प्रयागराज माघ मेले में आज माघ पूर्णिमा का स्नान है। संगम नोज पर सुबह 4 बजे से जबरदस्त भीड़ है। स्नान के बाद लोग गंगा के किनारे दान कर रहे हैं। प्रशासन का अनुमान है कि 55 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे। आज VIP मूवमेंट पूरी तरह से रोक दिया गया है। सुबह इतना घना कोहरा था कि लोग एक दूसरे का हाथ पकड़कर चलते दिखाई दिए। इस बार माघ मेला 8000 हेक्टेयर क्षेत्र में बसा है। मेले की निगरानी AI तकनीक से की जा रही है। माघ पूर्णिमा के बाद अब सिर्फ महाशिवरात्रि (15 फरवरी) का स्नान और रहेगा। हर साल माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है, जो महाशिवरात्रि तक चलती है। प्रयागराज के पंडितों का कहना है कि आज त्रिवेणी के जल को अमृत के समान माना जाता है। तारों के छिपने से पहले स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे देवताओं की कृपा मिलती है। पाप नष्ट होते हैं। स्नान से पहले ‘त्रिवेण्ये नमः’ का उच्चारण करना चाहिए। फूल अर्पित करने चाहिए और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। मान्यता है कि इसके बिना व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष नहीं मिलता। संगम पर भीड़ की 2 तस्वीरें देखिए- प्रयागराज माघ मेले से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…