गाजियाबाद में कोरियन गेम की लत के चलते 3 बहनों ने सुसाइड किया। बच्चियों के पिता चेतन ने 2 शादियां की। दूसरी शादी भी पत्नी की बहन से की। जिन बच्चियों ने सुसाइड किया, वो इन 2 पत्नी की थीं। घर के अंदर जाने पर मिडिल क्लास फैमिली जैसा रहन-सहन था। सामने आया कि चेतन की नौकरी कोविड काल में छूट गई थी। शेयर ब्रोकिंग के जरिए ही परिवार चलाने लगे। मगर इससे इतने पैसे नहीं आ रहे थे कि घर चलाया जा सके। इसलिए धीरे-धीरे बच्चियों का स्कूल भी छूट गया था। पुलिस परिवार के बैकग्राउंड की भी जांच कर रही है, क्योंकि ये नहीं समझ आ रहा है कि 3 बच्चियां सुसाइड की कगार तक पहुंच गईं और परिवार को भनक तक नहीं लगी। इस सुसाइड का एक चश्मदीद भी सामने आया। कारोबारी अरुण सुसाइड के वक्त अपने फ्लैट की बालकनी पर मौजूद थे। उन्होंने पुलिस को बताया- 1 बच्ची रेलिंग पर बैठी थी। उसको किसी ने पीछे से खींचा था। कुछ सेकेंड बाद वो दोबारा रेलिंग पर आई, तब कोई उससे लिपट गया। इसके बाद वह नीचे गिर गए। दैनिक भास्कर ने भी परिवार की स्थिति को समझने का प्रयास किया। पढ़िए रिपोर्ट… कोविड में जॉब छूटी, शेयर ट्रेडिंग से अवरेज बिजनेस
जिन बच्चियों ने सुसाइड किया, उनके पिता चेतन गुर्जर दिल्ली के खजूरी के रहने वाले हैं, वह पिछले 3 साल से गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में किराए के फ्लैट पर रह रहे थे। 2019 में कोविड के दौरान चेतन ने एक प्राइवेट कंपनी में जॉब भी की थी, लेकिन ज्यादा समय जॉब कर नहीं पाए। चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते थे। पड़ोसियों के मुताबिक, शेयर ब्रोकिंग को बिजनेस कोई बहुत खास नहीं चल रहा था। एवरेज आर्थिक स्थिति की वजह से चेतन ने मार्केटिंग का काम भी शुरू किया था। सामने आया कि 8 महीने ये ये काम भी चल नहीं रहा था। उनके पिता, मां की पहले ही मौत हो चुकी है। चेतन के एक भाई दिल्ली के भजनपुरा में रहते हैं। चेतन ने 20 साल पहले सुजाता से शादी की थी। सुजाता को बच्चे नहीं हुए, चेतन डॉक्टर के पास भी गए। मगर बच्चा नहीं हुआ। इसके बाद सुजाता की सहमति से उन्होंने अपनी साली (पत्नी की छोटी बहन) हिना से शादी कर ली। बच्चों के होने पर परिवार में खुशियां आईं इसके बाद हिना को 2 बेटियां हुईं, घर में खुशी छा गई। वहीं, कमाल तो तब हो गया जब इसी दौरान पहली पत्नी को भी बच्चा हो गया। मगर ये मौके परिवार के लिए थोड़ा मुश्किल भरे भी थे, क्योंकि जॉब और शेयर ब्रोकिंग से इतने पैसे नहीं आ रहे थे कि परिवार की सारी जरूरतें पूरी हो सके। ट्रिपल सुसाइड के बाद चेतन के अलग-अलग बयान सामने आए हैं, इनमें वह बता रहे हैं कि 2 साल से बेटी स्कूल नहीं जाती थी, पुलिस अधिकारियों को यह भी बताया कि कोरोना में जब स्कूल बंद हुए तो बेटियां फेल हो गई। इसके बाद बेटियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया। तीनों बच्चियों का स्कूल नहीं जाना भी अपने आप में आर्थिक स्थिति की ओर संकेत कर रहा है। पिछले दो साल से तीनों बेटी गेमिंग एप में गेम खेलती थी कई बार मना भी किया लेकिन वह आधी रात के बाद तक भी गेम में लगी रहती थी। सुसाइड के बाद का वीडियो, मां चिल्ला रही रात की वीडियो भी सामने आई है, इसमें तीनों बच्चियों के शव जमीन पर पड़े हुए दिख रहे हैं। बच्ची की मां गालियां दे रही है, यह इस बात का इशारा कर रहा है कि चेतन की दोनों पत्नियों में भी कुछ कलह हो सकती है। बातचीत में यह भी पता चला कि चेतन की सबसे छोटी साली (पत्नी की सबसे छोटी बहन) का भी आना-जाना लगा रहता था। सबसे छोटी साली शादीशुदा नहीं है। बताया गया कि घटना वाली रात में भी वो घर के अंदर ही थी। पड़ोसी भी इस मामले में हैरान है 2 से 3 दिन तक चेतन आते जाते दिखाई नहीं दिए थे। पड़ोस में रहने वाले लोगों के मुताबिक, चेतन की पत्नी कई बार बालकनी में कपड़े सुखाते हुए दिख जाती थी। मगर ज्यादा किसी का संपर्क नहीं था। ट्रिपल सुसाइड के चश्मदीद की जुबानी मैंने रात में एक बच्ची को रेलिंग पर बैठे देखा
