यूपी में पाकिस्तानी मां-बेटी लापता:नागरिकता छिपा सरकारी नौकरी पाई, भांडा फूटते ही अंडरग्राउंड; खुफिया एजेंसियां ढूंढ रहीं

यूपी के जिला रामपुर से पाकिस्तानी मां-बेटी लापता हैं। दोनों पाकिस्तानी नागरिकता का फैक्ट छिपाकर सरकारी टीचर बनीं। जांच में पुष्टि हुई तो पहले सस्पेंशन, फिर बर्खास्तगी हुई। अब मां पर 3 दिन पहले रामपुर में FIR हुई है। कानूनी शिकंजा कसते ही मां-बेटी अंडरग्राउंड हो गई हैं। रामपुर में घर पर ताला लटका है। पड़ोसियों के मुताबिक, दोनों को कई दिनों से नहीं देखा। पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें मां-बेटी को तलाश रही हैं, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं है। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर पाकिस्तानी मां-बेटी के बारे में पड़ताल की। समझा कि वो भारत से पाकिस्तान कैसे पहुंचीं? वापस भारत कैसे आईं? कैसे सरकारी टीचर बनीं? ये रिपोर्ट पढ़िए… निकाह करके पाकिस्तान गई, 3 साल में लौटी फरजाना उर्फ माहिरा घर पर ताला, खुले में रखा है सामान
फरजाना की तलाश करते हुए हम रामपुर के मोहल्ला खंडसार में पीर की पैंठ इलाके में पहुंचे। यहां कब्रिस्तान के ठीक सामने एक बिल्डिंग बनी है। इस बिल्डिंग में फर्स्ट फ्लोर पर फरजाना और उसकी बेटियां रहती हैं। हम फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे। यहां घर का मुख्य गेट लॉक था। गेट पर सफेद रंग का एक पर्चा चिपका हुआ है। इस पर लिखा है– ‘सलामुन अला नूहिन फिल आलामीन’। इसका हिंदी में अर्थ है- ‘सभी लोकों में नूह पर शांति हो’। सेकेंड फ्लोर की सीढ़ियों पर फरजाना के घर का सामान रखा है। सामान पर अटी धूल को देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे कई दिन से उसे हाथ नहीं लगाया गया हो। हम नीचे आए और आसपास के लोगों से बातचीत की। उन्होंने ऑफ कैमरा बताया कि फरजाना को कई दिन से नहीं देखा। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर ही एक मेडिकल स्टोर है। यहां दवाई लेने आए नजदीकी शख्स ने बताया- फरजाना यहीं रहती है, लेकिन अब कहां है, ये मुझे नहीं पता। यही स्थिति बरेली में फरजाना की बेटी शुमायला की है। वहां भी सालभर पहले मुकदमा दर्ज होने के बाद से वो भी लापता है। गृह मंत्रालय में लॉन्ग टर्म वीजा की फाइल 1992 से पेंडिंग
हमने पुलिस के एक ऑफिसर से ऑफ कैमरा बात की। उन्होंने बताया- FIR दर्ज होने और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद फरजाना अपने घर से अलग कहीं और रहने चली गई है। रामपुर में ही उसके अन्य परिजन और रिश्तेदार भी रहते हैं। हो सकता है कि वो वहां पर बेटी सहित रहने चली गई हो। ऑफिसर ने आगे बताया- साल-1992 में आखिरी बार फरजाना ने लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) के लिए अप्लाई किया था, लेकिन अप्रूवल नहीं मिल पाया। नियमत: LTV का रिन्यूवल हर 2 साल के लिए होता है। 1992 के बाद से फरजाना को LTV नहीं मिला। ऐसे में फरजाना अवैध रूप से भारत में रह रही है, बेशक वो भारत की बेटी हो। उसकी वजह ये है कि फरजाना पाकिस्तानी पासपोर्ट पर वीजा लेकर भारत आई थी। उसने पाकिस्तान की नागरिकता सरेंडर नहीं की थी। इस वजह से फरजाना का भारत में रहना गैरकानूनी है। गृह मंत्रालय में लॉन्ग टर्म वीजा की फाइल कई दशकों से पेंडिंग पड़ी हुई है। रामपुर पुलिस समय-समय पर गृह मंत्रालय को लिखित सूचना भी भेजती है। SP बोले- रामपुर में दूसरा निकाह किया, लेकिन नागरिकता पाकिस्तान की
हमने इस पूरे मामले में रामपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) विद्यासागर मिश्र से बात की। उन्होंने बताया- फरजाना उर्फ माहिरा अख्तर रामपुर की निवासी थी। पाकिस्तानी नागरिक सितवत अली खां से निकाह के बाद वो साल-1979 में पाकिस्तान चली गई। पति से अनबन के बाद वो अपनी 2 बेटियों फुरकाना उर्फ शुमायला खान और आबिदा खान उर्फ इमराना खान के साथ 15 अक्टूबर, 1981 को वापस रामपुर में आ गई। 1994 में उसने पाकिस्तानी पति से तलाक ले लिया और रामपुर में ही सद्दीक हसन से 14 सितंबर, 1985 को दूसरा निकाह कर लिया। इसके बाद फरजाना को शासन स्तर से लॉन्ग टर्म वीजा की सुविधा प्रदान की गई थी। हालांकि, अब तक फरजाना पर नागरिकता पाकिस्तान की है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… न जेपी न राज नारायण, कलाम भी गायब, सपा PDA पंचांग में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का भी जिक्र नहीं नए साल के मौके पर सपा प्रदेश सचिव और अखिल भारतीय चौरसिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौरसिया ने समाजवादी पीडीए पंचांग जारी किया। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय पर इसका विमोचन किया। बताया गया कि इसमें तमाम महापुरुषों के जन्मदिन-पुण्यतिथि, समाजवादी विचारधारा और पीडीए से संबंध रखने वालों के जन्मदिन-पुण्यतिथि मौजूद है। पढ़ें पूरी खबर