है, जो रेसिंग करियर में करोड़ों तक पहुंच जाती है। यह घोड़ा साधारण नहीं, बल्कि इंटरनेशनल रेसिंग का अनुभवी खिलाड़ी है। अब तक यह 38 इंटरनेशनल रेस में भाग ले चुका है। इनमें से 7 रेस में पहला स्थान, दो बार दूसरा और कई बार शीर्ष चार में जगह बना चुका है। इसकी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग 102 है, जो इसे बेहद खास बनाती है। रेसिंग के जरिए इसने लाखों रुपए की इनामी राशि भी जीती है। अश्व जोहान्सबर्ग की नस्ल काफी चर्चित है। इसकी मां आयरलैंड की मशहूर घोड़ी ‘द गुरखा’ है, जबकि पिता ‘डायनारॉक’ लंदन की प्रसिद्ध नस्ल से हैं। रविंद्र पाल चौहान दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के सामने रहते हैं। उन्होंने बताया- पत्नी संगीता सिंह के पास दिल्ली और हरियाणा में करीब 300 घोड़े हैं। घोड़े के अलावा, थाई बॉक्सिंग की नेशनल ब्रांड एंबेसडर आराधना सोलंकी ने बृजभूषण सिंह को सोने की चेन भेंट की। वहीं हरियाणा से आए समर्थकों ने उन्हें एक जैकेट पहनाई, जिस पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि ठंड में यह जैकेट काम आ गई। ————————– ये खबर भी पढ़िए… आजम खान रामपुर जेल में जमीन पर सो रहे:पत्नी ने की मुलाकात, बोलीं- साहब को सर्दी-बुखार, बेड तक नहीं दिया यूपी में रामपुर जिला जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से पत्नी तंजीन फातिमा मिलने पहुंचीं। मुलाकात के बाद बाहर आते ही आजम की हालत को लेकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कहा- आजम साहब को कई दिनों से सर्दी-जुकाम और बुखार है। इसके बावजूद उन्हें बेड तक नहीं दिया गया। कड़ाके की ठंड के बीच वह जमीन पर सोने को मजबूर हैं। करीब आधा घंटे चली मुलाकात के बाद तंजीन ने आरोप लगाया कि उम्र और सेहत को देखते हुए आजम को नियमों के तहत ‘ए-श्रेणी’ की सुविधाएं मिलनी चाहिए। लेकिन, जेल प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पढ़िए पूरी खबर…