झांसी में बुधवार को एक युवक ने 55 गाड़ियों का जुलूस निकाला। काफिले में ऑडी, थार, स्कॉर्पियो, बलेनो और इनोवा जैसी महंगी गाड़ियां शामिल थीं। गाड़ियों पर भाजपा और सपा के झंडे लगे थे। कई गाड़ियों में हुटर लगे थे। सबसे आगे चल रही ऑडी की नंबर प्लेट पर ‘राव साहब’ लिखा था। युवक ने गांव में शक्ति प्रदर्शन किया और तेज आवाज में डीजे भी बजाता रहा। इस जुलूस की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। मामला मंगलवार का है, वीडियो आज बुधवार को सामने आया है। गांववालों को अपना भौकाल दिखाने वाले युवक के पिता पहले प्रधानी का चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि तब उन्हें हार मिली थी। युवक अब खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। पहले देखिए 3 तस्वीरें…
गाड़ियों से लटककर स्टंट किया
अमरपुर गांव निवासी शिशुपाल यादव और उनके पिता वीरन पाल यादव किसान हैं। उनके पास 4 एकड़ जमीन है। एक एकड़ जमीन बुंदेलखंड औद्योगिक प्राधिकरण को बेची थी। जिसमें करोड़ों रुपए मुआवजा मिला था। शिशुपाल आगामी पंचायत चुनाव में प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दावेदारी मजबूत करने के लिए शिशुपाल ने मंगलवार को गांव में शक्ति प्रदर्शन किया। सुबह गांव के बाहर एक मिनी पिकअप पर डीजे लगाया, जहां सभी लग्जरी गाड़ियां इकट्ठा हुईं। इसके बाद शिशुपाल यादव अपने समर्थकों के पास पहुंचे और वहां से तेज आवाज में डीजे बजाते हुए काफिले के साथ गांव की सड़कों पर निकल पड़े। जुलूस की अगुवाई शिशुपाल यादव ने खुद की। वह लाल रंग की ऑडी कार में बैठे। इसी कार के सनरूफ से बाहर निकलकर एक युवक लगातार वीडियो बनाता रहा। वहीं, अन्य कई कारों में सवार युवक खिड़कियों और दरवाजों से बाहर लटकते हुए नजर आए। काफिला ग्राम पंचायत के एक गांव से दूसरे गांव तक गया। करीब 10 किलोमीटर तक जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया गया। जुलूस में शामिल कई गाड़ियों पर लगे हूटर बजते रहे। खुद वीडियो शेयर किया, लिखा- भावी प्रधान
शक्ति प्रदर्शन का वीडियो बुधवार को शिशुपाल यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया, जिस पर “भावी प्रधान” लिखा हुआ है। शिशुपाल यादव के पिता वीरन यादव पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। लेकिन हार गए थे। अब बेटा प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। थाना प्रभारी बोले- जुलूस की कोई जानकारी नहीं है
इस मामले में दैनिक भास्कर ने रक्सा थाना प्रभारी से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी जुलूस की कोई जानकारी नहीं है। यूपी में अप्रैल-जुलाई के बीच होंगे पंचायत चुनाव मंत्री ओपी राजभर बोले- बैलेट पेपर जिलों में पहुंचे, 28 फरवरी को आएगी वोटर लिस्ट यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा- यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव कराने की तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएंगे। राजभर योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। मंगलवार को वे वाराणसी में थे। उन्होंने पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ होने की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा- पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले होंगे। इसके लिए मतपत्र (बैलेट पेपर) छपकर सभी जिलों में पहुंच चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने होमवर्क शुरू कर दिया है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी को
राजभर ने कहा- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी 2026 को होने जा रहा है। भावी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अंतिम सूची आने से पहले अपने समर्थकों के नाम जुड़वा लें, पंचायत चुनाव ईवीएम (EVM) पर नहीं, बल्कि मतपत्रों के जरिए ही कराए जाएंगे। जिले में तैयारियां चल रहीं
यूपी में प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे। सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है। हर जिले में इसकी तैयारियां चल रही है। अप्रैल से जुलाई के बीच होंगे चुनाव
ओपी राजभर ने कहा- विधानसभा चुनाव से पहले ही पंचायत चुनाव होंगे। हालांकि अभी सटीक तारीखों का ऐलान करने से बचते रहे। बोले- अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। पहले चरण में ग्राम प्रधान, बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) और जिला पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव होंगे। इसके लिए जिले तैयार हैं और बैलेट पेपर जिलों में पहुंचा दिए गए हैं। उनका नोटफिकेशन जल्द किया जाएगा। ——————- ये भी पढ़ें- संसद की सीढ़ियों पर फिसले थरूर, अखिलेश ने संभाला, VIDEO:मोबाइल पर बात करते जा रहे थे; हाथ पकड़कर गाड़ी तक छुड़वाया संसद में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर का संसद की सीढ़ियों से उतरते वक्त संतुलन बिगड़ गया। वे गिर पड़े, तभी पास खड़े सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाल लिया। इतना ही नहीं, अपने सहयोगी आशीष यादव से गाड़ी तक छोड़कर आने को कहा। वह हाथ पकड़कर उन्हें गाड़ी तक ले गए। बताया जा रहा कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय शशि थरूर फोन पर बातचीत करते हुए सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया। पढ़िए पूरी खबर…
