2 दिन में 2 लाख नहीं दिए तो हत्या का केस दर्ज कर एनकाउंटर कर दूंगा। ये कहकर कपड़ा कारोबारी से रंगदारी मांगने वाले फर्जी IPS को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक विभाग में क्लर्क पद पर तैनात है। वर्तमान में वह निलंबित चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से वर्दी बरामद की है। वह सोशल मीडिया पर वर्दी वाली फोटो डालकर भौकाल बनाता था। इसके सहारे ही वह धमकाकर कई लोगों से पैसे ले चुका है। शनिवार को कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। पढ़िए कैसे पकड़ा गया फर्जी IPS… IPS की धमकी के बाद खुद जांच की
नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं। संदीप ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले शाम के समय एक व्यक्ति आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहनकर मेरे घर आया। उसने कहा कि मैं यहां का IPS अधिकारी हूं। मुझे दो लाख रुपए चाहिए। अगर मुझे 2 दिन में रुपए नहीं मिले तो हत्या के मुकदमे में फर्जी तरीके से फंसा कर जेल भिजवा दूंगा। फिर फर्जी एनकाउंटर कर दूंगा। इसके बाद वह चला गया। जिस समय खुद को IPS बताने वाला युवक मेरे आया था, उस समय मेरे घर पर गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले विनोद सिंह मौजूद थे। उन्होंने मुझसे कहा कि आज से पहले इसे तो कभी क्षेत्र में नहीं देखा। फिर हम लोगों ने उसकी जांच की। फर्जी IPS कई व्यापारियों से मांग चुका था पैसा
जानकारी की तो पता चला कि वह IPS अधिकारी नहीं है। बल्कि थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 अंबेडकर नगर का रहने वाला शनि वर्मा है। जो पुलिस विभाग में अधिकारी नहीं है। संदीप सिंह ने कहा कि इसके बाद मैं शनिवार को पीपीगंज थाने पहुंचा। आरोपी शनि के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की जांच शुरू की। पुलिस ने शनिवार को शनि को अरेस्ट किसर। उससे पूछताछ में सामने आया कि उसने इलाके के रहने वाले हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रंगदारी मांगी थी। यूनिवर्सिटी का कर्मचारी है शनि, दो शादियां कीं
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी शनि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक विभाग में क्लर्क पद पर तैनात है। किसी मामले में वह निलंबित चल रहा है। शनि वर्मा के पिता स्व. रामकृष्ण शर्मा यूनिवर्सिटी में कर्मचारी थे। वर्ष 2015 में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पिता की जगह पर शनि वर्मा को यूनिवर्सिटी में क्लर्क की नौकरी मिली थी। शनि ने 2 शादियां की हैं। एक पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। पत्नी को उसने तलाक देकर दूसरी शादी की है। उधार रुपए लेकर हो गया था लापता
अगस्त 2025 में शनि के लापता होने का मुकदमा कैंट थाने में उसके भाई ने दर्ज कराया था। भाई का कहना था कि शनि घर से ड्यूटी पर यूनिवर्सिटी गया था। इसके बाद से ही उसका मोबाइल बंद हो गया। तब वह दो दिन घर नहीं लौटा था। तब पुलिस जांच में पता चला था कि उसने कई लोगों से उधार रुपए ले रखे थे। उनके डर से वह कहीं जाकर छिप गया था। इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि फर्जी आईपीएस बनकर पैसा मांगने वाले आरोपी को अरेस्ट कर जेल भिजवा दिया गया है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। ………………. ये खबर भी पढ़िए- गर्लफ्रेंड के टुकड़े-टुकड़े किए, नीले बक्से में रखे:झांसी में 7 दिन से एक-एक अंग जला रहा था, ऑटो में बक्सा रखकर भागा झांसी में बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। रिटायर्ड रेलकर्मी लाश को ठिकाने के इरादे से 7 दिन से रोज एक-एक अंग जला रहा था। बाद में बचे अधजले अंग, हड्डियों और राख को नीले बक्से में भरकर फेंकने जा रहा था। पढ़िए पूरी खबर…
नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं। संदीप ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले शाम के समय एक व्यक्ति आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहनकर मेरे घर आया। उसने कहा कि मैं यहां का IPS अधिकारी हूं। मुझे दो लाख रुपए चाहिए। अगर मुझे 2 दिन में रुपए नहीं मिले तो हत्या के मुकदमे में फर्जी तरीके से फंसा कर जेल भिजवा दूंगा। फिर फर्जी एनकाउंटर कर दूंगा। इसके बाद वह चला गया। जिस समय खुद को IPS बताने वाला युवक मेरे आया था, उस समय मेरे घर पर गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले विनोद सिंह मौजूद थे। उन्होंने मुझसे कहा कि आज से पहले इसे तो कभी क्षेत्र में नहीं देखा। फिर हम लोगों ने उसकी जांच की। फर्जी IPS कई व्यापारियों से मांग चुका था पैसा
जानकारी की तो पता चला कि वह IPS अधिकारी नहीं है। बल्कि थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 अंबेडकर नगर का रहने वाला शनि वर्मा है। जो पुलिस विभाग में अधिकारी नहीं है। संदीप सिंह ने कहा कि इसके बाद मैं शनिवार को पीपीगंज थाने पहुंचा। आरोपी शनि के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की जांच शुरू की। पुलिस ने शनिवार को शनि को अरेस्ट किसर। उससे पूछताछ में सामने आया कि उसने इलाके के रहने वाले हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रंगदारी मांगी थी। यूनिवर्सिटी का कर्मचारी है शनि, दो शादियां कीं
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी शनि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक विभाग में क्लर्क पद पर तैनात है। किसी मामले में वह निलंबित चल रहा है। शनि वर्मा के पिता स्व. रामकृष्ण शर्मा यूनिवर्सिटी में कर्मचारी थे। वर्ष 2015 में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पिता की जगह पर शनि वर्मा को यूनिवर्सिटी में क्लर्क की नौकरी मिली थी। शनि ने 2 शादियां की हैं। एक पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। पत्नी को उसने तलाक देकर दूसरी शादी की है। उधार रुपए लेकर हो गया था लापता
अगस्त 2025 में शनि के लापता होने का मुकदमा कैंट थाने में उसके भाई ने दर्ज कराया था। भाई का कहना था कि शनि घर से ड्यूटी पर यूनिवर्सिटी गया था। इसके बाद से ही उसका मोबाइल बंद हो गया। तब वह दो दिन घर नहीं लौटा था। तब पुलिस जांच में पता चला था कि उसने कई लोगों से उधार रुपए ले रखे थे। उनके डर से वह कहीं जाकर छिप गया था। इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि फर्जी आईपीएस बनकर पैसा मांगने वाले आरोपी को अरेस्ट कर जेल भिजवा दिया गया है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। ………………. ये खबर भी पढ़िए- गर्लफ्रेंड के टुकड़े-टुकड़े किए, नीले बक्से में रखे:झांसी में 7 दिन से एक-एक अंग जला रहा था, ऑटो में बक्सा रखकर भागा झांसी में बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। रिटायर्ड रेलकर्मी लाश को ठिकाने के इरादे से 7 दिन से रोज एक-एक अंग जला रहा था। बाद में बचे अधजले अंग, हड्डियों और राख को नीले बक्से में भरकर फेंकने जा रहा था। पढ़िए पूरी खबर…