‘कुलदीप सिंह सेंगर की दोनों बेटियां पिछले कुछ दिनों से जानबूझकर मुझे चरित्रहीन बताने की कोशिश कर रही हैं। ऐश्वर्या सेंगर ये बताने की कोशिश में जुटी है कि मेरी इज्जत लूटने वाले उनके पिता कुलदीप सिंह सेंगर बेकसूर हैं। उनके पास ठोस सबूत हैं। बहन अगर आपके पास कोई सबूत हैं, तो आपने CBI को क्यों नहीं दिए। अगर CBI भरोसा नहीं था, तो कोर्ट को पर्याप्त सबूत देकर कुलदीप सेंगर और मेरे पिता के हत्यारे अतुल सेंगर को क्यों नहीं बचाया?’ यह कहना है उन्नाव के बहुचर्चित रेप कांड की पीड़िता का। उसने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटियों पर चरित्र हनन करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। कहा- जानबूझकर मेरी पहचान उजागर करके मेरा चरित्र खराब करने की कोशिश की जा रही है। कानून इसकी इजाजत नहीं देता, फिर भी सुनियोजित साजिश के तहत यह सब किया जा रहा है। जिससे मुझे मानसिक रूप से तोड़ा जा सके और मैं न्याय की लड़ाई से पीछे हट जाऊं। पीड़िता ने वीडियो में ऐश्वर्या सेंगर को 3 बार बहन कहकर भी पुकारा। पहले हूबहू पढ़िए पीड़िता ने वीडियो में क्या-क्या कहा… मैं अपनी बातें वीडियो के जरिए रख रही हूं। मेरी आवाज लोगों तक पहुंचाई जाए और मुझे न्याय दिलाया जाए। कुलदीप सिंह सेंगर की दोनों बेटियों के पास कोई सबूत नहीं है। सबूत वही हैं, जो सीबीआई ने कोर्ट में रखे। तो फिर आप सोशल मीडिया पर अपने इंटरव्यू को इतना सनसनी क्यों बना रही हैं? 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सेंगर के समर्थक ये जाति विशेष आंदोलन कर रहे हैं। यह क्या है? 11 जनवरी को दिल्ली में होने वाला कार्यक्रम कोई आंदोलन नहीं, बल्कि कुलदीप सिंह सेंगर, उनकी बेटियों और समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन है। कुलदीप की बेटी ऐश्वर्या सेंगर अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाना चाहती हैं। वह खुद 2027 में चुनाव लड़ना चाहती हैं। ये न कोई आंदोलन है, ना कोई धरना। दिल्ली की सड़कों पर एक शक्ति प्रदर्शन है, जिसका उद्देश्य चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को डराने का है। जिससे वो उनके पक्ष में फैसला कर दें। मैं तो बस न्याय की लड़ाई लड़ रही
पीड़िता ने कहा- ऐश्वर्या मेरी प्यारी बहन, बड़ी नेता बनो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। लेकिन, अपने लोगों से मेरा चरित्र हनन मत करवाओ। मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं। मेरा एक बेटा भी है। अगर आप लोग चाह रहे हैं कि मैं जीवित रहूं तो ये सब बंद करो। वर्ना आपके लोग तो मुझे मारना ही चाह रहे हैं। मैं तो बस न्याय की लड़ाई लड़ रही हूं। आपके पास पैसा है, राजनीति है, लेकिन मेरे पास क्या है? आप क्षत्रिय समाज से हो और मैं भी क्षत्रिय समाज से हूं। आप कहती हो आपके परिवार में सिर्फ 4 लोग ही हैं। तो फिर आपके समर्थन में इतने लोग कहां से आ रहे? प्लीज, मेरी पहचान उजागर न करें
पीड़िता ने कहा- मेरी पहचान उजागर न करें। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से दूरी बनाए रखें। मुझे सहानुभूति नहीं, न्याय चाहिए। चरित्र हनन करके मुझे कमजोर करने की कोशिश की जा रही। लेकिन मुझे कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। सच अदालत के माध्यम से ही सामने आएगा। मैं अपनी लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ती रहूंगी। 29 दिसंबर को भी प्रदर्शन के दौरान हुआ था हंगामा
उन्नाव रेप केस में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड होने के विरोध में 29 दिसंबर 2025 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा हो गया था। 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को सशर्त जमानत के बाद से ही विरोध प्रदर्शन हो रहा था। उसी दिन रेप पीड़ित, उसकी मां और एक्टिविस्ट योगिता भयाना 23 दिसंबर की शाम को इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठ गई थीं। आधी रात पुलिस इंडिया गेट पहुंची और उन्हें हटने के लिए कहा। इस पर नोकझोंक और बहस हुई। आखिरकार तीनों को जबरन इंडिया गेट से हटा दिया गया था। महिला सिपाही पीड़ित और उसकी मां को उठाकर अपने साथ ले गई थी। इसके बाद से लगातार प्रदर्शन हो रहा है। पीड़ित और उसकी मां राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सहयोग की मांग की थी। 26 दिसंबर को महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना समेत तमाम महिलाओं ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया था। योगिता ने कहा था- कुलदीप सेंगर को भाजपा सरकार बचा रही है। हमारे देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हम चाहते हैं कि उन्नाव रेप कांड की पीड़िता को न्याय मिले। उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के मामले में भी दोषियों को बचाया जा रहा। इन घटनाओं से देश की महिलाएं डरी हुई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 लाख के बॉन्ड के साथ कंडीशनल बेल दी थी… 17 साल की लड़की को अगवा कर किया था रेप
उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग को अगवा कर रेप किया था। मामले की जांच सीबीआई ने की थी। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दोषी सेंगर को 20 दिसंबर, 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उसे मृत्यु तक जेल में रखने के आदेश दिए थे। सेंगर पर 25 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था। कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी। उसे भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया था। ‘दैनिक भास्कर’ ने 29 अक्टूबर को ही बता दिया था कि कुलदीप सिंह बिहार चुनाव के बाद जेल से बाहर आएगा। क्लिक करिए… ———————- ये खबर भी पढ़ें बाघ लड़की को खा गया, 3 टुकड़ों में मिला शव, महाराजगंज में मां बेसुध, बोलीं- मुझे भी मार दें, जी कर क्या करूंगी महाराजगंज में 14 साल की लड़की को बाघ खा गया। उसका शव तीन टुकड़ों में मिला। एक हाथ शव से 10 मीटर दूर पड़ा था। पेट का मांस भी बगल में पड़ा था। सीने से मांस और कान गायब थे। शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। लाश देखकर मां ऊषा रो-रोकर बेसुध हो गईं। पूरी खबर पढ़िए…
पीड़िता ने कहा- ऐश्वर्या मेरी प्यारी बहन, बड़ी नेता बनो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। लेकिन, अपने लोगों से मेरा चरित्र हनन मत करवाओ। मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं। मेरा एक बेटा भी है। अगर आप लोग चाह रहे हैं कि मैं जीवित रहूं तो ये सब बंद करो। वर्ना आपके लोग तो मुझे मारना ही चाह रहे हैं। मैं तो बस न्याय की लड़ाई लड़ रही हूं। आपके पास पैसा है, राजनीति है, लेकिन मेरे पास क्या है? आप क्षत्रिय समाज से हो और मैं भी क्षत्रिय समाज से हूं। आप कहती हो आपके परिवार में सिर्फ 4 लोग ही हैं। तो फिर आपके समर्थन में इतने लोग कहां से आ रहे? प्लीज, मेरी पहचान उजागर न करें
पीड़िता ने कहा- मेरी पहचान उजागर न करें। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से दूरी बनाए रखें। मुझे सहानुभूति नहीं, न्याय चाहिए। चरित्र हनन करके मुझे कमजोर करने की कोशिश की जा रही। लेकिन मुझे कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। सच अदालत के माध्यम से ही सामने आएगा। मैं अपनी लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ती रहूंगी। 29 दिसंबर को भी प्रदर्शन के दौरान हुआ था हंगामा
उन्नाव रेप केस में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड होने के विरोध में 29 दिसंबर 2025 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा हो गया था। 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को सशर्त जमानत के बाद से ही विरोध प्रदर्शन हो रहा था। उसी दिन रेप पीड़ित, उसकी मां और एक्टिविस्ट योगिता भयाना 23 दिसंबर की शाम को इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठ गई थीं। आधी रात पुलिस इंडिया गेट पहुंची और उन्हें हटने के लिए कहा। इस पर नोकझोंक और बहस हुई। आखिरकार तीनों को जबरन इंडिया गेट से हटा दिया गया था। महिला सिपाही पीड़ित और उसकी मां को उठाकर अपने साथ ले गई थी। इसके बाद से लगातार प्रदर्शन हो रहा है। पीड़ित और उसकी मां राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सहयोग की मांग की थी। 26 दिसंबर को महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना समेत तमाम महिलाओं ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया था। योगिता ने कहा था- कुलदीप सेंगर को भाजपा सरकार बचा रही है। हमारे देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हम चाहते हैं कि उन्नाव रेप कांड की पीड़िता को न्याय मिले। उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के मामले में भी दोषियों को बचाया जा रहा। इन घटनाओं से देश की महिलाएं डरी हुई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 लाख के बॉन्ड के साथ कंडीशनल बेल दी थी… 17 साल की लड़की को अगवा कर किया था रेप
उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग को अगवा कर रेप किया था। मामले की जांच सीबीआई ने की थी। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दोषी सेंगर को 20 दिसंबर, 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उसे मृत्यु तक जेल में रखने के आदेश दिए थे। सेंगर पर 25 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था। कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी। उसे भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया था। ‘दैनिक भास्कर’ ने 29 अक्टूबर को ही बता दिया था कि कुलदीप सिंह बिहार चुनाव के बाद जेल से बाहर आएगा। क्लिक करिए… ———————- ये खबर भी पढ़ें बाघ लड़की को खा गया, 3 टुकड़ों में मिला शव, महाराजगंज में मां बेसुध, बोलीं- मुझे भी मार दें, जी कर क्या करूंगी महाराजगंज में 14 साल की लड़की को बाघ खा गया। उसका शव तीन टुकड़ों में मिला। एक हाथ शव से 10 मीटर दूर पड़ा था। पेट का मांस भी बगल में पड़ा था। सीने से मांस और कान गायब थे। शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। लाश देखकर मां ऊषा रो-रोकर बेसुध हो गईं। पूरी खबर पढ़िए…