यूपी की बड़ी खबरें:इस्तीफे के बाद बरेली में गरजे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार: सरकार के आरोप पत्र को बताया हास्यास्पद, बोले-डरने वाले नहीं

“देश की सरकार खुद भेदभाव के कानून बनाकर समाज को बांट रही है और जब मैं अपने वर्ग के हक के लिए आवाज उठाता हूं, तो मुझे चार्जशीट थमा दी जाती है। यह आरोप पत्र नहीं, बल्कि सच को दबाने की कोशिश है।” यह तीखे बोल हैं पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के, जिन्होंने 26 जनवरी को इस्तीफा देकर सिस्टम में खलबली मचा दी थी। मंगलवार को जब वे दोबारा बरेली के परशुराम धाम पहुंचे, तो प्रशासन की ओर से थमाए गए ‘आरोप पत्र’ पर पलटवार करते हुए उन्होंने इसे पूरी तरह हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे इन गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं और अब सीधे दिल्ली कूच की तैयारी है। बाराबंकी में मंगलवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने छापा मारकर एक युवक को पकड़ा। उसपर आतंकियों से कनेक्श का आरोप है। युवक दिल्ली में ऑटो स्पेयर पार्ट्स की कंपनी में काम करता है। वो कैंसर से जूझ रही अपनी मां को अस्पताल में देखने आया था। तभी एनआईए और एटीएस ने अस्पताल में छापा मारकर उसे उठा लिया। युवक को लखनऊ लाकर पूछताछ की जा रही है। पूरा मामला बदोसराय थाना क्षेत्र के खोर एत्महादपुर गांव का है। युवक का नाम राम लखन है। पूरी खबर पढ़ें संभल हिंसा में अनुज चौधरी पर FIR मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, वकील ने वक्त मांगा संभल हिंसा के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा गोली मारे जाने का आरोप लगाने वाले आलम के पिता की याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने FIR के आदेश दिया था। जिसके खिलाफ संभल पुलिस और ASP अनुज चौधरी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। ASP अनुज चौधरी व संभल पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की है। मंगलवार को हाईकोर्ट में अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने के मामले की सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता यामीन की तरफ से वकील ने वकालतनामा दाखिल किया। साथ ही कोर्ट से वक्त देने की गुजारिश की। जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने 9 फरवरी को अगली डेट दे दी है। पढ़िए पूरी खबर अमिताभ ठाकुर 6 फरवरी तक हो सकते हैं रिहा: वारंट बी निरस्त होने के बाद रास्ता साफ, देवरिया में जमा कराए जाएंगे बांड
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की रिहाई का रास्ता होता नजर आ रहा है। वाराणसी के बाद अब देवरिया में भी बांड जमा कराए जाएंगे। जमानतदारों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ सकेंगे। वारंट बी और कानूनी दांव-पेंच के चलते जमानत मिलने के 15 दिन बाद भी वह जेल से नहीं छूट सके थे। अमिताभ ठाकुर को 9 जनवरी को वाराणसी कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद 19 जनवरी को देवरिया कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में उन्हें जमानत दे दी थी। उन्हें एक–एक लाख रुपए के दो बांड और दो जमानतदार पेश करने थे। इस बीच लखनऊ के तालकटोरा थाने में दर्ज एक अन्य मामले में वारंट बी जारी हो गया। जिसके चलते ये प्रक्रिया यहीं रुक गई। अब वारंट बी निरस्त होने के बाद अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि उनकी रिहाई 6 फरवरी तक हो सकती है। पढ़े पूरी खबर…