बच्चियां सुसाइड का प्रयास कर रही थीं। रात का कोई 2 बच्चा हुआ था। ठीक सामने के फ्लैट में अरुण मौजूद थे। वो पेशे से कारोबारी हैं, वह उस वक्त इन बच्चियों को देख रहे थे। पहले उन्हें लगा कि कोई कपल है, मगर बाद में उन्हें पता चला कि ये बच्चियां हैं। अरुण ने क्या देखा, ये उनकी जुबानी ही समझते हैं… वह कहते हैं- मैंने देखा कि सामने वाले फ्लैट की बालकनी में लाइट जल रही थी। जब मेरी नजर वहां गई तो उस वक्त कोई रेलिंग पर बैठा था। ये मुझे बहुत एबनार्मल लगा। मैंने जो देखा, उसमें मुझे एक कपल लगा जो सुसाइड का प्रयास कर रहा है, मगर कोई पीछे से उन्हें खींच रहा है। उस वक्त ऐसा नहीं लगा कि ये बच्चियां हैं। इस तरह वो एक बार रेलिंग से नीचे उतर गई। मगर कुछ सेकेंड बाद वह दोबारा रेलिंग पर आ गई। कोई उसके पीछे से लिपट गया, अब ये साये 3 हो चुके थे। फिर मैंने देखा कि सबसे पीछे वाली उसको बचाने का प्रयास कर रही थी। मगर फिर वो एक–एक करके नीचे गिर गए। उन्होंने बताया- मैंने रात में ही एंबुलेंस को कॉल किया। पुलिस के आने पर जो कुछ देखा, वो उन्हें बता दिया। पुलिस ने बच्चियों के मोबाइल अपने कब्जे में लिए हैं, वह जांच कर रही है। अब पूरा मामला जान लीजिए बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूद गई 3 बहनें
गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है। सुसाइड नोट और मोबाइल से मिलेंगे क्लू
ACP शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह कहते हैं- लड़कियों के पिता ऑनलाइन ट्रेडिंग करते हैं, 3 साल से भारत सिटी सोसाइटी में किराये पर रह रहे थे, वह मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। कोरोना महामारी के बाद से इन बच्चियों का स्कूल भी रेगुलर नहीं था। DCP निमिष पाटिल ने कहा- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चियों ने आत्महत्या की है। हमें एक नोट भी मिला है, जिसकी आधिकारिक जांच की जा रही है। जांच में किसी ऐप का नाम नहीं है, लेकिन नोट में लिखा है कि लड़कियां कोरियन कल्चर से प्रभावित थी। उसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है। लड़कियों के पिता की दो शादियां हुई थी, इनकी माता अलग-अलग हैं। …. भास्कर एक्सक्लूसिव भी पढ़िए – सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। फिर उस पर बना क्रॉस का निशान। साथ में लिखा है, “ ‘I am very alone। Make me a heart of broken यानी मैं बहुत अकेली हूं। मेरा दिल टूट गया है।” गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी का यह वह फ्लैट है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम ‘कोरियन लव गेम’ में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाईं। पढ़िए पूरी खबर…
जिन बच्चियों ने सुसाइड किया, उनके पिता चेतन गुर्जर दिल्ली के खजूरी के रहने वाले हैं, वह पिछले 3 साल से गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में किराए के फ्लैट पर रह रहे थे। 2019 में कोविड के दौरान चेतन ने एक प्राइवेट कंपनी में जॉब भी की थी, लेकिन ज्यादा समय जॉब कर नहीं पाए। चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते थे। पड़ोसियों के मुताबिक, शेयर ब्रोकिंग को बिजनेस कोई बहुत खास नहीं चल रहा था। एवरेज आर्थिक स्थिति की वजह से चेतन ने मार्केटिंग का काम भी शुरू किया था। सामने आया कि 8 महीने ये ये काम भी चल नहीं रहा था। उनके पिता, मां की पहले ही मौत हो चुकी है। चेतन के एक भाई दिल्ली के भजनपुरा में रहते हैं। चेतन ने 20 साल पहले सुजाता से शादी की थी। सुजाता को बच्चे नहीं हुए, चेतन डॉक्टर के पास भी गए। मगर बच्चा नहीं हुआ। इसके बाद सुजाता की सहमति से उन्होंने अपनी साली (पत्नी की छोटी बहन) हिना से शादी कर ली। बच्चों के होने पर परिवार में खुशियां आईं इसके बाद हिना को 2 बेटियां हुईं, घर में खुशी छा गई। वहीं, कमाल तो तब हो गया जब इसी दौरान पहली पत्नी को भी बच्चा हो गया। मगर ये मौके परिवार के लिए थोड़ा मुश्किल भरे भी थे, क्योंकि जॉब और शेयर ब्रोकिंग से इतने पैसे नहीं आ रहे थे कि परिवार की सारी जरूरतें पूरी हो सके। ट्रिपल सुसाइड के बाद चेतन के अलग-अलग बयान सामने आए हैं, इनमें वह बता रहे हैं