मुख्यमंत्री योगी ने बताया ज्ञान प्राप्त करने का फार्मूला:बोले- मां सरस्वती नहीं करती धर्म पर भेदभाव, महादेव के दर पर जो आएगा वहीं आशीर्वाद प्राप्त करेगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमकेश्वर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इस मौके पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटर कॉलेज यमकेश्वर में दो मंजिला भवन का लोकार्पण किया। इस नवनिर्मित भवन से कॉलेज के छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। लोकार्पण समारोह में जिले के कई अधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद रहे। दोनों मुख्यमंत्रियों की यह यात्रा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा से क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को लाभ होगा। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS…
विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा उत्तराखंड
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष को संपन्न करने के साथ ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उत्तराखंड अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाते हुए अपने सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नए आयाम आज यहां पर स्थापित हो रहे हैं। हम सबको इस बारे में ध्यान रखना होगा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता है। विकास वही सार्थक होता है, जो अपनी सभ्यता और अपनी संस्कृति के मूल्यों का संरक्षण करते हुए उसका सम्मान करते हुए नए आयाम के साथ आगे बढ़ सकें। उस नए आयाम को स्थापित करने के लिए हमारी शिक्षा के केंद्रों को अपने आप को तैयार करना होगा। हमारे स्कूल केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहे। हर सनातन धर्मावलंबी अपने साथ गोत्र लेकर चलता है, जो परंपरा को जोड़ता है। केवल शिक्षा का केंद्र नहीं था गुरुकुल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राचीन काल में गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं था, बल्कि जीवन में पारंगत बनाने के केंद्र बिंदु थे। जहां से पढ़ा हुआ छात्र जीवन में अपने आप को असहाय नहीं पाता था। उसके लिए कोई भी काम छोटा नहीं था। उसके लिए कोई कार्य कठिन भी नहीं था। जब भी किसी व्यक्ति के लिए कोई कार्य न छोटा होता है, न चुनौतीपूर्ण होता है। उसको सफल होने में दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। जीवन में वहीं सफल हुआ है, जिसने सकारात्मक भाव के साथ अपनी सीढ़ी चढ़ने का प्रयास खुद किया हो, वैशाखी के भरोसे नहीं। छात्रों के लिए व्यवहारिक जानकारी भी जरूरी
सीएम ने कहा कि हमारे देश का नेतृत्व ऐसे राष्ट्र ऋषि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है, जो भारत के विकास को नई ऊंचाइयों में लेकर जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करती है। इस नीति में स्कूल केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, व्यवहारिक जानकारी भी उसको होनी चाहिए। हम लोगों को उस ओर जाना होगा। उत्तराखंड सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाया। स्कूल में स्किल लैब हो, आज के समय की जो टेक्नॉलोजी है, उससे जुड़ी हुई चीजों को भी और आसान बनाने की तैयारी और उसका केंद्र बिंदु हमारे स्कूल बन रहे हैं। आज गांव-गांव में कनेक्टिविटी
सीएम ने कहा कि किसी महापुरुष ने 1965 में यमकेश्वर में, जब यहां पर साधन नहीं थे, बिजली नहीं थी, सड़कें नहीं थी, यहां पर बिजली 1986 में आई है। आज गांव-गांव में आवागमन आसान हुआ है। जब हम बचपन में यमकेश्वर में मेले में आते थे और सभी से मिल जुल कर वापस पैदल अपने घर जाते थे। आवागमन के साधन नहीं थे, आज सब कुछ आसान हो चुका है। आज गांव-गांव में कनेक्टिविटी हो गई है। आप कहीं भी आसानी से आ-जा सकते हैं। महादेव के मंदिर जाने पर ही मिलेगा आशीर्वाद
1965 स्थापित इंटर कॉलेज पुराना भवन था आज यहां पर भव्य भवन आपके पास आ गया है। हमारे शिक्षा के केंद्र हमारी संस्कृति के भी आभार स्तंभ बने हैं। हमें अपनी शिक्षा को संस्कारों के साथ जोड़ना है। अक्सर होता है जब विद्यालय की व्यवस्था की बात करते हैं तो कुछ लोग अधकचरे ज्ञान के साथ आते हैं। जो कहते हैं कि सरस्वती वंदना क्यों होनी चाहिए, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर प्रश्न उठाते हैं। मां सरस्वती ये नहीं बोलती कौन व्यक्ति कौन धर्म और कौन मजहब। जो मेहनत करेगा, मां सरस्वती की कृपा उसमें बरसती दिखाई देगी। भेद मां सरस्वती के मन में नहीं है, भेद लेने वाले के मन में हैं, जो लेना नहीं चाहता है, उसको कोई जबरदस्ती नहीं दे सकता है, लेकिन मां कृपा बराबर बरसाती है। महादेव के मंदिर में जो आएगा वहीं आशीर्वाद प्राप्त करेगा। जो आएगा नहीं, वह आशीर्वाद से वंचित ही रहेगा। क्योंकि उसके मन में नकारात्मकता है। नकारात्मकता हमेशा पतन की ओर लेकर जाती है। सकारात्मकता हमारी गति को प्रगति की ओर बढ़ाती है। ये हमें तय करना है कि हमें प्रगति अच्छी लगती है या दुर्गति अच्छी लगती है। अगर प्रगति चाहिए तो सकाराक्मक सोच बनाइए। हिमालय का जल दुनिया के लिए खाद्यान आपूर्ति का माध्यन
सीएम योगी ने कहा कि हिमालय से निकला हुआ जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है। देश का पेट भरता है, दुनिया के लिए खाद्यान आपूर्ति का माध्यन बनता है। बागवानी का एक माध्यम बनता है। पहले सरकार पर निर्भर नहीं थे ग्रामीण
पहले गांव हमारा आधार था। हमने इस क्षेत्र में जब जन्म लिया था, हमारी सरकार पर निर्भरता जीरो थी। किसी भी काम के लिए सरकार पर निर्भरता नहीं, गांव के लोग मिलकर गांव के कार्यों को संपंन्न करते थे। गांव की सड़क भी गांव के लोग मिलकर बनाते थे। सरकार उस समय कभी-कभी आती थी। 1980 में विधायक और सांसद के दर्शन चुनाव के समय होते थे। आज के समय एक महीने तक विधायक इलाके में नहीं पहुंचा तो लोग आंख लाल-पीले करके बैठ जाते हैं। आज संवाद ऊपर से लेकर कार्यकर्ता के स्तर तक हो रहा है। आज गांव को आत्मनिर्भर बनाने की जगह सरकार से अधिक अपेक्षाएं होने लगी हैं। आज हर चीज के लिए सरकार को दोष दिया जाता है। 1980 का समय स्वर्णिम था। ग्रामीण अपने स्तर की ही गांव की समस्याओं को सुलझा लेते थे। लेकिन आज हर घर में झगड़े हो रहे हैं। भाई-भाई में विवाद हो रहा है। ये विकास नहीं नकारात्मकता है, हमें इससे बचना होगा। —————————— ये खबर भी पढ़ें… योगी पौड़ी गढ़वाल में अपनी बड़ी बहन से मिले:5 दिन पहले बहनोई की हुई थी मौत; कोटद्वार में सिद्धबली बाबा के किए दर्शन यूपी के CM योगी आदित्यनाथ रविवार को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल पहुंचे। यहां उन्होंने कोटद्वार में अपनी बड़ी बहन कौशल्या देवी को ढांढस बंधाया और बहनोई ओम प्रकाश सिंह रावत के निधन पर शोक संवेदना जताई।(पढ़ें पूरी खबर)