ठाकुर लड़के- दलित लड़की की लव स्टोरी, जिस पर बवाल:मेरठ में बोला- मैंने मां को नहीं मारा, लड़की अपनी मर्जी से भागी

मेरठ के सुनीता हत्याकांड में पारस-रूबी की लवस्टोरी का सच सामने आया है। सुनीता की हत्या का आरोपी पारस सोम जेल में बंद है। 15 जनवरी को पारस के वकील उसके फूफाजी के साथ जिला जेल में उससे मिलने गए। 1 घंटे तक पारस से अकेले में पूरे घटनाक्रम को 3 पॉइंट के इर्द-गिर्द समझा। पहला- रूबी के साथ प्यार की कहानी शुरू कैसे हुई और क्यों भागने की नौबत आ गई? दूसरा- घर से भाग रहे थे तो सुनीता की मौत कैसे हो गई? तीसरा- अगर रूबी प्यार करती है, तो अब पारस के खिलाफ बयान क्यों दे रही है? जिला जेल से वापस आने के बाद दैनिक भास्कर टीम ने पारस के वकील बलराम सोम से पूरी लवस्टोरी को समझा। पढ़िए रिपोर्ट… जेल के मुलाकाती कमरे की बातचीत पढ़िए… स्कूल में साथ पढ़े, वो 12वीं में थी, मैं 9वीं का स्टूडेंट
जिला जेल के मुलाकाती कमरे में वकील को पारस से मिलवाया गया। वकील ने पूछा- तुम रूबी से पहली बार कब मिले? पारस ने याद करते हुए बताया- मैं और रूबी, हम दोनों गांव के जनता इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। कॉलेज में ही हमने एकदूसरे को देखा। स्कूल एक होने के कारण हम अक्सर एक दूसरे से टकरा जाते थे। एक बार मैं पानी पीने जा रहा था, सामने से रूबी आ रही थी। वो मुझे देखकर मुस्कुरा दी, तो मैं भी मुस्कुरा दिया। वो 12वीं में पढ़ती थी, मैं 9वीं का स्टूडेंट था। उस वक्त प्यार जैसा कुछ नहीं था। नॉर्मल बातचीत हो जाया करती थी, मैं उसकी पढ़ाई के बारे में पूछ लेता, वो मेरे बारे में बात कर लेती थी। स्कूल छूटा, तब मोबाइल पर बात होने लगी
वकील ने पूछा- फिर प्यार कब हुआ? पारस ने कहानी आगे सुनाना शुरू किया- हमारा गांव एक ही था, एक ही स्कूल में पढ़ रहे थे। मेरा घर भी उसके घर से सिर्फ 1km दूर था। इसलिए गांव में आते-जाते भी हमारी मुलाकातें होने लगीं। करीब 3 साल पहले हम गांव की एक शादी में मिले। वहां रूबी भी आई थी। हम दोनों ने एकदूसरे को देखकर स्माइल की। बस उसी दिन से हमारी दोस्ती की नई कहानी शुरू हो गई। हम स्कूल में रोजाना मिलते और बातें करते। हमारी बातों का सिलसिला बढ़ता चला गया, हमें पता ही नहीं चला कि कब हम एकदूसरे को पसंद करने लगे। स्कूल तक हम रोजाना मिलते। काफी वक्त साथ बिताते। लंच भी साथ करते थे। हमारे स्कूल के तमाम बच्चे अक्सर हमें चिढ़ाते भी थे। वो सब जानते थे कि हमारी दोस्ती कुछ अलग टाइप की है। तभी हमने सोच लिया था कि अब जिंदगी भर साथ रहेंगे। रूबी मुझसे उम्र में बड़ी है। 12वीं पास करने के बाद वो ग्रेजुएशन करने कॉलेज में चली गई। स्कूल छूटने के बाद हमें मिलने में दिक्कत होने लगी। लेकिन हम फोन पर बात करते थे। रूबी के पास भी मोबाइल था, कभी वो मुझे कॉल करती, कभी मैं उसको कॉल कर लेता। हमने एक-दूसरे को कई मैसेज भी किए हैं। वो मैसेज भी मैंने सेव किए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर मैं वो मैसेज भी कोर्ट में दिखाऊंगा। हम फोन पर काफी देर तक बातें करते थे। पारस ने कहा- शादी तय होने से परेशान थी रूबी