कि 2 साल से बेटी स्कूल नहीं जाती थी, पुलिस अधिकारियों को यह भी बताया कि कोरोना में जब स्कूल बंद हुए तो बेटियां फेल हो गई। इसके बाद बेटियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया। तीनों बच्चियों का स्कूल नहीं जाना भी अपने आप में आर्थिक स्थिति की ओर संकेत कर रहा है। पिछले दो साल से तीनों बेटी गेमिंग एप में गेम खेलती थी कई बार मना भी किया लेकिन वह आधी रात के बाद तक भी गेम में लगी रहती थी। सुसाइड के बाद का वीडियो, मां चिल्ला रही रात की वीडियो भी सामने आई है, इसमें तीनों बच्चियों के शव जमीन पर पड़े हुए दिख रहे हैं। बच्ची की मां गालियां दे रही है, यह इस बात का इशारा कर रहा है कि चेतन की दोनों पत्नियों में भी कुछ कलह हो सकती है। बातचीत में यह भी पता चला कि चेतन की सबसे छोटी साली (पत्नी की सबसे छोटी बहन) का भी आना-जाना लगा रहता था। सबसे छोटी साली शादीशुदा नहीं है। बताया गया कि घटना वाली रात में भी वो घर के अंदर ही थी। पड़ोसी भी इस मामले में हैरान है 2 से 3 दिन तक चेतन आते जाते दिखाई नहीं दिए थे। पड़ोस में रहने वाले लोगों के मुताबिक, चेतन की पत्नी कई बार बालकनी में कपड़े सुखाते हुए दिख जाती थी। मगर ज्यादा किसी का संपर्क नहीं था। ट्रिपल सुसाइड के चश्मदीद की जुबानी मैंने रात में एक बच्ची को रेलिंग पर बैठे देखा
बच्चियां सुसाइड का प्रयास कर रही थीं। रात का कोई 2 बच्चा हुआ था। ठीक सामने के फ्लैट में अरुण मौजूद थे। वो पेशे से कारोबारी हैं, वह उस वक्त इन बच्चियों को देख रहे थे। पहले उन्हें लगा कि कोई कपल है, मगर बाद में उन्हें पता चला कि ये बच्चियां हैं। अरुण ने क्या देखा, ये उनकी जुबानी ही समझते हैं… वह कहते हैं- मैंने देखा कि सामने वाले फ्लैट की बालकनी में लाइट जल रही थी। जब मेरी नजर वहां गई तो उस वक्त कोई रेलिंग पर बैठा था। ये मुझे बहुत एबनार्मल लगा। मैंने जो देखा, उसमें मुझे एक कपल लगा जो सुसाइड का प्रयास कर रहा है, मगर कोई पीछे से उन्हें खींच रहा है। उस वक्त ऐसा नहीं लगा कि ये बच्चियां हैं। इस तरह वो एक बार रेलिंग से नीचे उतर गई। मगर कुछ सेकेंड बाद वह दोबारा रेलिंग पर आ गई। कोई उसके पीछे से लिपट गया, अब ये साये 3 हो चुके थे। फिर मैंने देखा कि सबसे पीछे वाली उसको बचाने का प्रयास कर रही थी। मगर फिर वो एक–एक करके नीचे गिर गए। उन्होंने बताया- मैंने रात में ही एंबुलेंस को कॉल किया। पुलिस के आने पर जो कुछ देखा, वो उन्हें बता दिया। पुलिस ने बच्चियों के मोबाइल अपने कब्जे में लिए हैं, वह जांच कर रही है। अब पूरा मामला जान लीजिए बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूद गई 3 बहनें
गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है। सुसाइड नोट और मोबाइल से मिलेंगे क्लू
ACP शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह कहते हैं- लड़कियों के पिता ऑनलाइन ट्रेडिंग करते हैं, 3 साल से भारत सिटी सोसाइटी में किराये पर रह रहे थे, वह मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। कोरोना महामारी के बाद से इन बच्चियों का स्कूल भी रेगुलर नहीं था। DCP निमिष पाटिल ने कहा- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चियों ने आत्महत्या की है। हमें एक नोट भी मिला है, जिसकी आधिकारिक जांच की जा रही है। जांच में किसी ऐप का नाम नहीं है, लेकिन नोट में लिखा है कि लड़कियां कोरियन कल्चर से प्रभावित थी। उसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है। लड़कियों के पिता की दो शादियां हुई थी, इनकी माता अलग-अलग हैं। …. भास्कर एक्सक्लूसिव भी पढ़िए – सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। फिर उस पर बना क्रॉस का निशान। साथ में लिखा है, “ ‘I am very alone। Make me a heart of broken यानी मैं बहुत अकेली हूं। मेरा दिल टूट गया है।” गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी का यह वह फ्लैट है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम ‘कोरियन लव गेम’ में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाईं। पढ़िए पूरी खबर…