KGMU गेट पर सपेरों ने बजाई बीन…VIDEO:लव जिहाद के सपोलों का निकालने के लिए प्रदर्शन, बोले- अगली बार सांप लेकर घुसेंगे

KGMU में लव जिहाद के विरोध और नौकरी की मांग को लेकर सपेरों ने गुरुवार को बीन बजाकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अखिल भारतीय सपेरा महासभा के सदस्य गेट नंबर 2 के बाहर जुटे। इसके बाद बीन बजाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर आ गए। इस बीच KGMU प्रशासन के लोग और पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया। सपेरों का आरोप है कि KGMU में बांग्लादेशियों और रोहिंग्यों को संविदा पर नौकरी दी जा रही है। लखनऊ में पीढ़ियों से रहने वाले सपेरा समाज को नौकरी नहीं दी जा रही है। सपेरा समाज के लोग बेरोजगार होकर भीख मांगने को मजबूर हैं। 2 तस्वीरें देखिए… नौकरियों में नियुक्ति को लेकर प्रदर्शन सपेरा महासभा के अध्यक्ष श्रीपतनाथ सपेरा ने कहा कि मुख्यमंत्री दलितों समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए समर्पित हैं। KGMU में सपेरा समाज को नौकरी से वंचित किया जा रहा है। तमाम युवा हाईस्कूल, इंटर तक की पढ़ाई कर करके तमाशा दिखाने को मजबूर हैं। उन्हें KGMU में नौकरी नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति कार्यालय में नियुक्त सैयद अब्बास और पर्यावरण सेल देखने वाले डॉ. परवेज हमारी नौकरियों पर डाका डाल रहे हैं। छिपे सपोलों को बिल से निकालने के लिए बजाई बीन श्रीपत नाथ ने कहा कि आज KGMU के सामने बीन बजाकर इस विश्वविद्यालय में छिपे सपोलों को निकालने का काम किया है। यदि यह सपोले हमारे अधिकारों का इसी तरह दमन करते रहे तो हम और भी व्यापक आंदोलन करेंगे। सेवा योजन पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति श्रीपत नाथ ने कहा कि वीसी कार्यालय के लोगों का कहना है कि वह सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति करते हैं। यदि हमारा समाज इतना ही पढ़ा लिखा होता और कंप्यूटर चलाना जानता तो वह भला संविदा के समूह घ के नियुक्तियों के लिए क्यों परेशान होता? उन्होंने कहा कि KGMU प्रशासन को इस पर जल्द से जल्द विचार करना ही होगा, नहीं तो हम लोग जल्द ही सापों के साथ कैंपस में प्रवेश करेंगे। प्रदर्शन करने वालों के पास कोई मांगपत्र नहीं वहीं, इस मामले में KGMU के प्रवक्ता डॉ.केके सिंह ने बताया- शाम को गिनती के कुछ सपेरे मेन गेट पर आकर बीन बजाने लगे। जिससे मरीजों को परेशानी होने लगी, कुछ एम्बुलेंस फंस गईं। प्रदर्शन कर रहे लोगों के पास कोई मांगपत्र नहीं था, न ही उनका कोई रजिस्टर्ड संगठन है। उन्हें बीन बजाने का कारण भी पता नहीं था। मौके पर पुलिस भी मौजूद थी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।