वाराणसी में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री जब यहां मूर्तियां तोड़वाते हैं तो खून खौल उठता है। काशी का उल्लेख वेदों और पुराणों में मिलता है। काशी एक जीती-जागती सभ्यता है। काशी शिव की नगरी है और भक्ति की नगरी है। मुझे उस समय सुखद अनुभूति हुई थी, जब 2024 के चुनाव परिणाम सामने आ रहे थे और राउंड-दर-राउंड नरेंद्र मोदी हार रहे थे। इसके लिए मैं काशी की जनता को धन्यवाद देती हूं। रविवार को वह वाराणसी में आयोजित कांग्रेस की संविधान संवाद रैली को संबोधित कर रही थीं। इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा, सांसद इमरान मसूद, सांसद किशोरी लाल, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के 20 से अधिक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मंच पर नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर एकजुटता का संदेश दिया। वहीं, कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए।
रैली में 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इसमें बनारस के विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए। विकास के नाम पर सनातन विरासत और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज में अपमान और काशी के ज्वलंत मुद्दों पर शहर के शास्त्री घाट पर रैली भी निकली। रैली में पूर्वांचल के जिलों से कांग्रेसी कार्यकर्ता जुटे हैं।
संविधान संवाद रैली से जुड़े पल-पल के अपडेट जानने के लिए नीचे लगे ब्लॉग से गुजर जाइए…
रैली में 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इसमें बनारस के विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए। विकास के नाम पर सनातन विरासत और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज में अपमान और काशी के ज्वलंत मुद्दों पर शहर के शास्त्री घाट पर रैली भी निकली। रैली में पूर्वांचल के जिलों से कांग्रेसी कार्यकर्ता जुटे हैं।
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