गाड़ियों से लटककर स्टंट किया
अमरपुर गांव निवासी शिशुपाल यादव और उनके पिता वीरन पाल यादव किसान हैं। उनके पास 4 एकड़ जमीन है। एक एकड़ जमीन बुंदेलखंड औद्योगिक प्राधिकरण को बेची थी। जिसमें करोड़ों रुपए मुआवजा मिला था। शिशुपाल आगामी पंचायत चुनाव में प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दावेदारी मजबूत करने के लिए शिशुपाल ने मंगलवार को गांव में शक्ति प्रदर्शन किया। सुबह गांव के बाहर एक मिनी पिकअप पर डीजे लगाया, जहां सभी लग्जरी गाड़ियां इकट्ठा हुईं। इसके बाद शिशुपाल यादव अपने समर्थकों के पास पहुंचे और वहां से तेज आवाज में डीजे बजाते हुए काफिले के साथ गांव की सड़कों पर निकल पड़े। जुलूस की अगुवाई शिशुपाल यादव ने खुद की। वह लाल रंग की ऑडी कार में बैठे। इसी कार के सनरूफ से बाहर निकलकर एक युवक लगातार वीडियो बनाता रहा। वहीं, अन्य कई कारों में सवार युवक खिड़कियों और दरवाजों से बाहर लटकते हुए नजर आए। काफिला ग्राम पंचायत के एक गांव से दूसरे गांव तक गया। करीब 10 किलोमीटर तक जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया गया। जुलूस में शामिल कई गाड़ियों पर लगे हूटर बजते रहे। खुद वीडियो शेयर किया, लिखा- भावी प्रधान
शक्ति प्रदर्शन का वीडियो बुधवार को शिशुपाल यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया, जिस पर “भावी प्रधान” लिखा हुआ है। शिशुपाल यादव के पिता वीरन यादव पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। लेकिन हार गए थे। अब बेटा प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। थाना प्रभारी बोले- जुलूस की कोई जानकारी नहीं है
इस मामले में दैनिक भास्कर ने रक्सा थाना प्रभारी से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी जुलूस की कोई जानकारी नहीं है। यूपी में अप्रैल-जुलाई के बीच होंगे पंचायत चुनाव मंत्री ओपी राजभर बोले- बैलेट पेपर जिलों में पहुंचे, 28 फरवरी को आएगी वोटर लिस्ट यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा- यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव कराने की तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएंगे। राजभर योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। मंगलवार को वे वाराणसी में थे। उन्होंने पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ होने की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा- पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले होंगे। इसके लिए मतपत्र (बैलेट पेपर) छपकर सभी जिलों में पहुंच चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने होमवर्क शुरू कर दिया है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी को
राजभर ने कहा- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी 2026 को होने जा रहा है। भावी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अंतिम सूची आने से पहले अपने समर्थकों के नाम जुड़वा लें, पंचायत चुनाव ईवीएम (EVM) पर नहीं, बल्कि मतपत्रों के जरिए ही कराए जाएंगे। जिले में तैयारियां चल रहीं
यूपी में प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे। सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है। हर जिले में इसकी तैयारियां चल रही है। अप्रैल से जुलाई के बीच होंगे चुनाव
ओपी राजभर ने कहा- विधानसभा चुनाव से पहले ही पंचायत चुनाव होंगे। हालांकि अभी सटीक तारीखों का ऐलान करने से बचते रहे। बोले- अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। पहले चरण में ग्राम प्रधान, बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) और जिला पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव होंगे। इसके लिए जिले तैयार हैं और बैलेट पेपर जिलों में पहुंचा दिए गए हैं। उनका नोटफिकेशन जल्द किया जाएगा। ——————- ये भी पढ़ें- संसद की सीढ़ियों पर फिसले थरूर, अखिलेश ने संभाला, VIDEO:मोबाइल पर बात करते जा रहे थे; हाथ पकड़कर गाड़ी तक छुड़वाया संसद में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर का संसद की सीढ़ियों से उतरते वक्त संतुलन बिगड़ गया। वे गिर पड़े, तभी पास खड़े सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाल लिया। इतना ही नहीं, अपने सहयोगी आशीष यादव से गाड़ी तक छोड़कर आने को कहा। वह हाथ पकड़कर उन्हें गाड़ी तक ले गए। बताया जा रहा कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय शशि थरूर फोन पर बातचीत करते हुए सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया। पढ़िए पूरी खबर…