‘अगर शंकराचार्य जी राजभर के क्षेत्र में घूम-घूमकर केवल कह भी दें, तो उनका राजनीतिक सत्यानाश हो जाएगा।’ यह बात आगरा में यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने रविवार को शंकराचार्य को लेकर ओपी राजभर के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा- योगीजी हमारे प्रधानमंत्री हैं। मैं बहुत कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन उनका अपनी जुबान पर नियंत्रण नहीं रहता। जो चाहते हैं, कह देते हैं। दरअसल, शनिवार को यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने कहा था कि अगर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती राजनीति करना चाहते हैं, तो उन्हें खुलकर मैदान में आना चाहिए। शंकराचार्य को किसी राजनीतिक दल में शामिल होकर उस पार्टी का झंडा-डंडा लेकर जनता के बीच आना चाहिए। अब पढ़िए माता प्रसाद पांडेय के बड़े बयान… ये पूंजीपतियों का बजट
भारतीय गोर्खा परिसंघ के कार्यक्रम में केंद्र सरकार के बजट पर कहा- यह गरीबों का बजट नहीं है। यह केवल पूंजीपतियों के लिए है और सिर्फ 20 प्रतिशत लोगों के लिए ही लाभदायक है। बाकी के लिए नहीं। शंकराचार्य राजनीति में आ गए तो राजभर का सत्यानाश हो जाएगा
ओपी राजभर के शंकराचार्य जी राजनीति में आने वाले बयान पर माता प्रसाद पांडेय ने पलटवार किया। उन्होंने कहा- ओपी राजभर उनका स्वागत करें या न करें, लेकिन शंकराचार्य राजनीति में नहीं हैं। अगर वे घूम-घूमकर राजभर के क्षेत्र में केवल कह भी दें, तो उनका तो सत्यानाश हो जाएगा। राजभर को नहीं कहना चाहिए कि वे राजनीति में आएं। वे हमारे शंकराचार्य हैं और सनातन धर्म शंकराचार्यों के आदर्शों पर ही चलता है। सनातन धर्म शंकराचार्यों के आदर्शों पर ही चलता
योगीजी हमारे प्रधानमंत्री हैं। मैं बहुत कुछ नहीं कहूंगा लेकिन उनका अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं रहता। जो चाहते हैं, कह देते हैं। शंकराचार्य सनातन धर्म के बड़े पुरुष हैं। उन्हीं के नेतृत्व में सनातन धर्म चलता है और उन्हीं के बनाए आदर्शों पर यह आगे बढ़ता है। अगर शंकराचार्य जी ने योगी आदित्यनाथ से उनका दृष्टिकोण पूछा, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। प्रयागराज में शंकराचार्य के शिष्यों पर हिंसक कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और पुलिस के अधिकारियों द्वारा शिष्यों की चोटियां पकड़कर पटकना, पीठ पर जूता रखकर दबाना, ये बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था। इसी कारण शंकराचार्य जी हैं। पूरे प्रदेश की सड़कें खराब
शनिवार को महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए थे। इस पर कहा कि यह समस्या सिर्फ महोबा जिले की नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में यही हाल है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, यह उनका आपस का मामला है। ———————— ये भी पढ़ें-
राजभर बोले- शंकराचार्य पार्टी जॉइन कर राजनीति करें: माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज नहीं गए अविमुक्तेश्वरानंद, माघ मेला छोड़कर काशी आ गए थे यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को खुलकर राजनीति में आने की सलाह दी है। राजभर ने शनिवार को अलीगढ़ में कहा- अगर उन्हें राजनीति ही करनी है, तो फिर उन्हें खुलकर मैदान में आ जाना चाहिए। उन्हें किसी राजनीतिक दल को जॉइन कर उस पार्टी का झंडा-डंडा लेकर जनता के बीच निकलना चाहिए। महात्माओं को ऐसी राजनीति शोभा नहीं देती। पढ़िए पूरी खबर…
भारतीय गोर्खा परिसंघ के कार्यक्रम में केंद्र सरकार के बजट पर कहा- यह गरीबों का बजट नहीं है। यह केवल पूंजीपतियों के लिए है और सिर्फ 20 प्रतिशत लोगों के लिए ही लाभदायक है। बाकी के लिए नहीं। शंकराचार्य राजनीति में आ गए तो राजभर का सत्यानाश हो जाएगा
ओपी राजभर के शंकराचार्य जी राजनीति में आने वाले बयान पर माता प्रसाद पांडेय ने पलटवार किया। उन्होंने कहा- ओपी राजभर उनका स्वागत करें या न करें, लेकिन शंकराचार्य राजनीति में नहीं हैं। अगर वे घूम-घूमकर राजभर के क्षेत्र में केवल कह भी दें, तो उनका तो सत्यानाश हो जाएगा। राजभर को नहीं कहना चाहिए कि वे राजनीति में आएं। वे हमारे शंकराचार्य हैं और सनातन धर्म शंकराचार्यों के आदर्शों पर ही चलता है। सनातन धर्म शंकराचार्यों के आदर्शों पर ही चलता
योगीजी हमारे प्रधानमंत्री हैं। मैं बहुत कुछ नहीं कहूंगा लेकिन उनका अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं रहता। जो चाहते हैं, कह देते हैं। शंकराचार्य सनातन धर्म के बड़े पुरुष हैं। उन्हीं के नेतृत्व में सनातन धर्म चलता है और उन्हीं के बनाए आदर्शों पर यह आगे बढ़ता है। अगर शंकराचार्य जी ने योगी आदित्यनाथ से उनका दृष्टिकोण पूछा, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। प्रयागराज में शंकराचार्य के शिष्यों पर हिंसक कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और पुलिस के अधिकारियों द्वारा शिष्यों की चोटियां पकड़कर पटकना, पीठ पर जूता रखकर दबाना, ये बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था। इसी कारण शंकराचार्य जी हैं। पूरे प्रदेश की सड़कें खराब
शनिवार को महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए थे। इस पर कहा कि यह समस्या सिर्फ महोबा जिले की नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में यही हाल है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, यह उनका आपस का मामला है। ———————— ये भी पढ़ें-
राजभर बोले- शंकराचार्य पार्टी जॉइन कर राजनीति करें: माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज नहीं गए अविमुक्तेश्वरानंद, माघ मेला छोड़कर काशी आ गए थे यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को खुलकर राजनीति में आने की सलाह दी है। राजभर ने शनिवार को अलीगढ़ में कहा- अगर उन्हें राजनीति ही करनी है, तो फिर उन्हें खुलकर मैदान में आ जाना चाहिए। उन्हें किसी राजनीतिक दल को जॉइन कर उस पार्टी का झंडा-डंडा लेकर जनता के बीच निकलना चाहिए। महात्माओं को ऐसी राजनीति शोभा नहीं देती। पढ़िए पूरी खबर…