गाजियाबाद में रविवार शाम तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से पति-पत्नी और उनके 10 साल के बेटे की मौत हो गई। जबकि दूसरा 7 साल का बेटा घायल है। उसके पैर की हड्डी टूट गई है। ट्रक ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी थी। फिर तीन को रौंद डाला। बाइक करीब 10 मीटर तक पहिए में फंसकर घिसटती चली गई। हेलमेट टूटकर दूर गिरा। पति-पत्नी और दोनों बच्चे एक ही बाइक पर थे। ट्रक में LPG सिलेंडर लोड था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर एक गड्ढा था। बचने के लिए बाइक सवार ने गाड़ी धीमी की और थोड़ा बाएं मोड़ा, इसी दौरान पीछे से आए ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक बाइक सवार लोगों के ऊपर से गुजर गया। ड्राइवर ट्रक छाेड़कर भाग गया है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। घटनास्थल की 3 तस्वीर देखिए… विस्तार से जानिए पूरी घटना… दिल्ली के बुराड़ी इलाके के रहने वाले ललित (37 साल) लोनी में एक रिश्तेदार के यहां गए थे। साथ में उनकी पत्नी पिंकी (37 साल) और उनके दो बेटे आरव (10 साल) और नीरव (7 साल) भी थे। रविवार को वह लोनी से वापस दिल्ली जा रहे थे। शाम 4:17 बजे वह कोयल एनक्लेव के पास से गुजर रहे थे। गड्ढे से बचने के लिए बाइक को बाएं तरफ किया ही था कि पीछे से आए ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सभी लोग सड़क पर गिर पड़े। ट्रक का अगला पहिया बाइक को रौंदता हुआ आगे बढ़ गया। इस हादसे में ललित, उनकी पत्नी और बड़े बेटे आरव की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, वहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। दूसरे बेटे नीरव के पैर की हड्डी टूट गई। उसका इलाज किया जा रहा है। ACP अतुल कुमार ने बताया- पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। ड्राइवर फरार है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतकों के पास से मिले आधार कार्ड से उनकी पहचान हुई। पुलिस ने परिवार में जानकारी दे दी है। …………………. पढ़ें ये भी जरूरी खबर… पिता के सामने 80 मिनट तक चिल्लाते-चिल्लाते मौत:नोएडा में कार समेत दलदल में समाया इंजीनियर; 30 फीट गहरे गड्ढे में गिरा था नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। वह अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। रास्ते में एटीएस ले ग्रांड के पास कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। वहां नाले का पानी और दलदल था। इंजीनियर युवराज मेहता की कार गड्ढे में गिरते ही दलदल में समाने लगी। युवराज किसी तरह कार से निकलकर उसके ऊपर चढ़ गए। पिता को फोन करके पूरी घटना बताई। डायल-112 पर सूचना देकर पिता मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह भी फोर्स के साथ वहां आए। दमकल कर्मी भी छोटी-बड़ी क्रेन के साथ पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…