2024 में हमारे अफेयर के बारे में परिवारों को पता चल गया। उन्हें क्या… पूरे गांव को ही पता चल गया था। फिर हमारे परिवारों के बीच झगड़ा हुआ। रूबी के परिवार ने मेरे लिए कहा कि मैंने उनकी लड़की को बरगलाया है। मेरे परिवार वाले नाराज थे, उन्होंने मेरा मोबाइल छीन लिया। हमारा मिलना-जुलना भी मुश्किल हो गया। तब मैं अक्सर अपनी मम्मी के फोन से ही रूबी से बात करता था। कई बार दोस्तों के फोन से भी बात हो जाती थी। लेकिन तब रूबी ही मुझे कॉल करती थी। फिर एक दिन मुझे पता चला कि रूबी के घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी थी, वो फोन पर बात करते हुए बहुत परेशान थी। वो कहती थी कि केवल मुझसे शादी करेगी और किसी दूसरे से शादी नहीं करना चाहती है। रूबी ने घरवालों से कहा- कहीं और शादी नहीं करूंगी
मुझे अपने दोस्तों से पता चला कि रूबी ने अपने मम्मी-पापा से कह दिया था कि वो मेरे अलावा और किसी से शादी नहीं करेगी। उसके घरवाले इस बात से काफी नाराज भी हुए थे। वो कहते थे कि जहां हम कहेंगे, तुम्हें वहीं शादी करना पड़ेगी। रूबी ने कहा कि अगर जबरन शादी कराई तो मैं घर से भाग जाऊंगी। उसने मुझसे फोन पर बात कहते हुए कहा था कि मेरी फैमिली तुम्हारे साथ मेरी शादी नहीं करवाएगी, हमें घर से भागना ही होगा। मुझे अक्सर लव लेटर भी भेजती थी
रूबी ने मुझे कई लेटर भी लिखे हैं। जब मोबाइल पर बात नहीं कर पाते थे तो रूबी गांव की दो सहेलियों की मदद से मुझे लेटर लिखकर भेजती थी। वो दोनों लड़कियां मुझे भी जानती थीं। इस तरह से लेटर के जरिए भी हम बात करने लगे थे। उसी लेटर के जरिए हम कभी-कभी मिल लेते थे। रूबी से आज भी शादी करना चाहता हूं
वकील बलराम ने हमें बताया- जेल पहुंचने के बाद पारस अपनी कहानी के बीच-बीच में रूबी के बारे में भी पूछता रहता था। उसको हमने बताया कि रूबी की तबीयत ठीक नहीं थी। तब उसने कहा कि क्या मेरी रूबी से बात करवा सकते हैं। तब हम लोगों ने उसको बताया कि बात नहीं करवाई जा सकती है। उसने वकील से कहा- मैं आज भी रूबी से शादी करना चाहता हूं। हो सके तो रूबी से ही मेरी शादी करा दीजिए। क्योंकि जब हम घर वापस आ रहे थे तो रूबी ने कहा था कि मेरे घरवाले अब तुम्हें नहीं छोड़ेंगे। मुझे बंधक बनाकर घर में रख लिया जाएगा, बाद में जबरन शादी भी करा दी जाएगी। पारस के वकील बलराम सोम को पारस ने बताया- मैंने रूबी और अपनी बातचीत के काफी सारे रिकार्ड्स रखे हैं। वो मैसेज, चैट्स को सेव किया है। जो हमारा सच कोर्ट के सामने खोलकर रख देगा। उसने ये भी कहा कि उसके पास अपने और रूबी के कुछ फोटो भी हैं, जिसमें हम साथ हैं। पंचायत में समझौते के बाद छिन गया पारस का मोबाइल
