फौजी बेटे का शव देख मां बेहोश, पिता चीखकर रोए:बोले- उसे वापस ले आओ; अलीगढ़ में बड़े भाई ने दी मुखाग्नि

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सेना के जवान मोनू का पार्थिव शरीर शनिवार को अलीगढ़ पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई। मां-पिता और भाई शव से लिपटकर रोने लगे। मां बेहोश हो गईं। पिता बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े, लोगों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला। होश में आने पर पिता प्रताप सिंह बार-बार बेटे को पुकारते रहे। कहते- मेरे बेटे को वापस ले आओ। उसका चेहरा दिखाओ। वो मुझे अकेला छोड़कर नहीं जा सकता। यह देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर काफी भीड़ रही। लोग ‘मोनू अमर रहे’ के नारे लगाते रहे। शाम को मोनू का राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई सोनू ने मुखाग्नि दी। जम्मू-कश्मीर के डोडा में 22 जनवरी (गुरुवार) को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में 10 जवान शहीद हुए थे। 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया था। शहीद जवानों में मोनू (28) भी शामिल थे। 5 तस्वीरें देखिए- 7 साल से सेना में नौकरी कर रहे थे
मोनू दाऊपुर गांव के रहने वाले थे। उनके 2 भाई सोनू और प्रशांत हैं। मोनू और प्रशांत साल 2019 में एक साथ सेना में भर्ती हुए थे। मोनू 5 जनवरी को छुट्टियां मनाकर घर से ड्यूटी पर गए थे। उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। हादसे से एक दिन पहले यानी बुधवार रात 11 बजे उनकी पत्नी नेहा से बात हुई थी। घर पर वही उनकी आखिरी कॉल थी। गुरुवार को ड्यूटी के दौरान वह सेना की गाड़ी में बैठकर जा रहे थे। अचानक रास्ते में गाड़ी गहरी खाई में गिर गई। गुरुवार देर शाम घरवालों को सूचना मिली। शनिवार दोपहर उनका शव दाऊपुर गांव पहुंचा। भाई ने कहा- गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 3 बजे सेना की तरफ से मुझे हादसे की जानकारी दी गई। मोनू ने फोन पर जल्दी घर आने का वादा किया था। उसे तो अभी बहुत काम करना था। मुझे नहीं पता था कि ये हमारी आखिरी बातचीत हो रही। मेरा भाई मुझे छोड़कर नहीं जा सकता। दोपहर 12 बजे पहुंचा पार्थिव शरीर
जवान का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उनके गांव दाऊपुर पहुंचा। इस दौरान भारी भीड़ उमड़ी। सेना के वाहन के साथ ही सैकड़ों लोग हाथों में तिरंगा लिए “भारत माता जिंदाबाद” और “मोनू अमर रहे” के नारे लगाते रहे। मोनू का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से कंधों पर उठाकर घर के बाहर लाया गया। माता-पिता के अलावा पत्नी नेहा और छोटे भाई भी शव के पास लिपटकर रोने लगे। छोटा भाई प्रशांत बार-बार कह रहा था- भैया, अब लाला कहकर आवाज दो…। मोनू की पत्नी नेहा बार-बार कह रही थीं – मुझे अकेला छोड़कर कहां चले गए? हादसे के बाद से मोनू के पिता बेसुध हैं
मोनू के साथ हुए हादसे के बाद उनके पिता प्रताप सिंह बेसुध हैं। वह लगातार कह रहे थे- मेरा बेटा कहीं नहीं गया। वह भारत माता की गोद में बैठा है। यहां लोग इतनी भीड़ क्यों लगा रहे हैं…? सब परेशान क्यों हैं? कुछ ऐसी ही हालत मोनू के छोटे भाई प्रशांत चौधरी की भी थी। प्रशांत ने बताया- तीनों भाइयों में मोनू दूसरे नंबर के थे। घर में मोनू सबसे ज्यादा मुझसे ही प्यार करते थे। यही कारण है कि हम दोनों भाइयों ने फौज में सेवा करने का सपना देखा और उसे पूरा भी किया। राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
मोनू का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद के पार्थिव शरीर को बड़े भाई सोनू ने मुखाग्नि दी। इसके साथ ही सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। सेना के अधिकारियों के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, बरौली विधायक ठाकुर जयवीर सिंह, डीएम संजीव रंजन, एसएसपी नीरज कुमार जादौन और एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ———————— ये खबर भी पढ़ें… सहारनपुर में डायमंड शोरूम में 2 करोड़ की चोरी, दीवार में एक फीट का छेद किया, दरवाजा तोड़ा सहारनपुर में एक डायमंड शोरूम में बड़ी चोरी हुई। चोरों ने गुरुवार देर रात टाटा कंपनी की जानी-मानी डायमंड फ्रेंचाइजी ‘कैरट लेन’ को निशाना बनाया। 2 लाख कैश और करोड़ों रुपए के गहने चुराकर भाग गए। शुक्रवार सुबह जब स्टाफ शोरूम खोलने पहुंचा तो दीवार टूटी मिली। पढ़ें पूरी खबर…