तीर से रावण की आंख फूटी, राम पर SC-ST केस:सोनभद्र की रामलीला में निशाना चूका; मदद मांगने पर पिटाई की

राम और रावण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। राम ने धनुष से रावण पर निशाना साधा और तीर मारी। तीर रावण के आंख में जा लगी। इससे उसकी आंख फूट गई। अब रावण ने राम पर SC/ST का मुकदमा दर्ज करा दिया है। हैरान करने वाला यह मामला सोनभद्र का है। घटना के बाद राम बने कलाकार और रामलीला आयोजकों ने रावण का किरदार निभा रहे कलाकार का इलाज नहीं कराया। आरोप है कि जब उन्होंने इलाज की मदद मांगी तो उनके साथ मारपीट की गई। जान से मारने की धमकी भी दी गई। इलाज नहीं मिलने से आंखों की रोशनी चली गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव का है।
पढ़िए पूरा मामला… घटना 13 नवंबर 2025 की है। शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव में रामलीला मंचन हो रहा था। राम की भूमिका में नैतिक पांडेय और सुनील कुमार रावण का किरदार निभा रहे थे। दृश्य- राम-रावण के बीच युद्ध का था। नैतिक पांडेय को रावण का मुकुट गिराना था। उन्होंने धनुष से तीर चलाया, लेकिन निशाना चूक गया और रावण बने सुनील कुमार की बाईं आंख में तीर जा लगा। घटना के बाद घायल सुनील कुमार को इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी आंख की रोशनी चली गई। दो महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा पीड़ित के मुताबिक, तीर लगने के बाद उसकी आंख से पानी और खून निकलने लगा। आरोप है कि इलाज के लिए उसने आयोजक और राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति से सहायता मांगी। लेकिन सभी ने मदद से इनकार कर दिया। इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पीड़ित उनके पास भी गया तो उन्होंने गाली और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। रामलीला मंचन में नहीं ले पाएंगे भाग
पीड़ित सुनील कुमार का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह और इलाज के चलते वे तुरंत थाने नहीं जा सके। दिसंबर के पहले हफ्ते में ही तहरीर दी गई थी। लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण मुकदमा दर्ज होने में देरी हुई। उन्हें 28 जनवरी को पता चला कि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पीड़ित ने बताया- फिलहाल उनकी एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। जबकि दूसरी आंख से भी ठीक से दिखाई नहीं देता। डॉक्टरों ने बाहर निकलने और गतिविधियों से मना किया है। उन्होंने कहा कि अब वे रामलीला जैसे मंचन में भाग नहीं ले पाएंगे। राम बने कलाकार ने दी सफाई
राम की भूमिका निभाने वाले नैतिक पांडेय ने कहा- यह पूरी तरह एक हादसा था। उन्होंने बताया कि यह रामलीला का अंतिम दिन था और युद्ध का दृश्य चल रहा था। तीर मंच के ऊपर से चलाया गया था, सामने से किसी को निशाना नहीं बनाया गया। नैतिक ने कहा, हमें और कमेटी के लोगों को भी यही कहा गया था कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। घटना के बाद भी दो-चार दिन तक यही बताया गया। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मुझे नहीं थी। मैं पहली बार वहां रामलीला में शामिल हुआ था और पहले से सुनील कुमार को नहीं जानता था। सीओ राहुल पांडेय ने बताया- पीड़ित की शिकायत के आधार पर 28 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि तीर मुकुट गिराने के लिए चलाया गया था और दोनों कलाकारों के बीच पहले से किसी तरह का विवाद नहीं था। प्रारंभिक तौर पर रामलीला कमेटी की ओर से इलाज की व्यवस्था भी कराई गई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। ————————- ये भी पढ़ें… अयोध्या गैंगरेप-लड़की के पहले बयान में मोईद का नाम नहीं:जिसका नाम बताया, उसकी जांच नहीं हुई; अभी जेल में रहेगा सपा नेता अयोध्या का भदरसा गैंगरेप केस। डेढ़ साल पहले यह मामला पूरे यूपी की सुर्खियों में था। 72 साल के सपा नेता मोईद खान और उनके 20 साल के नौकर राजू खान पर 14 साल की बच्ची से रेप का आरोप था। दोनों गिरफ्तार हुए, जेल भेजे गए। मोईद और उनके रिश्तेदार से जुड़ी संपत्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई हुई। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया। राजू खान को 20 साल की सजा सुनाई। पढ़ें पूरी खबर…