वकील का कहना ये भी है कि पिछले 3 महीने से पारस के पास मोबाइल नहीं था। 2024 में पारस-रूबी के परिवार के बीच जो विवाद हुआ था। उसके समझौते के कुछ दिन बाद पारस के घरवालों ने बेटे से मोबाइल फोन छीन लिया था। पारस पर कोई फोन न होने के कारण उसकी रूबी से बातचीत नहीं हो पा रही थी। तब पारस अपनी मम्मी के फोन से छिपकर रूबी से बात करता था। रूबी भी पारस को कॉल करती थी। जिसकी डिटेल भी वो अपने मुकदमे में शामिल करेंगे। हत्या वाले दिन क्या हुआ पारस ने कहा- मैंने उसकी मां को नहीं मारा
वकील ने जब पारस से पूछा कि हत्या वाले दिन क्या हुआ था? तब पारस ज्यादा कुछ नहीं बोल पाया। उसने सिर्फ यही कहा कि मैंने हत्या नहीं की है… मैं निर्दोष हूं। उसने ये भी बताया कि मैंने रूबी को किडनैप नहीं किया है। रूबी खुद अपनी मर्जी से मेरे साथ आई थी। भागने की प्लानिंग भी रूबी ने की थी, मैंने तो ये सोचा था कहां जाएंगे, क्या करेंगे। इतना कुछ हो जाएगा, ये नहीं सोचा था। रूबी ने ही कहा था कि मेरे घरवाले कहीं और मेरी शादी करा रहे हैं, जो मुझे नहीं करनी है, इसलिए घर से भाग चलते हैं। पारस ने बताया- कपसाड़ से भागने के बाद हम रजवाहे (छोटी नहर) में कूद गए थे। इसमें मेरा जूता पानी में बह गया। मैं नंगे पैर हो गया। तब रूबी ने मुझे अपने जूते उतारकर दिए। बोली- तुम ये पहन लो। वो नंगे पांव ही मेरे साथ चलती रही। फिर आगे चलकर हमने एक ट्रक वाले से लिफ्ट ली थी। उस ट्रक में बैठकर हम सहारनपुर पहुंचे थे। उस ट्रक वाले ने एक चप्पल दी, जो रूबी ने पहन ली थी। जब रूबी और मैं पकड़े गए, तब भी पारस के पांव में रूबी के ही जूते थे। मेरठ से भागने के बाद हम ज्यादा कहीं नहीं रुके बस, ट्रेन में सफर करते हुए यहां वहां घूमते रहे, ताकि पुलिस ट्रेस न कर सके। पारस ने कहा- मुझे समझ नहीं आ रहा, वो झूठ क्यों बोल रही
वकील ने कहा कि पारस अभी बहुत कुछ बताने की हालत में नहीं है। वो तनाव में है, दुखी भी है। वो बार-बार यही कह रहा था कि रूबी झूठ नहीं बोल सकती। हम दोनों आपस में बहुत प्यार करते हैं। 3 साल का हमारा रिश्ता है। हम एकदूसरे के साथ रहना चाहते हैं। हत्या, मर्डर वेपन के बारे में पारस ज्यादा कुछ बता नहीं पा रहा। अभी पारस भी घबराया हुआ और परेशान है। अब धीरे-धीरे उसके घरवालों से उसकी मुलाकात कराएंगे। जब वो नॉर्मल हो जाएगा तब उससे और सारी जानकारियां मिलेंगी और रूबी-पारस की बातचीत, रिश्ते से जुड़े सबूत भी मिलेंगे। …… ये भी पढ़ें – यूपी में जीजा-साली हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूदे:चीथड़े उड़े, तिल-कपड़ों से पहचान; 2 साल से चल रहा था अफेयर हरदोई में जीजा-साली ने सुसाइड कर लिया। दोनों हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे खड़े हो गए। ऊपर से ट्रेन गुजर गई। हादसा इतना भयावह था कि शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। अंग ट्रैक में फंस गए और मांस के लोथड़े आसपास बिखर गए। हादसे के कारण हावड़ा–काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस को 45 मिनट तक रोकना पड़ा। पुलिस शवों को पॉलिथीन में भरकर ले गई। लापता लोगों की सूची से मिलान किया गया। पढ़िए पूरी खबर…